फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Corona returned again and again, routine vaccination slowed down

बार- बार लौटा कोरोना, मंद पड़ा नियमित टीकाकरण

Wed, 30 Mar 2022 12:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2022 12:06 AM IST
विज्ञापन
Corona returned again and again, routine vaccination slowed down
गाजीपुर। कोरोना के चलते नियमित टीकाकरण पिछड़ गया। लहर का प्रभाव कम होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंद्रधनुष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीके लगवाए गए। पल्स पोलियो अभियान के चलते इस साल 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को कोविड वैक्सीन लगाने की गति भी सुस्त हो गई थी। 28 मार्च को अभियान के समाप्ति के बाद कोविड टीकाकरण मेें तेजी आई है।
विज्ञापन

कोरोना की पहली लहर में स्वास्थ्य विभाग सिर्फ जांच और इलाज में लगा रहा। उस दौरान ज्यादातर दूसरी स्वास्थ्य सेवाएं ठप थीं। 16 जनवरी 2021 में कोविड टीकाकरण का शुभारंभ हुआ। पहले चरण में 13 हजार स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों का टीकाकरण किया गया। उसके बाद 45 वर्ष से 60 आयु वर्ग और बीमारियों से पीड़ित लोगों को टीके लगाए गए। पिछले साल मार्च के अंतिम सप्ताह से कोरोना की दूसरी लहर आ गई। पीड़ितों का इलाज पहली प्राथमिकता बन गया। दूसरी लहर का प्रभाव कम हुआ तो बीते मई माह में 18 वर्ष से 44 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के टीकाकरण किया जाने लगा। इसके बाद किशोरों का टीकाकरण शुरू हो गया। अगर विभागीय आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 2754132 लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसमें 2193345 लोगों ने दोनों डोज लेकर अपने सुरक्षित कर लिया। जबकि 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के लिए निर्धारित 253910 लक्ष्य के सापेक्ष 223456 किशोर दोनों डोज ले चुके हैं। अब विभाग का जोर 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों के टीकाकरण पर है। इस आयुवर्ग के 153354 बच्चे चिह्नित किए गए हैं, जिसमें 9240 को पहला डोज लगा है।
विज्ञापन

सारा जोर कोविड से निपटने पर होने के कारण नियमित टीकाकरण पर काफी प्रभाव पड़ा। इसके चलते नौ मार्च से 16 मार्च तक इंद्रधनुष अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं और नवजातों का टीकाकरण किया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. उमेश कुमार ने बताया कि पहली, दूसरी और तीसरी लहर से नियमित टीकाकरण पर प्रभाव पड़ा था। ऐसे में कोविड टीकाकरण के आ जाने के कारण भी काफी असर था। अब इंद्रधनुष अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजातों को नियमित टीका लगाने का कार्य किया जा रहा है। कोविड का टीका सिर्फ कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए है, इससे किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed