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Ghazipur News: लंपी के केस मिले, पशु विभाग ने मंगाई 20 हजार वैक्सीन
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-पशुपालन विभाग के मुताबिक 19 पशुओं में मिला है रोग का लक्षण, सतर्क है विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जनपद में एक बार फिर पशुओं में लंपी रोग ने दस्तक दे दिया है। जिले में 19 पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण मिलने के बाद पशु पालन विभाग सतर्क हो गया है। टीकाकरण के लिए 20 हजार वैक्सीन मंगाई गई है। वहीं, बीमारी से पशुओं के बचाव के लिए पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अभी तक जिले में एक भी पशु की मौत इस बीमारी से नहीं हुई है।
जिले में 58 राजकीय पशु अस्पताल 47 पशु सेवा केंद्र हैं। जिले में करीब आठ लाख 38 हजार 211 भैंस और गाय हैं। वहीं, विभागीय चिकित्सकों के मुताबिक यह मुख्य रूप से गोवंश एवं भैंसों में फैलने वाला वायरस जनित रोग है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एस के रावत ने बताया कि जनपद में 19 पशुओं में लंपी का लक्षण मिला है। वैक्सीन की पहली खेप 20 हजार आ गई है। उसे प्रभावित क्षेत्र में भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अभी बीमारी से किसी पशु की मौत नहीं हुई है। शासन से और वैक्सीन का डिमांड किया गया है। मुख्य पशु चिकित्सक ने बताया कि इस बीमारी में गायों में शरीर पर गांठें हो जाती हैं, जो बाद में घाव में बदल जाती है। इसके अलावा तेज बुखार, नाक एवं मुंह से पानी का गिरना, भूख नहीं लगना आदि लक्षण भी दिखाई देते हैं। इस बीमारी के फैलाव का मुख्य कारण मक्खी, मच्छर एवं चींचड़ के माध्यम से होता है। यह पशुओं की लार, दूषित चारा और पानी से भी फैल सकता है। लंपी स्कीन डिजीज काफी खतरनाक बीमारी है। पिछले वर्ष भी इसका संक्रमण तेजी से फैला था। हालांकि समय रहते इसपर काबू पाया जा सका था।
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गांव में पशुओं में फैली लंपी बीमारी, पशुपालक दहशत में
करीमुद्दीनपुरः क्षेत्र में इन दिनों पशुओं में लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है। जिससे पशुपालकों में दहशत का माहौल है। वही पशुपालकों का आरोप है कि लंपी बीमारी की चपेट में आने से कई पशुओं की मौत हो गई है। जिससे पशुपालक में भय का माहौल है।क्षेत्र के पशुपालक अवध बिहारी राय की एक भैंस, राम चीज राय की एक गाय, शशिकांत राय की एक गाय, रमाकांत यादव की एक गाय और एक बछिया की मौत हो चुकी है। वही अजय राय की गाय, रमाकांत की एक गाय और बछिया पीड़ित हैं। असावर गांव में लल्लन तिवारी की गाय की मौत हो गई है। वही बेनी राय की भैंस पीड़ित थी, जिसे माफी प्रयास के बाद बचा लिया गया है। खरडीहा गांव में मगदल कमकर की एक बछिया मरी है। खेमपुर में शिवगोविंद यादव और श्री निवास यादव की गाय चपेट में थी लेकिन बचा लिया गया है। खरडीहा निवासी विनोद राय ने बताया कि कुछ दिन पूर्व पशुओं का टीकाकरण किया गया है, फिर भी एक पशु की मौत होने पशुपालक दहशत में हैं। सोनवानी के पूर्व प्रधान श्याम नरायन यादव, भोला राय, विनोद राय सहित सभी पशुपालकों ने सरकार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है, जिससे करवाई कर पशु अस्पताल में व्यवस्था ठीक होकर जल्दी से जल्दी टीकाकरण कर समस्या का समाधान किया जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जनपद में एक बार फिर पशुओं में लंपी रोग ने दस्तक दे दिया है। जिले में 19 पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण मिलने के बाद पशु पालन विभाग सतर्क हो गया है। टीकाकरण के लिए 20 हजार वैक्सीन मंगाई गई है। वहीं, बीमारी से पशुओं के बचाव के लिए पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अभी तक जिले में एक भी पशु की मौत इस बीमारी से नहीं हुई है।
जिले में 58 राजकीय पशु अस्पताल 47 पशु सेवा केंद्र हैं। जिले में करीब आठ लाख 38 हजार 211 भैंस और गाय हैं। वहीं, विभागीय चिकित्सकों के मुताबिक यह मुख्य रूप से गोवंश एवं भैंसों में फैलने वाला वायरस जनित रोग है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एस के रावत ने बताया कि जनपद में 19 पशुओं में लंपी का लक्षण मिला है। वैक्सीन की पहली खेप 20 हजार आ गई है। उसे प्रभावित क्षेत्र में भेज दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि अभी बीमारी से किसी पशु की मौत नहीं हुई है। शासन से और वैक्सीन का डिमांड किया गया है। मुख्य पशु चिकित्सक ने बताया कि इस बीमारी में गायों में शरीर पर गांठें हो जाती हैं, जो बाद में घाव में बदल जाती है। इसके अलावा तेज बुखार, नाक एवं मुंह से पानी का गिरना, भूख नहीं लगना आदि लक्षण भी दिखाई देते हैं। इस बीमारी के फैलाव का मुख्य कारण मक्खी, मच्छर एवं चींचड़ के माध्यम से होता है। यह पशुओं की लार, दूषित चारा और पानी से भी फैल सकता है। लंपी स्कीन डिजीज काफी खतरनाक बीमारी है। पिछले वर्ष भी इसका संक्रमण तेजी से फैला था। हालांकि समय रहते इसपर काबू पाया जा सका था।
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गांव में पशुओं में फैली लंपी बीमारी, पशुपालक दहशत में
करीमुद्दीनपुरः क्षेत्र में इन दिनों पशुओं में लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है। जिससे पशुपालकों में दहशत का माहौल है। वही पशुपालकों का आरोप है कि लंपी बीमारी की चपेट में आने से कई पशुओं की मौत हो गई है। जिससे पशुपालक में भय का माहौल है।क्षेत्र के पशुपालक अवध बिहारी राय की एक भैंस, राम चीज राय की एक गाय, शशिकांत राय की एक गाय, रमाकांत यादव की एक गाय और एक बछिया की मौत हो चुकी है। वही अजय राय की गाय, रमाकांत की एक गाय और बछिया पीड़ित हैं। असावर गांव में लल्लन तिवारी की गाय की मौत हो गई है। वही बेनी राय की भैंस पीड़ित थी, जिसे माफी प्रयास के बाद बचा लिया गया है। खरडीहा गांव में मगदल कमकर की एक बछिया मरी है। खेमपुर में शिवगोविंद यादव और श्री निवास यादव की गाय चपेट में थी लेकिन बचा लिया गया है। खरडीहा निवासी विनोद राय ने बताया कि कुछ दिन पूर्व पशुओं का टीकाकरण किया गया है, फिर भी एक पशु की मौत होने पशुपालक दहशत में हैं। सोनवानी के पूर्व प्रधान श्याम नरायन यादव, भोला राय, विनोद राय सहित सभी पशुपालकों ने सरकार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है, जिससे करवाई कर पशु अस्पताल में व्यवस्था ठीक होकर जल्दी से जल्दी टीकाकरण कर समस्या का समाधान किया जा सके।