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छमाही परीक्षा नजदीक, किताबें ही नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Fri, 14 Oct 2016 10:50 PM IST
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बाढ़ में बह रहीं पुस्तकें।
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परिषदीय विद्यालयों में नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण अभी पूरा भी नहीं हुआ है। महीनों से इसकी कवायद चल रही है, लेकिन अब भी अधूरी है। उधर छमाही परीक्षा का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है। बाढ़ और मूसलाधार बारिश में हुए जलभराव के कारण भी तमाम विद्यालय महीनेभर से अधिक बंद रहे। ऐसे में पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं है।
बच्चों को आधे-अधूरे कोर्स को पढ़ाने के बाद उन्हें परीक्षा देने को मजबूर किया जा रहा है। अब बिना पढ़े छात्र परीक्षा में कैसे बैठेंगे यह सोचकर अभिभावक परेशान हैं।
जिले में 1953 प्राथमिक और 802 उच्च प्राथमिक विद्यालय विद्यालय संचालित किए गए हैं। प्राथमिक विद्यालयों में दो लाख 39 हजार 507 एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में 60 हजार 192 बच्चे अध्ययनरत हैं। इसके अलावा मान्यता प्राप्त, एडेड एवं वित्तविहीन विद्यालयों की संख्या भी करीब एक हजार है। इन विद्यालयों में हजारों बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से प्रोत्साहन योजना के तहत सभी बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित करने की व्यवस्था की गई है। गत वर्षों में इन नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण एक-दो माह के विलंब के साथ कर दिया जाता रहा है लेकिन इस वर्ष वर्तमान शैक्षिक सत्र के छह महीने बीतने के बाद भी पाठ्य पुस्तकों का वितरण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि विद्यालय अप्रैल में ही खुल गए थे।
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महीनों बाद भी स्थिति यह है कि विद्यालयों में किताबें पूरी तरह से नहीं पहुंच पाई हैं। एक तरफ जहां परिषदीय विद्यालयों में किताबें पूरी तरह नहीं पहुंच पाई वहीं बाढ़ के चलते दर्जनों विद्यालय कई दिनों तक बंद रहे। इसके चलते पठन-पाठन बाधित रहा।
बिना किताबों और आधे-अधूरे कोर्स के साथ बच्चों को परीक्षा देने को मजबूर होना पड़ेगा।
मालूम हो कि प्राथमिक विद्यालयों की परीक्षा 20 अक्तूबर से शुरू होकर 24 तक चलेगी। जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय की परीक्षा 20 से शुरू होकर 26 तक होगी। दो पालियों में होने वाली परीक्षा 9 से 11 एवं 12 से 2 बजे तक आयोजित होगी। वहीं बीएसए अशोक कुमार सिंह यादव ने बताया कि जल्द ही सभी पाठ्य पुस्तकें बच्चों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
बच्चों को आधे-अधूरे कोर्स को पढ़ाने के बाद उन्हें परीक्षा देने को मजबूर किया जा रहा है। अब बिना पढ़े छात्र परीक्षा में कैसे बैठेंगे यह सोचकर अभिभावक परेशान हैं।
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जिले में 1953 प्राथमिक और 802 उच्च प्राथमिक विद्यालय विद्यालय संचालित किए गए हैं। प्राथमिक विद्यालयों में दो लाख 39 हजार 507 एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में 60 हजार 192 बच्चे अध्ययनरत हैं। इसके अलावा मान्यता प्राप्त, एडेड एवं वित्तविहीन विद्यालयों की संख्या भी करीब एक हजार है। इन विद्यालयों में हजारों बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से प्रोत्साहन योजना के तहत सभी बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित करने की व्यवस्था की गई है। गत वर्षों में इन नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण एक-दो माह के विलंब के साथ कर दिया जाता रहा है लेकिन इस वर्ष वर्तमान शैक्षिक सत्र के छह महीने बीतने के बाद भी पाठ्य पुस्तकों का वितरण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि विद्यालय अप्रैल में ही खुल गए थे।
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महीनों बाद भी स्थिति यह है कि विद्यालयों में किताबें पूरी तरह से नहीं पहुंच पाई हैं। एक तरफ जहां परिषदीय विद्यालयों में किताबें पूरी तरह नहीं पहुंच पाई वहीं बाढ़ के चलते दर्जनों विद्यालय कई दिनों तक बंद रहे। इसके चलते पठन-पाठन बाधित रहा।
बिना किताबों और आधे-अधूरे कोर्स के साथ बच्चों को परीक्षा देने को मजबूर होना पड़ेगा।
मालूम हो कि प्राथमिक विद्यालयों की परीक्षा 20 अक्तूबर से शुरू होकर 24 तक चलेगी। जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय की परीक्षा 20 से शुरू होकर 26 तक होगी। दो पालियों में होने वाली परीक्षा 9 से 11 एवं 12 से 2 बजे तक आयोजित होगी। वहीं बीएसए अशोक कुमार सिंह यादव ने बताया कि जल्द ही सभी पाठ्य पुस्तकें बच्चों को उपलब्ध करा दी जाएगी।