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Ghazipur News: ठंड से निमोनिया और डायरिया की चपेट में आ रहे बच्चे
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मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाल रोग विभाग ओपीडी में पहुंचे बच्चों की जांच के दवा लिखती डॉ विनीता य
गाजीपुर। जिले में कई दिनों से तापमान में लगातार का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। अस्पतालों में वायरल फीवर, निमोनिया और डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। अकेले मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोज करीब सौ मरीज पहुंच रहे हैं।
शहर के गोराबाजार स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ओपीडी में पहुंच रहे बच्चों में ज्यादातर ठंड से संबंधित बीमारियों से ग्रसित थे। गोराबाजार स्थित मेडिकल कॉलेज में बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विनिता यादव ने बताया कि, इन दिनों बाल रोग विभाग ओपीडी में चार महीने से 18 साल तक के 90 से 100 बच्चे रोज पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर वायरल फीवर, न्यूमोनिया, डायरिया, एलर्जी से पीड़ित होते हैं।
करीब 50 प्रतिशत वॉयरल फीवर (सर्दी, जुकाम, बुखार), 25 प्रतिशत न्यूमोनिया, 10 प्रतिशत डायरिया, बाकी 15 प्रतिशत में अन्य रोगों से ग्रसित रह रहे हैं। डॉ. यादव ने बताया कि तापमान में कमी आने के बाद से लोगों को बच्चों का विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्हें गर्म कपड़ों से ढक कर रखंे। ध्यान दें कि उनका सिर, हथेली व पांव भी ढका हुआ हो। बच्चों को गर्म खाना खिलाएं। उन्हें ठंडे पेय पदार्थों का सेवन नहीं कराएं।
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शहर के गोराबाजार स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ओपीडी में पहुंच रहे बच्चों में ज्यादातर ठंड से संबंधित बीमारियों से ग्रसित थे। गोराबाजार स्थित मेडिकल कॉलेज में बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विनिता यादव ने बताया कि, इन दिनों बाल रोग विभाग ओपीडी में चार महीने से 18 साल तक के 90 से 100 बच्चे रोज पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर वायरल फीवर, न्यूमोनिया, डायरिया, एलर्जी से पीड़ित होते हैं।
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करीब 50 प्रतिशत वॉयरल फीवर (सर्दी, जुकाम, बुखार), 25 प्रतिशत न्यूमोनिया, 10 प्रतिशत डायरिया, बाकी 15 प्रतिशत में अन्य रोगों से ग्रसित रह रहे हैं। डॉ. यादव ने बताया कि तापमान में कमी आने के बाद से लोगों को बच्चों का विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्हें गर्म कपड़ों से ढक कर रखंे। ध्यान दें कि उनका सिर, हथेली व पांव भी ढका हुआ हो। बच्चों को गर्म खाना खिलाएं। उन्हें ठंडे पेय पदार्थों का सेवन नहीं कराएं।
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