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Ghazipur News: राजौरी में तैनात सैन्य कर्मी का निधन, अंतिम विदाई में दी श्रद्धांजलि
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मृतक रामकरण यादव की फाइल फोटो (सेना के जवान)। स्रोत- स्वयं
बिरनो। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में तैनात गाजीपुर के जवान रामकरण यादव का बीमारी के चलते निधन हो गया। मंगलवार सुबह उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव नसरतपुर पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत नसरतपुर निवासी रामकरण यादव (46) भारतीय सेना में तैनात थे। दिवंगत जवान के बड़े रामअवध यादव के अनुसार, लीवर संबंधी बीमारी के चलते रामकरण की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ स्थित कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब एक महीने तक उपचार के बाद 28 जून की रात उनका निधन हो गया।
उधर, मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। पत्नी रेनू यादव का विलाप देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। जवान अपने पीछे पत्नी, पुत्र पंकज यादव (16), हर्ष यादव (10) और पुत्री नेहा यादव (24) को छोड़ गए हैं।
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रामअवध यादव ने बताया कि रामकरण यादव सेना में एक अप्रैल 2001 को भर्ती हुए थे और करीब 25 वर्षों तक देश की सेवा की। उनका परिवार भी लंबे समय से सैन्य परंपरा से जुड़ा रहा है। उनके पिता रामबली सिंह यादव भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि दोनों बड़े भाई रामअवध यादव और रामबरत यादव भी सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एक ही परिवार की कई पीढ़ियों के देश सेवा से जुड़े होने के कारण क्षेत्र के लोगों ने जवान के निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
गांव में अंतिम दर्शन के दौरान ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने दिवंगत जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। जवान के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
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क्षेत्र के ग्राम पंचायत नसरतपुर निवासी रामकरण यादव (46) भारतीय सेना में तैनात थे। दिवंगत जवान के बड़े रामअवध यादव के अनुसार, लीवर संबंधी बीमारी के चलते रामकरण की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ स्थित कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब एक महीने तक उपचार के बाद 28 जून की रात उनका निधन हो गया।
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उधर, मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। पत्नी रेनू यादव का विलाप देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। जवान अपने पीछे पत्नी, पुत्र पंकज यादव (16), हर्ष यादव (10) और पुत्री नेहा यादव (24) को छोड़ गए हैं।
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रामअवध यादव ने बताया कि रामकरण यादव सेना में एक अप्रैल 2001 को भर्ती हुए थे और करीब 25 वर्षों तक देश की सेवा की। उनका परिवार भी लंबे समय से सैन्य परंपरा से जुड़ा रहा है। उनके पिता रामबली सिंह यादव भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि दोनों बड़े भाई रामअवध यादव और रामबरत यादव भी सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एक ही परिवार की कई पीढ़ियों के देश सेवा से जुड़े होने के कारण क्षेत्र के लोगों ने जवान के निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
गांव में अंतिम दर्शन के दौरान ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने दिवंगत जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। जवान के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

मृतक रामकरण यादव की फाइल फोटो (सेना के जवान)। स्रोत- स्वयं

मृतक रामकरण यादव की फाइल फोटो (सेना के जवान)। स्रोत- स्वयं