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नारी शक्ति और पुराने चेहरों पर भाजपा ने जताया भरोसा
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गाजीपुर। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले में एक बार फिर महिला शक्ति और पुराने चेहरों पर भरोसा जताया है। सात विधानसभा सीटों में से पांच पर भाजपा और एक पर गठबंधन दल निषाद पार्टी से प्रत्याशी घोषित हुआ है।जिनमें से तीन सीटों पर महिला उम्मीदवारों को प्रत्याशी बनाया है। तीनों वर्तमान विधायक हैं। भाजपा के पांच में से चार प्रत्याशी पुराने हैं।
भाजपा ने गाजीपुर सदर से वर्तमान विधायक और राज्य मंत्री संगीता बलवंत पर भरोसा जताया है। वह 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंची थीं। वहीं मुहम्मदाबाद सीट पर पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय को प्रत्याशी बनाया है। अलका राय ने 2017 विधानसभा में जीत दर्ज की थी। उनका मुकाबला मुख्तार अंसारी के बड़े भाई पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी से होगा। अंसारी को सपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। अंसारी पहले भी इस सीट पर जीत दर्ज कर चुके हैं।
वहीं, जमानिया विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक सुनीता सिंह भाजपा प्रत्याशी हैं। सुनीता सिंह भी बसपा के अतुल राय और सपा के ओम प्रकाश सिंह को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंची थीं। इस बार जमानिया सीट पर सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होगा। 2017 में ओम प्रकाश सिंह तीसरे नंबर पर थे। जंगीपुर से रामनरेश कुशवाहा फिर से भाजपा के भरोसेमंद के तौर पर आए हैं। कुशवाहा 2017 विधानसभा चुनाव में सपा के डा. वीरेंद्र कुमार यादव से करीबी मुकाबले में हार गए थे। इसको देखते हुए पार्टी ने उन्हें फिर एक बार मौका दिया है।
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सुरक्षित सीट जखनियां पर रामराज बनवासी को प्रत्याशी बनाया गया है। इस सीट पर 2017 में भाजपा और सुभासपा गठबंधन के त्रिवेणी राम ने जीत दर्ज की थी। गठबंधन टूटने पर यह सीट भाजपा ने यहां से प्रत्याशी उतारा है। यह सीट दलित बहुल है। ऐसे ही सुरक्षित सीट सैदपुर से निषाद पार्टी की ओर से सुभाष पासी को अपना प्रत्याशी बनाया गया है। सुभाष पासी 2012 और 2017 में सपा से विधायक रहे हैं।
पासी कुछ दिन पहले भाजपा में चले गए थे। उसके बाद सीटों की तालमेल में उनकों निषाद पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया गया। ज नपद की जहूराबाद सीट ही है जहां से भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इस सीट पर सपा और सुभासपा गठबंधन से वर्तमान विधायक ओम प्रकाश राजभर मैदान में है। भाजपा की ओर से सिर्फ जहूराबाद सीट पर प्रत्यशी की घोषणा नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है। कहा जा रहा है कि भाजपा की ओर से ओम प्रकाश राजभर की घेरेबंदी करने के लिए प्रत्याशी की तलाश हो रही है। राजभर 2017 में भाजपा और सुभासपा गठबंधन से पर यहां से जीत दर्ज किए थे।
सदर समेत तीन सीटों पर सपा ने नहीं खोले पत्ते
जिले की सात विधानसभा सीटों में तीन पर समाजवादी पार्टी ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। सैदपुर, जखनियां और सदर से प्रत्या शी घोषित होने का इंतजार है। माना जा रहा है कि इन तीनों सीटों पर सपा जाति समीकरण के आधार पर उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। जबकि जमानिया, जंगीपुर, मुहम्मदाबाद और जहूराबाद से सपा और गठबंधन दल सुभासपा के प्रत्याशी मैदान में आ गये हैं। सैदपुर विधानसभा से समाजवादी पार्टी के विधायक रहे सुभाष पासी इस समय भाजपा गठबंधन से मैदान में हैं। उन्होंने 2012 और 2017 में सपा की तरफ से जीत दर्ज की थी।
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भाजपा ने गाजीपुर सदर से वर्तमान विधायक और राज्य मंत्री संगीता बलवंत पर भरोसा जताया है। वह 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंची थीं। वहीं मुहम्मदाबाद सीट पर पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय को प्रत्याशी बनाया है। अलका राय ने 2017 विधानसभा में जीत दर्ज की थी। उनका मुकाबला मुख्तार अंसारी के बड़े भाई पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी से होगा। अंसारी को सपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। अंसारी पहले भी इस सीट पर जीत दर्ज कर चुके हैं।
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वहीं, जमानिया विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक सुनीता सिंह भाजपा प्रत्याशी हैं। सुनीता सिंह भी बसपा के अतुल राय और सपा के ओम प्रकाश सिंह को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंची थीं। इस बार जमानिया सीट पर सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होगा। 2017 में ओम प्रकाश सिंह तीसरे नंबर पर थे। जंगीपुर से रामनरेश कुशवाहा फिर से भाजपा के भरोसेमंद के तौर पर आए हैं। कुशवाहा 2017 विधानसभा चुनाव में सपा के डा. वीरेंद्र कुमार यादव से करीबी मुकाबले में हार गए थे। इसको देखते हुए पार्टी ने उन्हें फिर एक बार मौका दिया है।
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सुरक्षित सीट जखनियां पर रामराज बनवासी को प्रत्याशी बनाया गया है। इस सीट पर 2017 में भाजपा और सुभासपा गठबंधन के त्रिवेणी राम ने जीत दर्ज की थी। गठबंधन टूटने पर यह सीट भाजपा ने यहां से प्रत्याशी उतारा है। यह सीट दलित बहुल है। ऐसे ही सुरक्षित सीट सैदपुर से निषाद पार्टी की ओर से सुभाष पासी को अपना प्रत्याशी बनाया गया है। सुभाष पासी 2012 और 2017 में सपा से विधायक रहे हैं।
पासी कुछ दिन पहले भाजपा में चले गए थे। उसके बाद सीटों की तालमेल में उनकों निषाद पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया गया। ज नपद की जहूराबाद सीट ही है जहां से भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इस सीट पर सपा और सुभासपा गठबंधन से वर्तमान विधायक ओम प्रकाश राजभर मैदान में है। भाजपा की ओर से सिर्फ जहूराबाद सीट पर प्रत्यशी की घोषणा नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है। कहा जा रहा है कि भाजपा की ओर से ओम प्रकाश राजभर की घेरेबंदी करने के लिए प्रत्याशी की तलाश हो रही है। राजभर 2017 में भाजपा और सुभासपा गठबंधन से पर यहां से जीत दर्ज किए थे।
सदर समेत तीन सीटों पर सपा ने नहीं खोले पत्ते
जिले की सात विधानसभा सीटों में तीन पर समाजवादी पार्टी ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। सैदपुर, जखनियां और सदर से प्रत्या शी घोषित होने का इंतजार है। माना जा रहा है कि इन तीनों सीटों पर सपा जाति समीकरण के आधार पर उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। जबकि जमानिया, जंगीपुर, मुहम्मदाबाद और जहूराबाद से सपा और गठबंधन दल सुभासपा के प्रत्याशी मैदान में आ गये हैं। सैदपुर विधानसभा से समाजवादी पार्टी के विधायक रहे सुभाष पासी इस समय भाजपा गठबंधन से मैदान में हैं। उन्होंने 2012 और 2017 में सपा की तरफ से जीत दर्ज की थी।