{"_id":"572250dd4f1c1b3f44a918f2","slug":"married-to-a-life-term-in-killing","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवाहिता की हत्या में एक को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विवाहिता की हत्या में एक को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम रुपेश रंजन की अदालत ने गुरुवार को चार वर्ष पूर्व बरेसर थाने के रेंगा गांव में हुई विवाहिता की हत्या के मामले में देवर मुलायम यादव को उम्रकैद और बीस हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। विवाहिता के पति, सास, ससुर एवं देवर को दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत एक-एक वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
मऊ जिले के थाना हलधरपुर के पिपरसाथ गांव निवासी खुरचंद यादव की पुत्री रंजना की शादी बरेसर थाना क्षेत्र के रेंगा निवासी लालू यादव पुत्र पवारू के साथ 18 अप्रैल 2012 को हुई थी। दहेज में लालू यादव को 50 हजार रूपये, और आभूषण दिया था। कलेवा लेकर खुरचंद अपनी पुत्री के ससुराल गया तो पवारू ने उसे बेटी से मिलने नहीं दिया और दहेज में भैंस देने पर ही मिलने की बात कही। खुरचंद का आरोप है कि 30 अप्रैल 2012 को ससुर पवारू यादव, पति लालू यादव पुत्र पवारू यादव, देवर मुलायम यादव और सास तारा देवी ने मिट्टी का तेल छिड़कर रंजना को जला दिया। वह जब बेटी से मिलने पहुंचा तो पता चला कि उसे मऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उसी दिन भोर में तीन बजे रंजना की मृत्यु हो गई। तहरीर के आधार पर बरेसर थाने दहेज हत्या और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था। विचारणा के दौरान हत्या का भी आरोप तय किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र सिंह यादव ने आठ गवाह पेश किए। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने के बाद देवर मुलायम यादव पर हत्या और अन्य आरोपियों दहेज प्रतिषेध अधिनियम का दोष सिद्ध हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ जिले के थाना हलधरपुर के पिपरसाथ गांव निवासी खुरचंद यादव की पुत्री रंजना की शादी बरेसर थाना क्षेत्र के रेंगा निवासी लालू यादव पुत्र पवारू के साथ 18 अप्रैल 2012 को हुई थी। दहेज में लालू यादव को 50 हजार रूपये, और आभूषण दिया था। कलेवा लेकर खुरचंद अपनी पुत्री के ससुराल गया तो पवारू ने उसे बेटी से मिलने नहीं दिया और दहेज में भैंस देने पर ही मिलने की बात कही। खुरचंद का आरोप है कि 30 अप्रैल 2012 को ससुर पवारू यादव, पति लालू यादव पुत्र पवारू यादव, देवर मुलायम यादव और सास तारा देवी ने मिट्टी का तेल छिड़कर रंजना को जला दिया। वह जब बेटी से मिलने पहुंचा तो पता चला कि उसे मऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
उसी दिन भोर में तीन बजे रंजना की मृत्यु हो गई। तहरीर के आधार पर बरेसर थाने दहेज हत्या और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था। विचारणा के दौरान हत्या का भी आरोप तय किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र सिंह यादव ने आठ गवाह पेश किए। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने के बाद देवर मुलायम यादव पर हत्या और अन्य आरोपियों दहेज प्रतिषेध अधिनियम का दोष सिद्ध हुआ।
विज्ञापन