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मॉक ड्रिल से सिटी स्टेशन की सुरक्षा परखी
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शहर के सिटी रेलवे स्टेशन पर रविवार को राजकीय रेलवे पुलिस व रेलवे सुरक्षा बल ने संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल का अभ्यास किया। अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे के निर्देश पर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर पुलिस ने सतर्कता जांची। इस दौरान रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-एक पर बैग में मिले बम को डिफ्यूज किया गया।
मॉक ड्रिल के तहत रेलवे सुरक्षा बल को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-एक गेट पर एक काले रंग की बैग में बम होने की सूचना मिली। इस पर तत्काल जीआरपी एवं रेलवे पुलिस तथा बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचे। लावारिस बैग वाले जगह को डेंजर रिबन से ब्लॉक कर दिया जाता है। फिर बम निरोधक यंत्र से बैग की जांच की जाती है। इसके बाद बम को डिफ्यूज किया जाता है। जीआरपी थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि रेलवे स्टेशन परिसर में कोई अप्रिय घटना न हो, इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आरपीएफ व जीआरपी काफी सतर्कता बरते हुए है। इसी के तहत मार्क ड्रिल का अभ्यास किया। इस दौरान सभी जवानों को बताया गया है कि आपातकालीन स्थिति में आपसी सहयोग से कैसे निपटा जाए। साथ ही घायल को तत्काल चिकित्सीय सुविधा कैसे उपलब्ध कराई जाए। उधर जीआरपी पुलिस एवं रेलवे पुलिस तथा बम निरोधक दस्ता जवानों द्वारा करीब 10 मिनट तक चली इस कार्रवाई के दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्री सहम रहे। बाद में जब उन्हें यह पता चला कि यह जीआरपी व आरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा रेलवे स्टेशन की सुरक्षा-व्यवस्था की जांच करने के लिए मॉक ड्रिल कर किया जा रहा है तो उन्होंने राहत की सांस ली।
मार्क ड्रिल अभ्यास में आरपीएफ प्रभारी कमलेश सिंह, जयशंकर दुबे, ईश्वर सिंह, हरेंद्र राम, विजय कुमार पांडेय, नरेंद्र शुक्ला, जीआरपी के थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्रा, एसआई कृष्णानंद, कांस्टेबल विनोद यादव, हरिवंश, सर्वजीत, रणजीत, धर्मेंद्र, प्रदीप, जयराम यादव, नवीन, विजय बहादुर आदि शामिल रहे।
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मॉक ड्रिल के तहत रेलवे सुरक्षा बल को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-एक गेट पर एक काले रंग की बैग में बम होने की सूचना मिली। इस पर तत्काल जीआरपी एवं रेलवे पुलिस तथा बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचे। लावारिस बैग वाले जगह को डेंजर रिबन से ब्लॉक कर दिया जाता है। फिर बम निरोधक यंत्र से बैग की जांच की जाती है। इसके बाद बम को डिफ्यूज किया जाता है। जीआरपी थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि रेलवे स्टेशन परिसर में कोई अप्रिय घटना न हो, इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आरपीएफ व जीआरपी काफी सतर्कता बरते हुए है। इसी के तहत मार्क ड्रिल का अभ्यास किया। इस दौरान सभी जवानों को बताया गया है कि आपातकालीन स्थिति में आपसी सहयोग से कैसे निपटा जाए। साथ ही घायल को तत्काल चिकित्सीय सुविधा कैसे उपलब्ध कराई जाए। उधर जीआरपी पुलिस एवं रेलवे पुलिस तथा बम निरोधक दस्ता जवानों द्वारा करीब 10 मिनट तक चली इस कार्रवाई के दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्री सहम रहे। बाद में जब उन्हें यह पता चला कि यह जीआरपी व आरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा रेलवे स्टेशन की सुरक्षा-व्यवस्था की जांच करने के लिए मॉक ड्रिल कर किया जा रहा है तो उन्होंने राहत की सांस ली।
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मार्क ड्रिल अभ्यास में आरपीएफ प्रभारी कमलेश सिंह, जयशंकर दुबे, ईश्वर सिंह, हरेंद्र राम, विजय कुमार पांडेय, नरेंद्र शुक्ला, जीआरपी के थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्रा, एसआई कृष्णानंद, कांस्टेबल विनोद यादव, हरिवंश, सर्वजीत, रणजीत, धर्मेंद्र, प्रदीप, जयराम यादव, नवीन, विजय बहादुर आदि शामिल रहे।
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