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किसान आंदोलन के समर्थन में सड़क पर उतरी एपवा
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सरजू पांडेयपार्क में धरनें को संबोधित करती एपवा जिलाध्यक्ष चंद्रावती।
- फोटो : GHAZIPUR
गाजीपुर। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) की कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में मंगलवार को सरजू पांडेय पार्क में प्रदर्शन कर धरना दिया।
धरना सभा में एपवा की जिलाध्यक्ष चंद्रावती देवी ने कहा कि हाड़तोड़ मेहनत कर देश का पेट भरने वाले किसान इस कड़कड़ाती ठंड में दिल्ली बार्डर पर खुले आसमान के नीचे सड़क पर हैं लेकिन केंद्र सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रही है। महंगाई पर लगाम लगाने, किसानों को उनकी फ़सल का लागत मूल्य का दोगुना दाम देने का वादा करके आई मोदी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। उन्होंने किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने, किसानों के सभी छोटे-बड़े कर्ज माफ करने तथा 2020 बिजली बिल वापस लेने की मांग की।
जिला सहसचिव मंजू गोंड ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार में महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। हाथरस कांड में प्रदेश सरकार का चेहरा उजागर हुआ है। इस घटना में गैंगरेप की घटना को पुलिस ने सरकार के दबाव में नकार दिया। सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल करते समय बलात्कार की पुष्टि की। उन्होंने हाथरस के डीएम-एसपी को गलतबयानी के लिए बर्खास्त करने की मांग की। जिला उपाध्यक्ष सरोज यादव ने बिजली बिल सहित महिलाओं द्वारा माइक्रो फाइनेंस कंपनियों तथा बैंकों से लिए गए ऋण को माफ किया र्जाए। सभा में सुकरा देवी, रिंकू देवी, दौलती देवी, श्यामप्यारी देवी, शकुंतला देवी, देवंती देवी ने विचार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को संबोधित 12 सूत्रीय मांग पत्र नायब तहसीलदार सदर को सौंपा गया।
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धरना सभा में एपवा की जिलाध्यक्ष चंद्रावती देवी ने कहा कि हाड़तोड़ मेहनत कर देश का पेट भरने वाले किसान इस कड़कड़ाती ठंड में दिल्ली बार्डर पर खुले आसमान के नीचे सड़क पर हैं लेकिन केंद्र सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रही है। महंगाई पर लगाम लगाने, किसानों को उनकी फ़सल का लागत मूल्य का दोगुना दाम देने का वादा करके आई मोदी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। उन्होंने किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने, किसानों के सभी छोटे-बड़े कर्ज माफ करने तथा 2020 बिजली बिल वापस लेने की मांग की।
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जिला सहसचिव मंजू गोंड ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार में महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। हाथरस कांड में प्रदेश सरकार का चेहरा उजागर हुआ है। इस घटना में गैंगरेप की घटना को पुलिस ने सरकार के दबाव में नकार दिया। सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल करते समय बलात्कार की पुष्टि की। उन्होंने हाथरस के डीएम-एसपी को गलतबयानी के लिए बर्खास्त करने की मांग की। जिला उपाध्यक्ष सरोज यादव ने बिजली बिल सहित महिलाओं द्वारा माइक्रो फाइनेंस कंपनियों तथा बैंकों से लिए गए ऋण को माफ किया र्जाए। सभा में सुकरा देवी, रिंकू देवी, दौलती देवी, श्यामप्यारी देवी, शकुंतला देवी, देवंती देवी ने विचार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को संबोधित 12 सूत्रीय मांग पत्र नायब तहसीलदार सदर को सौंपा गया।
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