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Ghazipur News: 11 हजार हेक्टेयर बढ़ा खेती का दायरा, विदेश जा रहीं सब्जियां
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गाजीपुर। लहुरी काशी के नाम से प्रसिद्ध इस जिले के लोग अब खेती में भी रुचि ले रहे हैं। इससे खेती का दायरा भी बढ़ गया है और विदेशों में भी सब्जियां भेजी जा रही हैं। वाराणसी दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गाजीपुर की भिड़ी का जिक्र किया। यहां करीब 500 हेक्टेयर में भिंडी की की खेती होती है।
गाजीपुर में 5 लाख 65 हजार 150 किसान है। इनमें बड़ी संख्या में किसान धीरे-धीरे परंपरागत खेती के साथ-साथी आधुनिक तकनीकी खेती करने लगे हैं। किसान ऑर्गेनिक खेती कर यूरोप और खाड़ी देशों में मटर, मिर्च, भिंडी का एक्सपोर्ट कर मुनाफा कमा रहे हैं। इसके साथ ही किसानों का खेती के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करते हुए जागरूक भी कर रहे हैं, ताकि किसानों की आय बढ़ सके। इतना ही नहीं ऑर्गेनिक और आधुनिक खेती से मिली उपज को एक्सपोर्ट कर लागत से पांच गुना अधिक कमाई कर रहे हैं। इनमें एक मुहम्मदाबाद क्षेत्र के जोगा मुसाहिब के डॉ. रामकुमार राय भी हैं, जो पहले परंपरागत खेती करते थे। लेकिन इसमें लाभ न मिलने के चलते उन्होंने बीते सात वर्षों से आधुनिक खेती करना शुरू किया है। प्रगतिशील किसान डॉ. रामकुमार राय अपने खेतों की सब्जी लंदन और सऊदी अरब तक भेजकर पांच गुना ज्यादा मुनाफ कमा रहे हैं।
राजकुमार राय के अनुसार साल 2020-21 में उन्हें एक्सपोर्ट करने का लाइसेंस मिला था। एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) ने उन्हें यह लाइसेंस दिया था। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में सब्जियों के नुकसान होने के बाद विदेश भेजने के लिए लाइसेंस हासिल करने का निर्णय लिया। उसके बाद अब मटर, मिर्च और तीसी का एक्सपोर्ट कर रहे हैं। फरवरी-मार्च में शारजाह में बीस टन भिंडी भेजी गई थी। उनका कहना है है गांव में 50 एकड़ से खेती की शुरूआत की थी। अब 615 किसान मिलकर चार सौ हेक्टेयर में खेती कर रहे हैं।
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2023 में 1.78 लाख हेक्टेयर में होती थी खेती
गाजीपुर। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार बताते हैं कि 2023 की तुलना में 11 हजार हेक्टेयर खेती का दायरा बढ़ा है। वर्ष 2023 में 1.78 लाख हेक्टेयर में लोग खेती कर रहे थे, जबकि इस बार 1.89 लाख हेक्टेयर में खेती कर रहे हैं। इस बार धान की खेती 1.58 लाख हेक्टेयर में जिले के किसान कर रहे हैं। बाजरा 17740 हेक्टेयर, उरद 1005 हेक्टेयर, अरहर 7624, ज्वार 4176 हेक्टेयर. मक्का 782 हेक्टेयर और मूंग 47 हेक्टेयर में किसान खेती कर रहे हैं।
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12 हजार हेक्टेयर में सब्जी तो 350 हेक्टेयर में केले की खेती
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शैलेंद्र दुबे बताते हैं कि जिले में 12 हजार हेक्टेयर के क्षेत्रफल में सब्जियों की खेती होती है। सबसे अधिक 1200 हेक्टेयर में मिर्चा, 950 हेक्टेयर में टमाटर, 1080 हेक्टेयर में आलू और करीब 500 हेक्टेयर में भिंडी की खेती होती है। इसके अलावा 350 हेक्टेयर में केले की खेती होती है। मूलरूप से सब्जियों की खेती भांवरकोल, मुहम्मदाबाद, रेवतीपुर में अधिक होती है। यहां की सब्जियां खाड़ी देशों में भेजी जाती है।
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गाजीपुर में 5 लाख 65 हजार 150 किसान है। इनमें बड़ी संख्या में किसान धीरे-धीरे परंपरागत खेती के साथ-साथी आधुनिक तकनीकी खेती करने लगे हैं। किसान ऑर्गेनिक खेती कर यूरोप और खाड़ी देशों में मटर, मिर्च, भिंडी का एक्सपोर्ट कर मुनाफा कमा रहे हैं। इसके साथ ही किसानों का खेती के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करते हुए जागरूक भी कर रहे हैं, ताकि किसानों की आय बढ़ सके। इतना ही नहीं ऑर्गेनिक और आधुनिक खेती से मिली उपज को एक्सपोर्ट कर लागत से पांच गुना अधिक कमाई कर रहे हैं। इनमें एक मुहम्मदाबाद क्षेत्र के जोगा मुसाहिब के डॉ. रामकुमार राय भी हैं, जो पहले परंपरागत खेती करते थे। लेकिन इसमें लाभ न मिलने के चलते उन्होंने बीते सात वर्षों से आधुनिक खेती करना शुरू किया है। प्रगतिशील किसान डॉ. रामकुमार राय अपने खेतों की सब्जी लंदन और सऊदी अरब तक भेजकर पांच गुना ज्यादा मुनाफ कमा रहे हैं।
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राजकुमार राय के अनुसार साल 2020-21 में उन्हें एक्सपोर्ट करने का लाइसेंस मिला था। एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) ने उन्हें यह लाइसेंस दिया था। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में सब्जियों के नुकसान होने के बाद विदेश भेजने के लिए लाइसेंस हासिल करने का निर्णय लिया। उसके बाद अब मटर, मिर्च और तीसी का एक्सपोर्ट कर रहे हैं। फरवरी-मार्च में शारजाह में बीस टन भिंडी भेजी गई थी। उनका कहना है है गांव में 50 एकड़ से खेती की शुरूआत की थी। अब 615 किसान मिलकर चार सौ हेक्टेयर में खेती कर रहे हैं।
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2023 में 1.78 लाख हेक्टेयर में होती थी खेती
गाजीपुर। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार बताते हैं कि 2023 की तुलना में 11 हजार हेक्टेयर खेती का दायरा बढ़ा है। वर्ष 2023 में 1.78 लाख हेक्टेयर में लोग खेती कर रहे थे, जबकि इस बार 1.89 लाख हेक्टेयर में खेती कर रहे हैं। इस बार धान की खेती 1.58 लाख हेक्टेयर में जिले के किसान कर रहे हैं। बाजरा 17740 हेक्टेयर, उरद 1005 हेक्टेयर, अरहर 7624, ज्वार 4176 हेक्टेयर. मक्का 782 हेक्टेयर और मूंग 47 हेक्टेयर में किसान खेती कर रहे हैं।
12 हजार हेक्टेयर में सब्जी तो 350 हेक्टेयर में केले की खेती
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शैलेंद्र दुबे बताते हैं कि जिले में 12 हजार हेक्टेयर के क्षेत्रफल में सब्जियों की खेती होती है। सबसे अधिक 1200 हेक्टेयर में मिर्चा, 950 हेक्टेयर में टमाटर, 1080 हेक्टेयर में आलू और करीब 500 हेक्टेयर में भिंडी की खेती होती है। इसके अलावा 350 हेक्टेयर में केले की खेती होती है। मूलरूप से सब्जियों की खेती भांवरकोल, मुहम्मदाबाद, रेवतीपुर में अधिक होती है। यहां की सब्जियां खाड़ी देशों में भेजी जाती है।