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Ghazipur News: गंगा के बहाव में पीपा पुल का एप्रोच क्षतिग्रस्त
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मुहम्मदाबाद व सेवराई तहसीलों से आने वाले लोगों का आवागमन बाधित
इस महीने सातवीं बार एप्रोच क्षतिग्रस्त होने से लोगों में नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सुहवल। रेवतीपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के समीप गंगा नदी पर स्थित पीपापुल का एप्रोच एक बार फिर मंगलवार की भोर में गंगा के तेज बहाव में बह गया। मुहम्मदाबाद व सेवराई तहसीलों से होकर आने-जाने वाले लोगों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। लोगों व अन्य वाहनों को 30 किमी से अधिक की दूरी तय कर रेवतीपुर, सुहवल से मेदनीपुर होते हुए आना-जाना पड़ रहा है। इस महीने पीपापुल का यह एप्रोच सातवीं बार क्षतिग्रस्त हुआ है।
रामपुर गांव के पास गंगा नदी पर बना पीपा पुल का एप्रोच कुछ दिनों पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद एप्रोच की मरम्मत 13 मई को कराई गई थी। हालांकि ग्रामीणों की ओर से इसके निर्माण में मानक को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे। लेेकिन विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
अब एक बार फिर पीपा पुल का एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसका निर्माण मानक के अनुरूप होता तो शायद यह क्षतिग्रस्त नहीं होता। लोगों ने बताया कि इस पीपापुल का लाभ लोगों को समुचित तरीके से नहीं मिल पा रहा है। कभी क्रूज तो कभी मालवाहक जलयान के चलते आए दिन इसे खोला जाता है, तो कभी पानी के बहाव के चलते एप्रोच क्षतिग्रस्त होता रहता है।
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डेढ़ दशक पहले शुरू हुआ था पीपा पुल
मुुुहम्मदाबाद व सेवराई तहसील का इलाका कृषि बहुल होने के साथ ही व्यापारिक दृष्टि से भी खासा महत्व रखता है। करीब डेढ़ दशक पूर्व तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री कुसुम राय ने क्षेत्रीय लोगों की मांग पर रामपुर बच्छलकापुरा गंगा तट पर पीपा पुल की आधारशिला रखी थी। पीपा पुल को मानसून सत्र 15 जून से 15 अक्टूबर तक के लिए बंद कर दिया जाता है।
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इस वर्ष पीपापुल का संचालन करीब तीन महीने देर से फरवरी माह में शुरू हो सका था। पीपा पुल का एप्रोच कुछ क्षतिग्रस्त हुआ है।
- महेंद्र मौय, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग, खंड तृतीय, गाजीपुर
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इस महीने सातवीं बार एप्रोच क्षतिग्रस्त होने से लोगों में नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सुहवल। रेवतीपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के समीप गंगा नदी पर स्थित पीपापुल का एप्रोच एक बार फिर मंगलवार की भोर में गंगा के तेज बहाव में बह गया। मुहम्मदाबाद व सेवराई तहसीलों से होकर आने-जाने वाले लोगों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। लोगों व अन्य वाहनों को 30 किमी से अधिक की दूरी तय कर रेवतीपुर, सुहवल से मेदनीपुर होते हुए आना-जाना पड़ रहा है। इस महीने पीपापुल का यह एप्रोच सातवीं बार क्षतिग्रस्त हुआ है।
रामपुर गांव के पास गंगा नदी पर बना पीपा पुल का एप्रोच कुछ दिनों पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद एप्रोच की मरम्मत 13 मई को कराई गई थी। हालांकि ग्रामीणों की ओर से इसके निर्माण में मानक को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे। लेेकिन विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
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अब एक बार फिर पीपा पुल का एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसका निर्माण मानक के अनुरूप होता तो शायद यह क्षतिग्रस्त नहीं होता। लोगों ने बताया कि इस पीपापुल का लाभ लोगों को समुचित तरीके से नहीं मिल पा रहा है। कभी क्रूज तो कभी मालवाहक जलयान के चलते आए दिन इसे खोला जाता है, तो कभी पानी के बहाव के चलते एप्रोच क्षतिग्रस्त होता रहता है।
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डेढ़ दशक पहले शुरू हुआ था पीपा पुल
मुुुहम्मदाबाद व सेवराई तहसील का इलाका कृषि बहुल होने के साथ ही व्यापारिक दृष्टि से भी खासा महत्व रखता है। करीब डेढ़ दशक पूर्व तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री कुसुम राय ने क्षेत्रीय लोगों की मांग पर रामपुर बच्छलकापुरा गंगा तट पर पीपा पुल की आधारशिला रखी थी। पीपा पुल को मानसून सत्र 15 जून से 15 अक्टूबर तक के लिए बंद कर दिया जाता है।
इस वर्ष पीपापुल का संचालन करीब तीन महीने देर से फरवरी माह में शुरू हो सका था। पीपा पुल का एप्रोच कुछ क्षतिग्रस्त हुआ है।
- महेंद्र मौय, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग, खंड तृतीय, गाजीपुर