{"_id":"5d9a2a378ebc3e014d681c1f","slug":"commited-to-suicide-ghazipur-news-vns4877900184","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी
विज्ञापन
बहरियाबाद। थाना क्षेत्र के तिसड़ा गांव की एक छात्रा ने शनिवार की रात मकान के कमरा में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया।
मालूम हो कि तिसड़ा गांव निवासी अश्विनी कुमार चौहान की पुत्री ज्योत्सना (16) आजमगढ़ जिले के तरवां थाना क्षेत्र के पूर्वांचल पब्लिक स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा थी। शनिवार को वह स्कूल जाने के लिए घर से निकली। स्कूल बस छूट जाने से घर वापस लौट आई। दोपहर में खाना खाने के बाद रोज की तरह पढ़ने के लिए मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में चली गई। जब रात के आठ बजे तक वह नीचे नहीं आई तो परिवार के लोग सोच में पड़ गए। मकान में इधर-उधर उसे देखने लगे। दिखाई न देने पर परिजन ऊपरी मंजिल पर पहुंचे तो देखा कि कमरे का दरवाजा बंद था। वह दरवाजा पीटते हुए ज्योत्सना को आवाज लगाने लगे। अंदर से कोई आवाज न आने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। वह दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो देखा कि ज्योत्सना दरवाजा के पर्दे के लिए लगे लोहे की खूंटी से रस्सी के फंदा के सहारे लटक रही थी। यह देख परिजन चीख-पुकार करने लगे। आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग वहां पहुंच गए और बिलख रहे लोगों को सांत्वना देने में जुट गए। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुशील कुमार यादव ने बताया कि मृतका के पिता द्वारा आत्महत्या करने की तहरीर दी गई। पंचनामा कर शव को परिजनों को सौंप दिया गया। उधर इस घटना को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा होती रही।
विज्ञापन
मालूम हो कि तिसड़ा गांव निवासी अश्विनी कुमार चौहान की पुत्री ज्योत्सना (16) आजमगढ़ जिले के तरवां थाना क्षेत्र के पूर्वांचल पब्लिक स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा थी। शनिवार को वह स्कूल जाने के लिए घर से निकली। स्कूल बस छूट जाने से घर वापस लौट आई। दोपहर में खाना खाने के बाद रोज की तरह पढ़ने के लिए मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में चली गई। जब रात के आठ बजे तक वह नीचे नहीं आई तो परिवार के लोग सोच में पड़ गए। मकान में इधर-उधर उसे देखने लगे। दिखाई न देने पर परिजन ऊपरी मंजिल पर पहुंचे तो देखा कि कमरे का दरवाजा बंद था। वह दरवाजा पीटते हुए ज्योत्सना को आवाज लगाने लगे। अंदर से कोई आवाज न आने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। वह दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो देखा कि ज्योत्सना दरवाजा के पर्दे के लिए लगे लोहे की खूंटी से रस्सी के फंदा के सहारे लटक रही थी। यह देख परिजन चीख-पुकार करने लगे। आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग वहां पहुंच गए और बिलख रहे लोगों को सांत्वना देने में जुट गए। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुशील कुमार यादव ने बताया कि मृतका के पिता द्वारा आत्महत्या करने की तहरीर दी गई। पंचनामा कर शव को परिजनों को सौंप दिया गया। उधर इस घटना को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा होती रही।
विज्ञापन