{"_id":"612d17998ebc3e5acc328a9c","slug":"bjp-workers-accused-of-cancellation-of-license-for-not-giving-money-ghazipur-news-vns6088420135","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा कार्यकर्ताओं ने पैसा नहीं देने पर लाइसेंस निरस्त करने का आरोप लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा कार्यकर्ताओं ने पैसा नहीं देने पर लाइसेंस निरस्त करने का आरोप लगाया
विज्ञापन
मुहम्मदाबाद। भाजपा कार्यकर्ताओं के असलहों के लाइसेंस निरस्त हो जाने से पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। प्रदेश की योगी सरकार द्वारा अपराधियों व माफियाओं के खिलाफ चलाये गये अभियान के अंतर्गत बहुत से अपराधियों के लाइसेंस निरस्त किये गये। लोगों का आरोप है कि इस आदेश को स्थानीय पुलिस ने अवसर मे तब्दील कर लिया और असलहा का लाइसेंस जांच के नाम पर जमकर अवैध वसूली किया। जो लोग पैसा नहीं दिये पुलिस ने उनके विरुद्ध रिपोर्ट भेजकर जिलाधिकारी से उनका लाइसेंस निरस्त करा दिया।
नगर में 26 अप्रैल 2004 को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के समय अपराधियों द्वारा गोलीबारी की गई थी जिसमे एक भाजपा कार्यकर्ता की मौत व कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हुए थे। गोलीबारी के शिकार हुए युसुफपुर बाजार निवासी भाजपा कार्यकर्ता योगेंद्र गुप्ता व राजू गुप्ता को सुरक्षा की दृष्टि से सपा सरकार ने रिवाल्वर का लाइसेंस प्रदान किया था। जिसका समय-समय से नवीनीकरण होता रहा। दोनों भाजपा कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2010 के बाद कभी कारतूस भी नहीं खरीदा था। लाइसेंस जांच के समय दोनों कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के तत्कालीन एस एस आई को सत्तारूढ़ दल का कार्यकर्ता होने के अभिमान मे खुश नहीं किये जिससे नाराज एसएसआई ने कारतूस का हिसाब न देने का रिपोर्ट लगा दिया और जिलाधिकारी ने लाइसेंस निरस्त कर दिया।
इसकी जानकारी मिलने पर भाजपा कार्यकर्ताओं मे जबर्दस्त प्रतिक्रिया हुई। योगेन्द्र गुप्ता और राजु गुप्ता का कहना है कि हम लोगों के ऊपर 107/16 का भी कोई केस नहीं होने के बावजूद और प्रदेश में अपने ही दल की सरकार में लाइसेंस का निरस्त किये जाने से हम सभी भाजपा कार्यकर्ता आश्चर्य चकित हैं। भाजपा की सरकार में भाजपा के नाम पर गोली खाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के असलहो का लाइसेंस निरस्त हो जाने से नगर के भाजपा कार्यकर्ताओं मे आक्रोश व्याप्त है।
विज्ञापन
इस संबंध में कोतवाल अशेष नाथ सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर असलहों के लाइसेंस की जांच कराई गई। जिन पर पुराने मुकदमे थे या जिनके कारतूस के हिसाब में अनियमितता पाई गई उनका लाइसेंस निरस्त हुआ है।
विज्ञापन
नगर में 26 अप्रैल 2004 को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के समय अपराधियों द्वारा गोलीबारी की गई थी जिसमे एक भाजपा कार्यकर्ता की मौत व कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हुए थे। गोलीबारी के शिकार हुए युसुफपुर बाजार निवासी भाजपा कार्यकर्ता योगेंद्र गुप्ता व राजू गुप्ता को सुरक्षा की दृष्टि से सपा सरकार ने रिवाल्वर का लाइसेंस प्रदान किया था। जिसका समय-समय से नवीनीकरण होता रहा। दोनों भाजपा कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2010 के बाद कभी कारतूस भी नहीं खरीदा था। लाइसेंस जांच के समय दोनों कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के तत्कालीन एस एस आई को सत्तारूढ़ दल का कार्यकर्ता होने के अभिमान मे खुश नहीं किये जिससे नाराज एसएसआई ने कारतूस का हिसाब न देने का रिपोर्ट लगा दिया और जिलाधिकारी ने लाइसेंस निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
इसकी जानकारी मिलने पर भाजपा कार्यकर्ताओं मे जबर्दस्त प्रतिक्रिया हुई। योगेन्द्र गुप्ता और राजु गुप्ता का कहना है कि हम लोगों के ऊपर 107/16 का भी कोई केस नहीं होने के बावजूद और प्रदेश में अपने ही दल की सरकार में लाइसेंस का निरस्त किये जाने से हम सभी भाजपा कार्यकर्ता आश्चर्य चकित हैं। भाजपा की सरकार में भाजपा के नाम पर गोली खाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के असलहो का लाइसेंस निरस्त हो जाने से नगर के भाजपा कार्यकर्ताओं मे आक्रोश व्याप्त है।
विज्ञापन
इस संबंध में कोतवाल अशेष नाथ सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर असलहों के लाइसेंस की जांच कराई गई। जिन पर पुराने मुकदमे थे या जिनके कारतूस के हिसाब में अनियमितता पाई गई उनका लाइसेंस निरस्त हुआ है।