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Ghazipur News: कहानी और पेटिंग से बच्चे पेश करेंगे वीर जवानों की गाथा
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अमृत महोत्सव के तहत प्रदेश के सभी स्कूलों में देश की आजादी के दीवानों और सेना के वीरता पुरस्कार प्राप्त जवानों की गाथाओं पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वीरगाथा प्रोजेक्ट 3.0 के तहत किए जाने वाले इन आयोजनों में परिषदीय और माध्यमिक स्कूलों के कक्षा-तीन से 12वीं तक के बच्चे विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। शामिल होने वाले बच्चों का विवरण अपलोड किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट में वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवानों के जीवन से मिली सीख, वीरता पुरस्कार प्राप्त जवानों का देश के लिए सर्वोच्च बलिदान, मेरे सपनों में रानी लक्ष्मीबाई, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन, आजादी के आंदोलन में आदिवासियों का योगदान आदि विषय रखे गए हैं। छात्र इन विषयों पर आधारित कविता, कहानी, पेटिंग की प्रस्तुति देंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी स्कूलों को प्रस्तुति के पहले स्कूलों को एमवाईजीओवी पोर्टल पर 30 सितंबर तक ऑनलाइन इंट्री करनी होगी। सभी स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बताया कि 30 सितंबर के भीतर की समय सीमा में पोर्टल पर छात्रों की ओर से स्कूल इंट्री जमा होगी। इसके बाद इन इंट्री का मूल्यांकन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर सुपर 100 विजेता चयनित होंगे। यह चार श्रेणियों में से 25 विजेता घोषित होंगे। प्रत्येक विजेता को 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि, एक पदक और रक्षा मंत्रालय की तरफ से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय एवं शिक्षा मंत्रालय संयुक्त रूप से इन विजेताओं को पुरस्कृत करेगा।
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राज्य, संघ राज्य क्षेत्र स्तर के आठ विजेता (प्रत्येक श्रेणी से दो विजेता) होंगे। सुपर 100 विजेता इसमें शामिल नहीं होंगे। संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विजेता वहां के प्रधान सचिव या सचिव शिक्षा की तरफ से सम्मानित होंगे। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि जिला स्तर पर चार विजेता होंगे। सुपर 100 एवं राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश के विजेता इसमें शामिल नहीं होंगे।
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प्रोजेक्ट में वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवानों के जीवन से मिली सीख, वीरता पुरस्कार प्राप्त जवानों का देश के लिए सर्वोच्च बलिदान, मेरे सपनों में रानी लक्ष्मीबाई, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन, आजादी के आंदोलन में आदिवासियों का योगदान आदि विषय रखे गए हैं। छात्र इन विषयों पर आधारित कविता, कहानी, पेटिंग की प्रस्तुति देंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी स्कूलों को प्रस्तुति के पहले स्कूलों को एमवाईजीओवी पोर्टल पर 30 सितंबर तक ऑनलाइन इंट्री करनी होगी। सभी स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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बताया कि 30 सितंबर के भीतर की समय सीमा में पोर्टल पर छात्रों की ओर से स्कूल इंट्री जमा होगी। इसके बाद इन इंट्री का मूल्यांकन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर सुपर 100 विजेता चयनित होंगे। यह चार श्रेणियों में से 25 विजेता घोषित होंगे। प्रत्येक विजेता को 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि, एक पदक और रक्षा मंत्रालय की तरफ से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय एवं शिक्षा मंत्रालय संयुक्त रूप से इन विजेताओं को पुरस्कृत करेगा।
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राज्य, संघ राज्य क्षेत्र स्तर के आठ विजेता (प्रत्येक श्रेणी से दो विजेता) होंगे। सुपर 100 विजेता इसमें शामिल नहीं होंगे। संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विजेता वहां के प्रधान सचिव या सचिव शिक्षा की तरफ से सम्मानित होंगे। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि जिला स्तर पर चार विजेता होंगे। सुपर 100 एवं राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश के विजेता इसमें शामिल नहीं होंगे।