{"_id":"5989f4784f1c1b896c8b469b","slug":"crop-sinking","type":"story","status":"publish","title_hn":"सैकड़ों एकड़ फसल डूबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सैकड़ों एकड़ फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:57 PM IST
विज्ञापन
मंगई नदी के बाढ़ में डूबी फसल।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मगई नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ने से नदी के तटवर्ती गांव के खेतों में पानी भर गया है। नदी के पानी से जहां सैकड़ों एकड़ खरीफ की फसल डूब गई है, वहीं सब्जी की खेती भी बरबाद हो गई है। खासकर रघुवरगंज, परसा एवं हाटा गांव में धान की बोई गई फसल नष्ट हो गई है। इसके साथ ही नदी के किनारे की गई सब्जी की खेती को भी काफी नुकसान पहुंचा है। नदी के पानी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों का कहना है कि अगस्त माह के शुरुआत में ही नदी का जलस्तर कभी इतना नहीं बढ़ता था।
पिछले एक सप्ताह से मगई नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी। धीरे-धीरे मगई नदी का पानी तटवर्ती खेतों में लगी फसलों को डुबोना शुरू कर दिया। अत्यधिक जलवृष्टि की वजह से केवल मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र में मगई नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
नदी का पानी बढ़ने से सवना, रसूलपुर, भाला, सोनबरसा, अब्बासपुर, क्यामपुर, सुखपुरा, मोहनपुरा, चकिया, जकरौली, पहाड़ीपुर, रघुवरगंज, हाटा, मलिकपुरा, नसरतपुर, सिलाइच, खेमपुर, परसा, राजापुर आदि गांव के किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल पूरी तरह डूब गई है। पानी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो बाढ़ से व्यापक पैमाने पर तबाही हो सकती है।
विज्ञापन
रघुवरगंज उर्फ विशुनपुरा, परसा, हाटा एवं सिलाइच में मगई की बाढ़ से सैकड़ों एकड़ सब्जी एवं मक्के की खेती पूरी तरह प्रभावित है। इन गांव के किसान बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती करते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से नेनुआ, भिंडी, लौकी की खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
सब्जी की खेती करने वाले किसान, राजबली यादव, फूलचन्द्र कुशवाहा, गुलाब कुशवाहा, राजेन्द्र राय, डिम्पल राय, ईश्वरचंद्र शर्मा ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से हम लोगों की सब्जी की खेती पूरी तरह डूब जाने से उसके सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। बाढ़ से किसानों को व्यापक आर्थिक क्षति हुई है। किसानों ने खेती को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
रघुवरगंज के ग्राम प्रधान संजू जायसवाल एवं भाजपा मुहम्मदाबाद मंडल के अध्यक्ष सतीशचन्द्र राय ने बताया कि प्रति वर्ष आजमगढ़ से शारदा पंप कैनाल का पानी असमय छोड़ दिए जाने से मुहम्मदाबाद तहसील के दो दर्जन से अधिक गांव के तटवर्ती इलाकों में व्यापक तबाही होती है।
जिलाधिकारी के माध्यम से इस समस्या की तरफ ध्यान दिलाया गया लेकिन आज तक इस समस्या का स्थायी निदान नहीं हो सका है। इसके चलते इस वर्ष भी मगई की बाढ़ से लोगों को व्यापक क्षति पहुंची है। उपजिलाधिकारी शिवप्रसाद ने कहा कि मगई का जलस्तर बढ़ा है। फसल की क्षति का सर्वे कराकर किसानों को फसल बीमा सहित हर सम्भव मदद दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
पिछले एक सप्ताह से मगई नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी। धीरे-धीरे मगई नदी का पानी तटवर्ती खेतों में लगी फसलों को डुबोना शुरू कर दिया। अत्यधिक जलवृष्टि की वजह से केवल मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र में मगई नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
नदी का पानी बढ़ने से सवना, रसूलपुर, भाला, सोनबरसा, अब्बासपुर, क्यामपुर, सुखपुरा, मोहनपुरा, चकिया, जकरौली, पहाड़ीपुर, रघुवरगंज, हाटा, मलिकपुरा, नसरतपुर, सिलाइच, खेमपुर, परसा, राजापुर आदि गांव के किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल पूरी तरह डूब गई है। पानी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो बाढ़ से व्यापक पैमाने पर तबाही हो सकती है।
विज्ञापन
रघुवरगंज उर्फ विशुनपुरा, परसा, हाटा एवं सिलाइच में मगई की बाढ़ से सैकड़ों एकड़ सब्जी एवं मक्के की खेती पूरी तरह प्रभावित है। इन गांव के किसान बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती करते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से नेनुआ, भिंडी, लौकी की खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
सब्जी की खेती करने वाले किसान, राजबली यादव, फूलचन्द्र कुशवाहा, गुलाब कुशवाहा, राजेन्द्र राय, डिम्पल राय, ईश्वरचंद्र शर्मा ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से हम लोगों की सब्जी की खेती पूरी तरह डूब जाने से उसके सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। बाढ़ से किसानों को व्यापक आर्थिक क्षति हुई है। किसानों ने खेती को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
रघुवरगंज के ग्राम प्रधान संजू जायसवाल एवं भाजपा मुहम्मदाबाद मंडल के अध्यक्ष सतीशचन्द्र राय ने बताया कि प्रति वर्ष आजमगढ़ से शारदा पंप कैनाल का पानी असमय छोड़ दिए जाने से मुहम्मदाबाद तहसील के दो दर्जन से अधिक गांव के तटवर्ती इलाकों में व्यापक तबाही होती है।
जिलाधिकारी के माध्यम से इस समस्या की तरफ ध्यान दिलाया गया लेकिन आज तक इस समस्या का स्थायी निदान नहीं हो सका है। इसके चलते इस वर्ष भी मगई की बाढ़ से लोगों को व्यापक क्षति पहुंची है। उपजिलाधिकारी शिवप्रसाद ने कहा कि मगई का जलस्तर बढ़ा है। फसल की क्षति का सर्वे कराकर किसानों को फसल बीमा सहित हर सम्भव मदद दिलाई जाएगी।