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जेई और कर्मचारियों पर हमले के मामले में तीन गिरफ्तार
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गाजीपुर। नोनहरा थाना क्षेत्र के धरवा गांव में बीते गुरुवार की दोपहर ट्यूबवेल के कनेक्शन की जांच करने के दौरान ग्रामीणों द्वारा विद्युत विभाग के जेई और कर्मचारियों पर हमला करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को मंगलवार को गिफ्तार कर लिया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
बीते तीन जनवरी को अलावलपुर विद्युत उपकेंद्र के जेई नीरज कुमार दो लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों के साथ विद्युत चेकिंग करने धरवा गांव में गए थे। गांव में विद्युत कनेक्शनों की जांच करने के दौरान ग्रामीणों ने जेई को यह कहते हुए रोक दिया था कि इस गांव में आज तक किसी अधिकारी ने विद्युत चेकिंग नहीं की। इस पर जेई ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत आप लोग विद्युत कनेक्शन करा लीजिए, कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके बाद जेई वहां से आगे बढ़ गए थे। कुछ ही दूरी पर चल रहे एक ट्यूबवेल पर नजर पड़ी तो जेई ने कर्मचारियों से उसके कनेक्शन की जांच करने को कहा। जैसे ही कर्मचारी ट्यूबवेल के पास पहुंचे, कई ग्रामीण लाठी-डंडे से लैस होकर वहां पहुंच गए और कर्मचारियों को मारना-पीटना शुरू कर दिया था। ट्यूबवेल से दूर खड़े जेई नीरज कुमार को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया था। किसी तरह अधिकारी और कर्मचारियों ने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई थी। इस मामले में जेई ने चार नामजद तथा दस अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि मंगलवार को आरोपी राजेंद्र सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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बीते तीन जनवरी को अलावलपुर विद्युत उपकेंद्र के जेई नीरज कुमार दो लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों के साथ विद्युत चेकिंग करने धरवा गांव में गए थे। गांव में विद्युत कनेक्शनों की जांच करने के दौरान ग्रामीणों ने जेई को यह कहते हुए रोक दिया था कि इस गांव में आज तक किसी अधिकारी ने विद्युत चेकिंग नहीं की। इस पर जेई ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत आप लोग विद्युत कनेक्शन करा लीजिए, कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके बाद जेई वहां से आगे बढ़ गए थे। कुछ ही दूरी पर चल रहे एक ट्यूबवेल पर नजर पड़ी तो जेई ने कर्मचारियों से उसके कनेक्शन की जांच करने को कहा। जैसे ही कर्मचारी ट्यूबवेल के पास पहुंचे, कई ग्रामीण लाठी-डंडे से लैस होकर वहां पहुंच गए और कर्मचारियों को मारना-पीटना शुरू कर दिया था। ट्यूबवेल से दूर खड़े जेई नीरज कुमार को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया था। किसी तरह अधिकारी और कर्मचारियों ने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई थी। इस मामले में जेई ने चार नामजद तथा दस अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि मंगलवार को आरोपी राजेंद्र सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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