फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Ban on admision in homiopathic college

होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पर रोक

Thu, 01 Sep 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर Updated Thu, 01 Sep 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
जनपद के राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में सत्र 2016-17 में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इस आशय का पत्र आयुष विभाग ने हाल ही में कॉलेज प्रशासन को भेजा है। कॉलेज में शिक्षकों की कमी और हॉस्पिटल में मरीज भर्ती न कर पाने की वजह से ये संकट खड़ा हुआ है।  कॉलेज परिसर में व्याप्त दुर्व्यवस्थाओं का आलम है। कॉलेज का भवन सालों से जर्जर है।  परिसर में इन दिनों बाढ़ के पानी से जलमग्न है। यहां छात्रों की पढ़ाई की कौन कहे, मरीज तक को देखने की व्यवस्था नहीं है ? ऐेसे में आयुष विभाग ने कालेज को वर्ष 2016-17 में छात्रों का नामांकन न लेने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन

विद्यालय की माने तो कालेज में नामांकन तथा अन्य व्यवस्था के संबंध में आगामी 3 सितंबर 2016 को लखनऊ में आयुष मंत्रालय की बैठक बुलाई गई है। जिसमें गाजीपुर होम्योपैथिक कालेज का मामला प्राथमिकता से उठाया जाएगा। होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में यहां कुल 50 सीटें हैं। पिछले सत्र में 48 छात्रों ने नामांकन लिया था। यहां पहले छात्रों के रहने और खाने की सुविधा उपलब्ध थी। लेकिन शासन की उपेक्षा के कारण भवन जर्जर हो गए हैं और सब कुछ धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है।
विज्ञापन


होम्योपैथिक मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. उमाशंकर मिश्रा ने बताया कि यहां कुल 12 विभाग हैं। जिसमें से ग्यारह विभागों में प्रोफेसर के पद रिक्त हैं। मात्र एक प्रोफेसर की यहां तैनाती की गई है। इसी प्रकार रीडर के 12 पदों में से केवल तीन पदों पर ही तैनाती है। यही हाल लेक्चरर सहित अन्य कर्मचारियों का है। कहा कि मानक के आधे से भी कम कर्मचारी यहां तैनात हैं। इतना ही नहीं कालेज में शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। वर्तमान में पूरा परिसर बाढ़ के पानी से जलमग्न है। यहां पर आने वाले मरीजों तक को देखने की व्यवस्था नहीं है। यहां लैब का हाल भी बद से बदतर है। उपकरणों के अभाव में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती रही है। इसके लिए कई बार विभाग को लिखा जा चुका है, लेकिन समस्या का आज तक समाधान नहीं हो सका है। शासन और विभाग की उपेक्षा के कारण कालेज धीरे-धीरे अपने अस्तित्व को खोता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed