गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संस्कृति क्लब की ओर से ‘कल्चरल फेस्ट’ में हुए लोकनृत्य में छात्राएं लोक धुनों पर जमकर नाचीं। छात्राओं ने स्थानीय भाषा में कजरी, चैता, कहरवा, सोहर, बिरहा, विदेशिया प्रस्तुत कर लोगों को लोककला से परिचय कराया। संगीत विभाग की शादमानी समूह ने लोकगीत एवं लोक नृत्य दोनों में पहला स्थान प्राप्त किया। जयती जैन के ‘मोहे पनघट पे नंदलाल’ राधना यादव के दामिनी की घटना पर बिरहा, रीता कुशवाहा के लइका लइकन में काहे भेद करी, स्नेहा राय के अहि रे दादा बदल गई दुनिया और फिर आई वोट परधनिया, अर्चना गुप्ता के घर-घर पसरल बा करोना तथा चांद बदरा में छुप के लजा गइले गीत और नृत्य ने समा बांध दिया। लोक नृत्य में पहले स्थान पर शादमानी एवं समूह, दूसरे स्थान पर श्वेता मोदनवाल तथा तीसरे स्थान पर कुमकुम और श्वेता सिंह रहीं। जबकि लोकगीत में राधना यादव एवं शादमानी समूह संयुक्त रूप से प्रथम, स्नेहा राय द्वितीय, अर्चना गुप्ता एवं कुसुम यादव संयुक्त रुप से तृतीय स्थान पर रही। डॉ. दीप्ति सिंह, डॉ. शिवकुमार, डॉ. संगीता मौर्य प्रतियोगिता में निर्णायक रहे। प्राचार्य डॉ. सविता भारद्वाज ने कहा कि देश का प्रत्येक अंचल लोकगीत एवं लोकनृत्य से समृद्ध है। संस्कृति क्लब के संयोजक डॉ. विकास सिंह ने लोकगीत एवं लोक नृत्य की परंपरा पर प्रकाश डाला। संचालन नीतू मोदनवाल एवं साधना यादव ने किया। इस दौरान कार्यक्रम प्रभारी डॉ. हरेंद्र यादव समेत काफी संख्या में प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।