फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   crime

नियमों को ताक पर रख 25 बीघा भूमि किसानों को आवंटित

Tue, 27 Aug 2019 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 Aug 2019 11:45 PM IST
विज्ञापन
crime
कासिमाबाद। कासिमाबाद तहसील अपने अधिकारियों के कारनामे के चलते एक बार फिर चर्चा में हैं। आरोप है कि 27 वर्ष पूर्व मुहम्मदपुर कुसुम ग्राम पंचायत में 25 बीघा भूमि नियमों को ताक पर रखकर किसानों को आवंटित कर दिया गया। इस बात की खबर ग्रामीणों को लगते ही पूरे ग्राम पंचायत में हड़कंप मच गई है। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कासिमाबाद के तहसीलदार को जांच सौंपकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन

मुहम्मदपुर कुसुम ग्राम पंचायत में तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा 15 फरवरी 1991 को कृषि योग्य भूमि के लिए 35 लोगों के नाम कृषि आवंटन का प्रस्ताव किया गया। इस दौरान तत्कालीन मुहम्मदाबाद तहसील के परगना अधिकारी/उप जिलाधिकारी द्वारा 10 जुलाई 1991 को स्वीकृति भी दे दी गई। परगनाधिकारी की ओर से स्वीकृत इस प्रस्ताव को सरकारी अभिलेखों (मलकान) में किसानों के नाम दर्ज नहीं किए गए। यह मामला तभी से ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। उस समय अभिलेखों में किसानों के नाम क्यों नहीं दर्ज किए गए यह अपने आप में प्रश्न चिह्न है। गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि 27 वर्ष बाद तत्कालीन तहसीलदार कासिमाबाद प्रमोद कुमार ने पट्टाधारकों के प्रस्तावित 25 बीघा भूमि का निरीक्षण किए बिना ही 10 जुलाई 1991 के प्रस्ताव की नकल पर ही पिछले जनवरी माह में सभी किसानों के नाम भूमि आवंटित करते हुए अभिलेखों में नाम दर्ज करा दिया। इसकी जानकारी लोगों को तब पता चली है, जब तहसीलदार प्रमोद कुमार के स्थानांतरण के बाद खतौनी जारी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, जिन लोगों को कृषि योग्य भूमि आवंटित की गई है। उसमें करीब 50 वर्ष से गांव के दूसरे लोगों के घर, बागीचे, खलियान में आदि बने हुए हैं। यही नहीं, आवंटित भूमि में तालाब, भीटा के साथ टोंस नदी के भाग भी इस आवंटन में है। इसे लेकर पूरे गांव में तनाव की स्थिति है। ग्रामीणों का आरोप है कि कासिमाबाद तहसील बनने के बाद भ्रष्टाचार चरम सीमा पर बढ़ गया है। अधिकारी बेलगाम होकर गलत आदेश करते जा रहे हैं, जिससे गांव के लोगों में आपस में ही टकराव बढ़ गया है।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग
कासिमाबाद। ग्राम पंचायत मुहम्मदपुर कुसुम में 1991 में ग्राम पंचायत के निर्वाचित उप प्रधान गरजन यादव के साथ भूमि प्रबंध समिति के सदस्य रहे निरहू राम, मीरा देवी, बुद्धिराम, श्यामरथी देवी, चंद्रहंस यादव एवं कांता चौहान काफी बुजुर्ग हो चुके हैं। जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया है कि यह सभी आवंटन के प्रस्ताव फर्जी हैं। हमलोग उस समय ग्राम पंचायत के सदस्य थे। इस तरह का कोई हस्ताक्षर हमलोगों ने नहीं किया है। न ही बैठक की गई। इसकी जांच कराकर तहसीलदार प्रमोद कुमार सहित अधीनस्थ कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए अनुरोध किया है। गांव के जनार्दन राजभर, जितेंद्र राजभर, रामअवध, इंद्रदेव चौहान, देवचंद चौहान, रामकृत, वासुदेव, परशुराम, सुदर्शन, विश्वनाथ आदि सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर से मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई है। प्रार्थना पत्र में आवंटित पट्टे को गलत बताते हुए पट्टा निरस्त करने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

... तो आवंटन कर दिया जाएगा रद
कासिमाबाद। मुहम्मदपुर कुसुम ग्राम पंचायत में गलत तरीके से किए गए भूमि आवंटन को जिलाधिकारी के बालाजी ने गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार कासिमाबाद विराग पांडेय को जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। तहसीलदार विराग पांडेय ने बताया कि लेखपाल को जांच करने का निर्देश दिया गया है। भौतिक सत्यापन के बाद अगर प्रस्तावित भूमि पर दूसरे लोगों का मकान आदि बना होगा तो आवंटन रद कर दिया जाएगा। उधर, उप जिलाधिकारी कासिमाबाद मंशाराम वर्मा ने बताया कि अगर बिना सत्यापन किए मलकान में नाम दर्ज किया गया है तो पूरी तरह से आदेश गलत है। तत्कालीन तहसीलदार को आदेश करने से पहले उपजिलाधिकारी से उचित दिशा निर्देश लेना चाहिए था। 27 वर्ष बाद आदेश करना तहसीलदार के अधिकार क्षेत्र से ऊपर का है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed