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Ghazipur News: निर्माणाधीन अंडरपास पर 8 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत
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शहीद वीर अब्दुल हमीद चौक के पास नेशनल हाईवे-124डी पर निर्माणाधीन अंडरपास के गड्ढे में घायल रविं
दुल्लहपुर (गाजीपुर)। नेशनल हाईवे-124डी पर जलालाबाद स्थित शहीद वीर अब्दुल हमीद चौक के पास निर्माणाधीन अंडरपास के लिए खोदे गए आठ फीट गहरे गड्ढे में गिरकर बाइक सवार रविंद्र पासवान की माैत हो गई। पिता का आरोप है कि घटनास्थल पर न चेतावनी बोर्ड लगा था और न ही बैरिकेडिंग थी। इस मामले में कार्यदायी संस्था गंगा सागर कंस्ट्रक्शन के अज्ञात ठेकेदार और कर्मचारियों के विरुद्ध दुल्लहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
गांव महेशुआ निवासी शिवचंद पासवान ने तहरीर में कहा कि पुत्र रविंद्र पासवान बाइक से सोमवार शाम करीब सात बजे दुल्लहपुर बाजार से घर की ओर आ रहा था। इसी बीच सामने से आ रहे वाहन से बचने के प्रयास में बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह बाइक सहित गड्ढे में औंधे मुंह गिर पड़ा। गिरने से रविंद्र की नाक और मुंह से खून बहने लगा। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता का कहना है कि यदि बेटे को समय पर मदद मिल जाती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
शिवचंद पासवान का आरोप है कि अंडरपास के उत्तर दिशा में गंगा सागर कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार व कर्मचारियों ने करीब आठ फीट गहरा गड्ढा खोदा था लेकिन वहां पर न बैरिकेडिंग की थी और न ही चेतावनी बोर्ड लगाया था। रात में प्रकाश की भी व्यवस्था नहीं है। निर्माण कार्य के चलते यहां पर वाहनों का आवागमन वनवे किया गया है। इसी के चलते यहां पर हादसे होते हैं। दुल्लहपुर के थानाध्यक्ष वागिश विक्रम सिंह ने बताया कि पिता की तहरीर पर कार्यदायी संस्था गंगा सागर कंस्ट्रक्शन के अज्ञात ठेकेदार व कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। संवाद
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संबंधित अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए एनएचएआई के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा, क्योंकि सड़क किनारे सुरक्षा को लेकर पहले भी चेताया गया था। इसके बाद भी इस तरह की लापरवाही की गई है। - अविनाश कुमार, जिलाधिकारी।
सऊदी से लौटकर आया था, अब घर में सिर्फ मातम
रविंद्र पासवान पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था। उसकी शादी तीन वर्ष पूर्व हुई थी। मृतक के पिता शिवचंद पासवान के अनुसार वह दो माह पहले ही सऊदी अरब से कमाकर लौटकर आया था और घर की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए फिर से काम की योजना बना रहा था। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पत्नी सीता सरोज बदहवास हो गई और बार-बार यही कहती रही कि हमार सुहाग के सड़क खा गइल…।
वो बस घर से निकले थे… बोले थे जल्दी लौटेंगे। हमको क्या पता था कि वो आखिरी बार देख रहे हैं। अगर वहां बैरिकेडिंग होती तो आज वो जिंदा होते। -सीता सरोज, मृतक की पत्नी।
यह राष्ट्रीय राजमार्ग 124डी है, फिर भी सुरक्षा शून्य है। जब तक मौत न हो, कोई अधिकारी देखने तक नहीं आता। अब भी बयान देने से कतरा रहे हैं। -सुबच्चन पासवान, जलालाबाद।
मृतक रविंद्र पासवान के मौत का जिम्मेदार एनएचआई 124डी और संबंधित ठेकेदार है, जो निर्माण के लिए गड्ढा खोद दिया, लेकिन टिन शेड से चारों तरफ सुरक्षा घेरा नहीं बनाया, जिससे बाइक सवार के गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। -अनिल पांडेय,देवा।
अंडरपास के पास अंधेरा रहता है। गड्ढा इतना गहरा है कि कोई भी गिर जाए तो निकलना मुश्किल है। हमने पहले भी कई बार कहा था कि बैरिकेडिंग लगाओ, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। -विजय बहादुर सिंह,झोटना।
मामले की जांच कराएंगे और देखेंगे कि हमारे साइट पर हादसा हुआ है कि नहीं, इसके बाद ही मैं बयान दे पाउंगा।
-मृत्युंजय यादव, अधिशासी अभियंता, एनएच 124डी
जहां घटना हुई है, वहां पहले से दोनो तरफ सुरक्षा पट्टी लगाने के साथ मिट्टी की दीवार भी बनाई है, जो अभी भी है। साथ ही बैरियर भी लगाया गया है। - आरपी सिंह, जीएम, गंगा सागर कंस्ट्रक्शन।
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गांव महेशुआ निवासी शिवचंद पासवान ने तहरीर में कहा कि पुत्र रविंद्र पासवान बाइक से सोमवार शाम करीब सात बजे दुल्लहपुर बाजार से घर की ओर आ रहा था। इसी बीच सामने से आ रहे वाहन से बचने के प्रयास में बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह बाइक सहित गड्ढे में औंधे मुंह गिर पड़ा। गिरने से रविंद्र की नाक और मुंह से खून बहने लगा। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता का कहना है कि यदि बेटे को समय पर मदद मिल जाती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
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शिवचंद पासवान का आरोप है कि अंडरपास के उत्तर दिशा में गंगा सागर कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार व कर्मचारियों ने करीब आठ फीट गहरा गड्ढा खोदा था लेकिन वहां पर न बैरिकेडिंग की थी और न ही चेतावनी बोर्ड लगाया था। रात में प्रकाश की भी व्यवस्था नहीं है। निर्माण कार्य के चलते यहां पर वाहनों का आवागमन वनवे किया गया है। इसी के चलते यहां पर हादसे होते हैं। दुल्लहपुर के थानाध्यक्ष वागिश विक्रम सिंह ने बताया कि पिता की तहरीर पर कार्यदायी संस्था गंगा सागर कंस्ट्रक्शन के अज्ञात ठेकेदार व कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। संवाद
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संबंधित अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए एनएचएआई के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा, क्योंकि सड़क किनारे सुरक्षा को लेकर पहले भी चेताया गया था। इसके बाद भी इस तरह की लापरवाही की गई है। - अविनाश कुमार, जिलाधिकारी।
सऊदी से लौटकर आया था, अब घर में सिर्फ मातम
रविंद्र पासवान पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था। उसकी शादी तीन वर्ष पूर्व हुई थी। मृतक के पिता शिवचंद पासवान के अनुसार वह दो माह पहले ही सऊदी अरब से कमाकर लौटकर आया था और घर की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए फिर से काम की योजना बना रहा था। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पत्नी सीता सरोज बदहवास हो गई और बार-बार यही कहती रही कि हमार सुहाग के सड़क खा गइल…।
वो बस घर से निकले थे… बोले थे जल्दी लौटेंगे। हमको क्या पता था कि वो आखिरी बार देख रहे हैं। अगर वहां बैरिकेडिंग होती तो आज वो जिंदा होते। -सीता सरोज, मृतक की पत्नी।
यह राष्ट्रीय राजमार्ग 124डी है, फिर भी सुरक्षा शून्य है। जब तक मौत न हो, कोई अधिकारी देखने तक नहीं आता। अब भी बयान देने से कतरा रहे हैं। -सुबच्चन पासवान, जलालाबाद।
मृतक रविंद्र पासवान के मौत का जिम्मेदार एनएचआई 124डी और संबंधित ठेकेदार है, जो निर्माण के लिए गड्ढा खोद दिया, लेकिन टिन शेड से चारों तरफ सुरक्षा घेरा नहीं बनाया, जिससे बाइक सवार के गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। -अनिल पांडेय,देवा।
अंडरपास के पास अंधेरा रहता है। गड्ढा इतना गहरा है कि कोई भी गिर जाए तो निकलना मुश्किल है। हमने पहले भी कई बार कहा था कि बैरिकेडिंग लगाओ, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। -विजय बहादुर सिंह,झोटना।
मामले की जांच कराएंगे और देखेंगे कि हमारे साइट पर हादसा हुआ है कि नहीं, इसके बाद ही मैं बयान दे पाउंगा।
-मृत्युंजय यादव, अधिशासी अभियंता, एनएच 124डी
जहां घटना हुई है, वहां पहले से दोनो तरफ सुरक्षा पट्टी लगाने के साथ मिट्टी की दीवार भी बनाई है, जो अभी भी है। साथ ही बैरियर भी लगाया गया है। - आरपी सिंह, जीएम, गंगा सागर कंस्ट्रक्शन।