{"_id":"62a2373fda26eb0aee273dad","slug":"briber-seeking-accountant-suspended-ghazipur-news-vns658090323","type":"story","status":"publish","title_hn":"घूस मांगने वाले लेखपाल निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घूस मांगने वाले लेखपाल निलंबित
विज्ञापन
औड़िहार/ खानपुर। सैदपुर तहसील क्षेत्र के रामपुर माझा गांव के लेखपाल राजेश कुमार को मृतक आश्रित प्रमाण पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर 200 रुपये घूस मांगना महंगा पड़ गया। बृहस्पतिवार को जांच रिपोर्ट में बाद एसडीएम ने ओम प्रकाश गुप्ता ने लेखपाल को निलंबित कर दिया।
मालूम हो कि बुधवार को जखनिया निवासी अवनीश तिवारी अपने रामपुर माझा ग्राम के निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रह चुके मृतक नाना से संबंधित मृतक आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने क्षेत्रीय लेखपाल राजेश कुमार के पास गए थे। उनके साथ उनका साथी राजेश पांडेय भी जाति प्रमाण पत्र बनवाने आया था। लेखपाल द्वारा सुविधा शुल्क मांगे जाने पर उनके साथी ने वीडियो बना लिया। वीडियो बनाते वक्त किसी दूसरे लेखपाल की नजर पड़ी तो कई लेखपाल एकजुट होकर हंगामा करने लगे और वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाने लगे। मामला उलझता देख कई अधिवक्ता भी लेखपाल कक्ष में आ गए और दोनों ओर से नोकझोंक होने लगी।
इसी बीच अधिवक्ताओं ने दोनों युवकों को एसडीम के पास ले जाकर मामले से अवगत कराया। एसडीएम ने दोनों युवकों से लिखित बयान लेने के साथ वीडियो लेकर मामले जांच तहसीलदार नीलम उपाध्याय को सौंप दिया। उन्होंने जांच में वीडियो देखकर घूस मांगने की बात पुष्ट होने के बाद तहसीलदार ने रिपोर्ट पर उपजिलाधिकारी ने उक्त लेखपाल को निलंबित कर दिया है। इस मामले में उपजिलाधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया की तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाने पर कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मालूम हो कि बुधवार को जखनिया निवासी अवनीश तिवारी अपने रामपुर माझा ग्राम के निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रह चुके मृतक नाना से संबंधित मृतक आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने क्षेत्रीय लेखपाल राजेश कुमार के पास गए थे। उनके साथ उनका साथी राजेश पांडेय भी जाति प्रमाण पत्र बनवाने आया था। लेखपाल द्वारा सुविधा शुल्क मांगे जाने पर उनके साथी ने वीडियो बना लिया। वीडियो बनाते वक्त किसी दूसरे लेखपाल की नजर पड़ी तो कई लेखपाल एकजुट होकर हंगामा करने लगे और वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाने लगे। मामला उलझता देख कई अधिवक्ता भी लेखपाल कक्ष में आ गए और दोनों ओर से नोकझोंक होने लगी।
विज्ञापन
इसी बीच अधिवक्ताओं ने दोनों युवकों को एसडीम के पास ले जाकर मामले से अवगत कराया। एसडीएम ने दोनों युवकों से लिखित बयान लेने के साथ वीडियो लेकर मामले जांच तहसीलदार नीलम उपाध्याय को सौंप दिया। उन्होंने जांच में वीडियो देखकर घूस मांगने की बात पुष्ट होने के बाद तहसीलदार ने रिपोर्ट पर उपजिलाधिकारी ने उक्त लेखपाल को निलंबित कर दिया है। इस मामले में उपजिलाधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया की तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाने पर कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन