{"_id":"647349ae3d8a8d045f0b36e4","slug":"big-challenges-ahead-in-the-new-team-ghazipur-news-c-20-1-227318-2023-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: नई टीम में सामने बड़ी चुनौतियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: नई टीम में सामने बड़ी चुनौतियां
विज्ञापन
सैदपुर नगर पंचायत के चेयरमैन व नवगठित समिति से लोगों को काफी उम्मीदें
संवाद न्यूज एजेंसी
औड़िहार। सैदपुर नगर पंचायत की नवगठित समिति से यहां के आमजनों को काफी उम्मीदें हैं। शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होने के बाद लोगों के मन में अपने आसपास की समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। लेकिन 30 हजार आबादी वाले नगर पंचायत क्षेत्र सैदपुर में व्याप्त समस्याओं को सुलझा पाना यहां के नए चेयरमैन सुशीला सोनकर और उनकी टीम के लिए चुनौती साबित होगी।
नगर के 15 वार्डों में जल निकासी की बड़ी समस्या है। इसके लिए नालियों का अभाव, जगह-जगह गलियों से लगायत मुख्य सड़कों के अंदर बनाई गई नालियों के खुले और टूटे ढक्कन यहां की दुर्व्यवस्था की कहानी कह रहे हैं।
मां काली रोड से धोबही रोड को जोड़ने वाली मैरेज हाल के पीछे की गली में मेनहोल पर जर्जर ढक्कन दुर्घटना को दावत दे रहा है। इसके अलावा वर्षा में कई मुहल्लों में जल जमाव से बस्ती में आना जाना दूभर हो जाता है।
विज्ञापन
पटेल नगर वार्ड संख्या पांच की गढ़ही का जल जमाव इसका जीता जागता उदाहरण है। अच्छी वर्षा होने पर कई मुहल्लों से इस बस्ती का संपर्क टूट जाता है। ऐसे में इसके समाधान के साथ ही सैदपुर नगर पंचायत के वार्ड चार अब्दुल हमीद नगर की नई बस्ती टावर रोड पर खोदकर छोड़ दी गई सड़क वहां के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है।
इन सबके अतिरिक्त नगर की बजबजाती नालियां जगह-जगह कूड़ों का अंबार, घाटों पर बिखरी गंदगी को उचित विकल्प देने के लिए सफाई व्यवस्था को नियमित किए बिना सैदपुर नगर पंचायत को आदर्श नगर पंचायत नहीं बनाया जा सकता।
प्रधानमंत्री द्वारा चलाई गई हर घर नल जल योजना यहां मूर्त रूप नहीं ले पाई है। आराजी गंज ,मलहिया टोला में अभी भी जलापूर्ति की समस्या बरकरार है। इंदिरा नगर, गंगानगर, आजाद नगर मुहल्ले में दम तोड़ चुके खड़ंजे आने जाने वालों के लिए दुखदाई हैं। इन्हें ठीक करने के जरूरत को प्राथमिकता देनी होगी।
नमामि गंगे के तहत निर्मल जल के लिए गंगा में गिरने वाले चार बड़े नालों को व्यवस्थित करना और उसके लिए सरकार द्वारा बनाया गए प्लान को यहां मूर्त रूप देना इस नगर पंचायत के लिए बड़ा और चुनौतीपूर्ण कार्य है। देखा जाए तो आधा दर्जन से अधिक मुहल्ले सीवर योजना से अछूते रह गए हैं। जिनके लिए बस्ती के लोग लंबे अरसे से टकटकी लगाए बैठे हैं।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने नगर वासियों को भरोसा दिलाया कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर टीम भावना से नगर का विकास कराया जाएगा। जन आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कोताही नहीं होगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
औड़िहार। सैदपुर नगर पंचायत की नवगठित समिति से यहां के आमजनों को काफी उम्मीदें हैं। शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होने के बाद लोगों के मन में अपने आसपास की समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। लेकिन 30 हजार आबादी वाले नगर पंचायत क्षेत्र सैदपुर में व्याप्त समस्याओं को सुलझा पाना यहां के नए चेयरमैन सुशीला सोनकर और उनकी टीम के लिए चुनौती साबित होगी।
नगर के 15 वार्डों में जल निकासी की बड़ी समस्या है। इसके लिए नालियों का अभाव, जगह-जगह गलियों से लगायत मुख्य सड़कों के अंदर बनाई गई नालियों के खुले और टूटे ढक्कन यहां की दुर्व्यवस्था की कहानी कह रहे हैं।
विज्ञापन
मां काली रोड से धोबही रोड को जोड़ने वाली मैरेज हाल के पीछे की गली में मेनहोल पर जर्जर ढक्कन दुर्घटना को दावत दे रहा है। इसके अलावा वर्षा में कई मुहल्लों में जल जमाव से बस्ती में आना जाना दूभर हो जाता है।
विज्ञापन
पटेल नगर वार्ड संख्या पांच की गढ़ही का जल जमाव इसका जीता जागता उदाहरण है। अच्छी वर्षा होने पर कई मुहल्लों से इस बस्ती का संपर्क टूट जाता है। ऐसे में इसके समाधान के साथ ही सैदपुर नगर पंचायत के वार्ड चार अब्दुल हमीद नगर की नई बस्ती टावर रोड पर खोदकर छोड़ दी गई सड़क वहां के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है।
इन सबके अतिरिक्त नगर की बजबजाती नालियां जगह-जगह कूड़ों का अंबार, घाटों पर बिखरी गंदगी को उचित विकल्प देने के लिए सफाई व्यवस्था को नियमित किए बिना सैदपुर नगर पंचायत को आदर्श नगर पंचायत नहीं बनाया जा सकता।
प्रधानमंत्री द्वारा चलाई गई हर घर नल जल योजना यहां मूर्त रूप नहीं ले पाई है। आराजी गंज ,मलहिया टोला में अभी भी जलापूर्ति की समस्या बरकरार है। इंदिरा नगर, गंगानगर, आजाद नगर मुहल्ले में दम तोड़ चुके खड़ंजे आने जाने वालों के लिए दुखदाई हैं। इन्हें ठीक करने के जरूरत को प्राथमिकता देनी होगी।
नमामि गंगे के तहत निर्मल जल के लिए गंगा में गिरने वाले चार बड़े नालों को व्यवस्थित करना और उसके लिए सरकार द्वारा बनाया गए प्लान को यहां मूर्त रूप देना इस नगर पंचायत के लिए बड़ा और चुनौतीपूर्ण कार्य है। देखा जाए तो आधा दर्जन से अधिक मुहल्ले सीवर योजना से अछूते रह गए हैं। जिनके लिए बस्ती के लोग लंबे अरसे से टकटकी लगाए बैठे हैं।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने नगर वासियों को भरोसा दिलाया कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर टीम भावना से नगर का विकास कराया जाएगा। जन आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कोताही नहीं होगी।