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विकास कार्यों को मुद्दा बना जनता के बीच भागदौड़ करते देखे जा रहे दावेदार

Mon, 27 Jul 2020 09:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2020 09:18 PM IST
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Contenders are seen running around in public
गाजीपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की संभावना को देखते हुए प्रधानों की ओर से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य तेजी से कराया जा रहा था वहीं चुनाव टलने की स्थिति में गांवों में हो रहे विकास कार्यो की गति धीमी पड़ गई है। हालांकि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी गांव में विकास कार्यों को मुद्दा बनाकर जनता के बीच अभी भी भागदौड़ करते देखे जा रहे हैं।
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वैश्विक महामारी कोरोना में सरकार की ओर से घोषित लॉकडाउन की अवधि में मनरेगा से काम कराए गए हैं। जनता को कोई तकलीफ न हो इसके लिए अधिकांश चुनाव लड़ने वाले एवं वर्तमान प्रधानों ने मास्क, सेनेटाइजर, राशन आदि देकर उन्हें सहयोग देने का काम किया है। इधर जब से चुनाव टलने की संभावना दिखी है वर्तमान प्रधानों के साथ चुनाव लड़ने वालों के अंदर मायूसी देखी जा रही है। कासिमाबाद संवाददाता के अनुसार ग्राम प्रधान जहूराबाद सुरजीत कुमार ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में ग्राम पंचायत में नाली, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग आदि के साथ 325 शौचालय का निर्माण कराया गया है। लॉकडाउन पीरियड में प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए मनरेगा से लगभग 15 सौ मीटर गोधनी नाले की सफाई का काम कराया गया है। इसी प्रकार नए चकरोड भी बनाए गए हैं। आपको बता दें कि यही स्थिति पूरे विकासखंड की ग्राम पंचायतों में रही है। सभी प्रधानों ने अपने-अपने पंचायतों में जमकर काम कराया। मनरेगा के तहत लॉकडाउन पीरियड में काफी बढ़-चढ़कर के कार्य कराए गए हैं। दूसरी तरफ जहूराबाद के शशिभूषण जायसवाल ने बताया कि ग्राम पंचायतों में जो भी कार्य हुए ग्राम प्रधानों ने अपनी मनमर्जी से अपने कुछ खास लोगों को लाभ देने के लिए कराया है। चुनाव आने पर इसका जवाब जनता देगी। सोनबरसा के जावेद अहमद ने बताया कि ग्राम पंचायत में पिछले चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा पानी निकासी को लेकर था। सभी प्रत्याशियों ने अपने-अपने स्तर से इसको कराने का वादा किया था। वर्तमान ग्राम प्रधान ने पुरानी नालियों को ऊंचा करके कुछ काम कराया लेकिन अभी भी पानी निकासी की व्यवस्था समुचित नहीं हो पाई है। सुकहा के रामदयाल चौरसिया ने बताया कि कस्बे की ग्राम पंचायत होने के साथ यह पता नहीं चलता है कि कौन सा विकास कार्य कहां किया जा रहा है। पांच वर्ष में ग्राम प्रधान द्वारा कोई खुली बैठक नहीं बुलाई गई। शाहबाजपुर निवासी समाजसेवी शिवशंकर यादव ने बताया कि ग्राम शाहबाजपुर में पानी निकासी का मुद्दा लेकर सभी लोगों ने चुनाव लड़ा। वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं किए जाने से जनता ठगा महसूस कर रही है।
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