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स्वच्छ गंगा के लिए जल जीवों का संरक्षण जरूरी
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Fri, 06 Nov 2015 10:52 PM IST
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गंगा को स्वच्छ बनाने में मछलियों, कछुआ और घड़ियाल की अहम भूमिका है। ये जीव गंगा में प्रवाहित शव, मृत जानवरों को खाकर गंदगी को दूर करते हैं। ऐसे में गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए जलीय जीवों की रक्षा और संरक्षण की जरूरत है। ये बातें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की ओर से गंगा रिवर राफ्टिंग अभियान पर निकले 46 सदस्यीय टीम के लीडर सुरेंद्र खत्री ने कहीं। वह स्वामी सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित जन जागरूकता गोष्ठी में बोल रहे थे।
देव प्रयाग से चलकर गंगा रिवर राफ्टिंग अभियान दल शुक्रवार को वाराणसी-सैदपुर होते हुए गाजीपुर पहुंचा। इस दौरान सिविल प्रशासन और नागरिकों ने दल का स्वागत किया। स्वामी सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में टीम लीडर सुरेंद्र खत्री ने कहा कि दल स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ एवं गंगा नदी की निर्मलता के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है। अब तक की यात्रा में विभिन्न पड़ावों पर अभियान दल ने जन-जागरण अभियान चलाया जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गंगा को स्वच्छ रखने की प्रतिबद्धता दुहराई।
खत्री ने कहा कि बारीक बुनी जाल से छोटी-छोटी मछलियों को पकड़ा जाता है जिससे बड़ी मछलियां समाप्त होती जा रही हैं, जो कि गंगा को स्वच्छ बनाने में सहायक होती हैं। घड़ियाल गंगा में प्रवाहित शव, मृत जानवर आदि को खाकर गंगा को प्रदूषण से बचाता है लेकिन इनकी तादात गंगा में नहीं के बराबर है। कछुए भी गंगा नदी के गंदगी को साफ करने में अहम भूमिका निभाते हैं। कछुओं की तस्करी से इनकी संख्या भी कम होती जा रही है। कहा कि कछुओं की तस्करी रोकने का ठोस उपाय होना चाहिए। गंगा घाटों पर गंदगी फैली है।
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इसे दूर करने के लिए गंगाघाट कमेटी या नगरपालिका की ओर से कूड़ादान रखवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गंगा के पानी में हार्डनेस 300 पीपीएम, फ्लोराइड, अमोनियम और आयरन है। दल में तरुण कुमार, सतीश कुमार, अशोक कुमार, युधिष्ठिर कुमार, निखिल सिंह, अमलेश ब्रह्मा, अनिल सिंह, विजयप्रकाश, भोला सिंह, भोला मंडल, जी नागराजू, सूरज कुमार, अनिल कुमार, नवीन कुमार, बलराम आदि शामिल थे।
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देव प्रयाग से चलकर गंगा रिवर राफ्टिंग अभियान दल शुक्रवार को वाराणसी-सैदपुर होते हुए गाजीपुर पहुंचा। इस दौरान सिविल प्रशासन और नागरिकों ने दल का स्वागत किया। स्वामी सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में टीम लीडर सुरेंद्र खत्री ने कहा कि दल स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ एवं गंगा नदी की निर्मलता के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है। अब तक की यात्रा में विभिन्न पड़ावों पर अभियान दल ने जन-जागरण अभियान चलाया जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गंगा को स्वच्छ रखने की प्रतिबद्धता दुहराई।
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खत्री ने कहा कि बारीक बुनी जाल से छोटी-छोटी मछलियों को पकड़ा जाता है जिससे बड़ी मछलियां समाप्त होती जा रही हैं, जो कि गंगा को स्वच्छ बनाने में सहायक होती हैं। घड़ियाल गंगा में प्रवाहित शव, मृत जानवर आदि को खाकर गंगा को प्रदूषण से बचाता है लेकिन इनकी तादात गंगा में नहीं के बराबर है। कछुए भी गंगा नदी के गंदगी को साफ करने में अहम भूमिका निभाते हैं। कछुओं की तस्करी से इनकी संख्या भी कम होती जा रही है। कहा कि कछुओं की तस्करी रोकने का ठोस उपाय होना चाहिए। गंगा घाटों पर गंदगी फैली है।
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इसे दूर करने के लिए गंगाघाट कमेटी या नगरपालिका की ओर से कूड़ादान रखवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गंगा के पानी में हार्डनेस 300 पीपीएम, फ्लोराइड, अमोनियम और आयरन है। दल में तरुण कुमार, सतीश कुमार, अशोक कुमार, युधिष्ठिर कुमार, निखिल सिंह, अमलेश ब्रह्मा, अनिल सिंह, विजयप्रकाश, भोला सिंह, भोला मंडल, जी नागराजू, सूरज कुमार, अनिल कुमार, नवीन कुमार, बलराम आदि शामिल थे।