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सड़कों का दम घोंट रहा शहर का कचरा

Sun, 10 Oct 2021 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 11:15 PM IST
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City garbage suffocating the streets
गाजीपुर। एक तरफ जहां सरकार शहरों को कचरामुक्त बनाने को लेकर अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जनपद की तीन नगर पालिकाओं और पांच नगर पंचायतों में कूड़ा घर तो दूर, कूड़ा एकत्र करने के लिए डंपिंग ग्राउंड तक नहीं है। विभिन्न वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 100 एमटी कचरे को सड़कों के किनारे जहां-तहां गिरा दिया जाता है। प्रमुख मार्गों, गड्ढों और नदी किनारे डंप कूड़े में निस्तारण के नाम पर आग लगा दी जाती है तो कहीं जस का तस छोड़ दिया जाता है। ऐसे में सड़कें सिकुड़ने के साथ-साथ जहरीले धुएं से आसपास की आबादी की सेहत प्रभावित होने लगती है।
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शहर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से करीब 40 से 45 मीट्रिक टन कचरा प्रतिदिन निकलता है, जिसे विभिन्न वाहनों से एकत्र कर आदर्श बाजार के पास गाजीपुर-करंडा मार्ग के दोनों तरफ एकत्र किया जाता है। निस्तारण के नाम पर उसमें आग लगा दी जाती है। इससे आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को काफी दिक्कत होती है। पालिका क्षेत्र में प्रतिदिन 40 से 45 एमटी कूड़ा निकलता है, जिसे निस्तारण के नाम पर वहां डंप किया जाता है। इसी तरह मुहम्मदाबाद नगर पालिका परिषद से प्रतिदिन 10 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है, लेकिन डंपिंग के नाम पर विभिन्न मार्गों के किनारे कचरा एकत्र किया जाता है। हाटा गांव में डंपिंग ग्राउंड चिह्नित है, लेकिन कूड़ा घर नहीं बन पाया है। वहीं जमानिया नगर परिषद के विभिन्न वार्डों से करीब 12 मीट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है। निस्तारण के नाम पर उसे स्थानीय रेलवे स्टेशन के रेलवे ट्रैक के किनारे एकत्र कर दिया जाता है। नगर पंचायत जंगीपुर में थाने के पास खाली पड़ी जमीन पर प्रतिदिन छह से सात, नगर पंचायत सादात में चार से पांच, बहादुरगंज स्थित टौंस नदी के किनारे प्रतिदिन पांच, सैदपुर नगर पंचायत में प्रतिदिन 10 मीट्रिक टन कूड़ा इधर-उधर फेंका जा रहा है। दिलदारनगर नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों से निकलने वाला आठ मीट्रिक टन कूड़ा बड़ी नहर के पास खाली पड़ी जमीन में एकत्र किया जाता है। नगर निकायों के पास कूड़ा डंपिंग ग्राउंड और उसके निस्तारण की व्यवस्था न होने से स्वच्छ भारत मिशन और कूड़ा मुक्त अभियान बेअसर साबित हो रहा है। बेतरतीब ढंग से कूड़ा के फेंके जाने से आमजन की सेहत पर इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
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