Ghazipur News: 15 लाख रुपये घोटाला मामले में बीडीओ, ठेकेदार व सपा ब्लाक प्रमुख का पति अरेस्ट, जानें पूरा मामला
नाला निर्माण व मरम्मत कार्य को लेकर जांच करने पहुंचे अधिकारियों ने दोनों कार्य मौके पर होना नहीं पाया था। जबकि इस काम के लिए रुपयों का भुगतान कर दिया गया था। इसी मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के भदौरा ब्लॉक में हुए 15 लाख रुपये के घोटाले के मामले में पुलिस ने मंगलवार की रात बड़ी कार्रवाई की। मामले में दोषी तत्कालीन बीडीओ, संबंधित ठेकेदार और आरोपी सपा ब्लाक प्रमुख के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह है मामला
भदौरा ब्लाक के ग्राम पंचायत पथरा में बबलू सिंह के घर से शिव मंदिर तक नाला निर्माण और शिव मंदिर से पानी टंकी तक नाला मरम्मत कार्य व नव निर्माण की जांच 18 दिसंबर को मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य और जिला पंचायत राज अधिकारी अंशुल मौर्य ने किया था। जांच में दोनों कार्य मौके पर होना नहीं पाया गया। खंड विकास अधिकारी से दोनों कार्यों की पत्रावली/अभिलेख मांगी गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं करा सके। जबकि जांच में यह बात सामने आई कि दो बार में सात लाख 45 हजार 895 रुपये और 7 लाख 57 हजार 577 रुपये का भुगतान फर्म राज ट्रेडर्स को किया गया है।
इसपर 20 दिसंबर को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। 21 दिसंबर को डीपीआरओ ने मामले में सपा ब्लाक प्रमुख नरगिस खान, तत्कालीन बीडीओ गिरीश चंद्र सिंह निवासी छपरा सुल्तानपुर थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ़ और फर्म मेसर्स राज ट्रेडर्स के प्रोपराईटर तबरेज खान निवासी उसिया थाना दिलदारनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
क्या कहती है पुलिस
विवेचना में दिलदारनगर थाना क्षेत्र के रक्सहा गांव निवासी और ब्लाक प्रमुख के पति औरंगजेब खान का भी नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस सभी आरोपियों की तलाश में जुट गई। इसी बीच बीडीओ, ठेकेदार और ब्लाक प्रमुख के पति को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि अभिलेखिय साक्ष्यों का संकलन किया गया। प्रथमदृष्टया जिन लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे, वे सही पाए गए। साथ ही ब्लाक प्रमुख का कार्य देखने वाले उनके पति को भी गिरफ्तार किया गया है।
खतरे में पड़ी बीडीओ की नौकरी, काली सूची में ठेकेदार, शासन को भेजा गया पत्र
गाजीपुर के खंड विकास अधिकारी गिरीश चंद सिंह की नौकरी खतरे में पड़ गई है। इस बार उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भी भेजा गया है। वहीं, आरोपी ठेकेदार को काली सूची में डाल दिया गया है। मामले की जांच में सामने आया था सपा ब्लॉक प्रमुख भदौरा नरगिस खान और खंड विकास अधिकारी गिरीश चंद सिंह ने अपने एक चहेते ठेकेदार के साथ मिलकर यह खेल किया।
हालांकि सीडीओ और डीपीआरओ की जांच में पकड़े जाने पर खंड विकास अधिकारी ने अगले दिन अपने लिखित बयान में बताया कि उन्होंने पूरी धनराशि सरकारी खाते में जमा करवा दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इसके पहले भी बीडीओ ने करंडा ब्लाक में खेल किया था। जहां उनसे 15 हजार रुपये की रिकवरी की गई थी, जिसके करीब तीन माह बाद दूसरी तैनाती लॉक भदौरा में की गई थी। लेकिन, वे अपनी मनमानी से बाज नहीं आए और फिर खेल किया। यहां भी उनपर लगातार आरोप लग रहे थे।
पिछले वर्ष नौ अक्तूबर को ग्राम पंचायत सिंहानी में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत आठ अपात्रों का चयन कर आवास आवंटित करने की बात सामने आई थी। यही नहीं कई ग्राम प्रधानों ने भी आरोप लगाया था, जिसे लेकर पूर्व विधायक सुनीता सिंह और एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने भी शिकायत की थी। इस तरह पूरे प्रकरण को लेकर उच्चाधिकारी भी गंभीर हो गए और बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन स्तर पर भी पत्र भेज दिए हैं।
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि भदौरा में 15 लाख गबन के मामले में दोषी बीडीओ के खिलाफ शासन को पत्र भेजा गया है। जहां से कार्रवाई की होनी है।