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दो ने दी आत्मदाह की चेतावनी
Updated Wed, 06 Jun 2018 10:48 PM IST
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गाजीपुर। मरदह थाना के नरवर गांव निवासी राघवेंद्र चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री को पत्रक भेजा है। दिए गए पत्रक में आरोप लगाया है कि सदर कोतवाली क्षेत्र के एक दबंग प्रापर्टी डीलर के दबाव में राजस्व अधिकारियों ने मेरी जमीन पर गलत आदेश पारित कर दिया है। इस मामले को लेकर वह कई बार जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों से गुहार लगा चुका है। चेतावनी दिया कि यदि इस आदेश को निरस्त नहीं किया गया तो 8 जून को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
जमानिया संवाददाता के अनुसार बकाया मानदेय न मिलने को लेकर रामपुर उर्फ सलेमपुर गांव निवासी शिक्षा प्रेरक एवं बीएलओ मनराज भारतवंशी ने मंगलवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। न्याय नहीं मिलने पर आगामी 19 जून को उपजिलाधिकारी के न्यायालय के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। आवेदनकर्ता मनराज भारतवंशी ने आरोप लगाया है कि बकाया मानदेय की मांग दो वर्षों से कर रहा है। इसको लेकर 20 दिसंबर 2016 को भी तहसील दिवस पर आवेदन दिया था। आज तक बकाया मानदेय नहीं मिलने से हमारा पूरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। बच्चों को शिक्षा से भी वंचित होना पड़ा। इसको लेकर पुन: 1 मई को भी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर आयुक्त वाराणसी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाया था, लेकिन आज तक न्याय नहीं मिल सका। बार-बार तहसील और अधिकारियों का चक्कर लगाते-लगाते थक चुका हूं, इसलिए मेरे पास आत्मदाह के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
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जमानिया संवाददाता के अनुसार बकाया मानदेय न मिलने को लेकर रामपुर उर्फ सलेमपुर गांव निवासी शिक्षा प्रेरक एवं बीएलओ मनराज भारतवंशी ने मंगलवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। न्याय नहीं मिलने पर आगामी 19 जून को उपजिलाधिकारी के न्यायालय के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। आवेदनकर्ता मनराज भारतवंशी ने आरोप लगाया है कि बकाया मानदेय की मांग दो वर्षों से कर रहा है। इसको लेकर 20 दिसंबर 2016 को भी तहसील दिवस पर आवेदन दिया था। आज तक बकाया मानदेय नहीं मिलने से हमारा पूरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। बच्चों को शिक्षा से भी वंचित होना पड़ा। इसको लेकर पुन: 1 मई को भी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर आयुक्त वाराणसी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाया था, लेकिन आज तक न्याय नहीं मिल सका। बार-बार तहसील और अधिकारियों का चक्कर लगाते-लगाते थक चुका हूं, इसलिए मेरे पास आत्मदाह के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
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