{"_id":"694700463e535cec5d0b5ed9","slug":"danger-due-to-illegal-parking-of-overloaded-vehicles-on-the-overbridge-ghazipur-news-c-313-1-svns1007-144186-2025-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: ओवरब्रिज पर ओवरलोड वाहनों की अवैध पार्किंग से खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: ओवरब्रिज पर ओवरलोड वाहनों की अवैध पार्किंग से खतरा
विज्ञापन
धरवार कला गांव के सामने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के ओवरब्रिज पर खड़े भारी वाहन। संवाद
कासिमाबाद। कासिमाबाद क्षेत्र के धरवार कला गांव के सामने स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ओवरब्रिज पर ओवरलोड भारी वाहनों की अवैध पार्किंग लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ओवरब्रिज के दोनों ओर ट्रक और डंपर खड़े किए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और हादसों की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार ओवरलोड वाहनों के चालक एक्सप्रेसवे की तारबंदी काटकर ओवरब्रिज पर वाहन खड़ा कर नीचे उतर जाते हैं। इसके बाद वे सर्विस लेन के पास स्थित दुकानों और ढाबों पर घंटों समय बिताते हैं। तारबंदी खुले रहने से आवारा पशुओं के एक्सप्रेसवे पर पहुंचने का खतरा बना रहता है, जिससे बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आनंद यादव, अरविंद राजभर, मनु और आलोक सहित ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रात के समय कोहरे के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी चैनेज के पास पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। लोगों का यह भी कहना है कि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही और पार्किंग से ओवरब्रिज की संरचना पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। ओरियंटल कंपनी के प्रबंधक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क की पीली पट्टी के भीतर वाहन खड़ा करने की अनुमति है, लेकिन ओवरब्रिज के पास ओवरलोड वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने तारबंदी काटकर अवैध रास्ता बनाया है तो उसके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जल्द ही ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा।
-- -- -- -
विज्ञापन
स्थानीय लोगों के अनुसार ओवरलोड वाहनों के चालक एक्सप्रेसवे की तारबंदी काटकर ओवरब्रिज पर वाहन खड़ा कर नीचे उतर जाते हैं। इसके बाद वे सर्विस लेन के पास स्थित दुकानों और ढाबों पर घंटों समय बिताते हैं। तारबंदी खुले रहने से आवारा पशुओं के एक्सप्रेसवे पर पहुंचने का खतरा बना रहता है, जिससे बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आनंद यादव, अरविंद राजभर, मनु और आलोक सहित ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रात के समय कोहरे के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी चैनेज के पास पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। लोगों का यह भी कहना है कि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही और पार्किंग से ओवरब्रिज की संरचना पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। ओरियंटल कंपनी के प्रबंधक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क की पीली पट्टी के भीतर वाहन खड़ा करने की अनुमति है, लेकिन ओवरब्रिज के पास ओवरलोड वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने तारबंदी काटकर अवैध रास्ता बनाया है तो उसके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जल्द ही ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा।
विज्ञापन