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फर्जी अर्दली और पीए के साथ गांव आता था मंजित

Wed, 06 Jun 2018 10:48 PM IST
Updated Wed, 06 Jun 2018 10:48 PM IST
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फर्जी अर्दली और पीए के साथ गांव आता था मंजित
करंडा(गाजीपुर)। आगरा के लायर्स कालोनी में फर्जी आईएएस अफसर बनकर रिटायर्ड शिक्षाधिकारी के बेटी से शादी करने पहुंचा डा. मंजित राज जालसाजी का मास्टर माइंड है। वह जनपद के करंडा थाने के नारी पचदेवरा गांव का रहने वाला है। मंजित का पिता गोविंद राम भी शुरू से ही फर्जीवाड़ा करता आया है। वह शादी-विवाह में बैंडबाजा बजाने का कार्य करता है। उसने दो शादियां की हैं। मंजित पहली पत्नी का बड़ा पुत्र है। गांववासियों की माने तो मंजित जब भी गांव में आता था, रुतबा जमाने के लिए उसकी गाड़ी में फर्जी अर्दली और पीए के साथ ही एस्कार्ट के तौर पर जिप्सी में चार-पांच फर्जी पुलिसकर्मी भी रहते थे। फर्जी अफसर बन डीएम को धौंस जमाने में वह पहले भी जेल की हवा खा चुका है।
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करंडा थाना क्षेत्र के नारी पंचदेवरा निवासी गोविंद राम का पुत्र तथा कथित आईएएस मंजित राज पिछले दिनों खुद को पांडिचेरी के उपराज्यपाल का ओएसडी बताया था। वह खुद को आईएएस बता कर आगरा के रिटायर्ड शिक्षाधिकारी की बेटी से विवाह करने के चक्कर में अपने पिता, चाचा तथा चालक के साथ जेल चला गया। ग्रामीणों ने बताया कि मंजित राज का पिता गोविंद राम भी शुरू से फर्जी कार्य करता रहा है। वह शादी-विवाह तथा अन्य अवसरों पर बैंड बाजा बजाने का काम करता था। गोविंद ने भी दो शादियां की हैं। पहली पत्नी से दो लड़के तथा दूसरी से भी एक पुत्र है। पहली पत्नी का बड़ा पुत्र मंजित राम इंटरमीडिएट की पढ़ाई रामपुर मांझा से करने के बाद स्नातक की पढ़ाई करने गाजीपुर चला गया। गाजीपुर पहुंचने के बाद मंजित के भी पंख आ गए और वह गांव तथा आसपास के लोगों से जालसाजी करना शुरू कर दिया। तीन-चार वर्ष पहले आजमगढ़ के जिलाधिकारी से भी फर्जी अधिकारी बनकर धौंस जमाने के चक्कर में तीन माह तक वह जेल में रहा। कई बार कुछ लोगों को मुख्तार अंसारी का करीबी बता कर धौंस देकर धन उगाही का भी काम किया। दो-ढाई वर्ष पहले ही अपने को आईएएस अफसर बताना शुरू कर दिया। गांव के लोगों के बीच रुतबा जमाने के लिए वह इनोवा कार से फर्जी अर्दली और पीए को साथ लेकर आता था। इतना ही नहीं उसके साथ एस्कार्ट के रूप में जिप्सी में चार-पांच फर्जी पुलिस कर्मी भी मौजूद रहते थे। मंजित और उसके पिता तथा चाचा के पुलिस फंदे में फंसने के बाद गांववासियों में इस बात की चर्चा हो रही है कि मंजित जालसाजी की वजह से खुद तो जेल गया और अपने पिता और चाचा को भी लेता गया। मंजित के इस कृत्य पर सभी थू-थू कर रहे हैं।
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