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Ghazipur News: बाल विकास परियोजना अधिकारी का एक दिन का वेतन रोका

Thu, 29 Aug 2024 03:44 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 03:44 AM IST
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Child development project officer's one day salary stopped
गाजीपुर। जनपद पोषण समिति की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। अतिरिक्त बाल विकास परियोजना अधिकारी कासिमाबाद अखिलेश चौहान द्वारा बैठक में बिना किसी सूचना नहीं आने पर बीते 27 अगस्त का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश डीएम ने दिया है। यहीं नहीं बाल विकास परियोजना अधिकारी मरदह, बिरनो, करंडा, सैदपुर, मनिहारी, एवं सदर सहित अन्य जिनका विभागीय पोर्टल पर शत्- प्रतिशत काम पूरा नहीं हुआ, उन्हें चेतावनी जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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जनपद में संभव अभियान में बाल विकास परियोजना अधिकारी बाराचवर, देवकली, जखनिया, करंडा, मनिहारी, मरदह, सदर द्वारा उक्त कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय नहीं बनाया। यहीं नहीं कुपोषित बच्चों के प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल ई- कवच पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। इसके अलावा गृह भ्रमण और सामुदायिक गतिविधियों के साथ ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण समिति का विभागीय पोर्टल पर शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण न कराने पर डीएम ने चेतावनी देते हुए 31 अगस्त तक पूर्ण करने का निर्देश दिया है। डीएम ने कहा कि हाट कुक्ड की समीक्षा में केंद्रों पर बच्चों को खाना खिलाने और रसोइयों को भोजन बनाने संबंधित उपभोग प्रमाण पत्र केंद्रवार प्राप्त किया जाए। साथ ही इसकी समीक्षा हो कि जो खाद्यान्न और धनराशि भेजी गई है, उसका उपयोग आंगनबाड़ी, प्रधानाचार्य और ग्राम प्रधान द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए। रसोइयों का मानदेय तत्काल प्रभाव से लाभान्वित बच्चों के सापेक्ष तत्काल हस्तांतरित किया जाए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, सीएमओ डॉ. देशदीपक पाल, जिला विकास अधिकारी सुभाषचंद्र सरोज, जिला पंचायत राज अधिकारी अंशुल मौर्या आदि मौजूद रहे।
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आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोलन पर रोकी जाएगी मानदेय
बाल विकास विभाग के पोर्टल पर आंगनबाड़ी केंद्रों का शत- प्रतिशत नहीं खुलने पर जिलाधिकारी काफी नाराज हुईं। उन्होंने निर्देश दिया कि जो आंगनबाड़ी केंद्राें को बंद रखती हैं, उनके मानदेय पर स्थायी रूप से रोक लगाई जाए। बाल विकास परियोजना अधिकारी इसकी समीक्षा प्रत्येक दिन करें। पोषाहार वितरण की समीक्षा में पाया गया कि लाभार्थी का मोबाइल वेरिफिकेशन शत-प्रतिशत हो, लेकिन किसी बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा मोबाइल वेरिफिकेशन शत-प्रतिशत नहीं होने पर निर्देश दिया गया कि माह के अंतिम तिथि तक सभी आंगनबाड़ी को युद्धस्तर पर सभी लाभार्थियों का मोबाइल वेरिफिकेशन पूरा किया जाए। अगर दोनों काम पूरे नहीं होते हैं, तो बाल विकास परियोजना अधिकारी की लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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