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पुलिस के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 16 Apr 2015 12:15 AM IST
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जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, शराब कंपनी के मैनेजर मनोज सिंह की हत्या और 28 लाख रुपये की लूट सहित अन्य घटनाओं का खुलासा नहीं होने पर बुधवार को पुलिस प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
सर्वदलीय संघर्ष समिति के आह्वान पर जिले भर में ऐतिहासिक बंदी रही। सुबह से दोपहर करीब डेढ़ बजे तक गुमटी से लगायत सभी छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों में ताले लटके रहे।
आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका गया। सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
पुलिस की नाकामी को लेकर पिछले कई दिनों से सर्वदलीय संघर्ष समिति संयोजक अरुण कुमार सिंह की अगुवाई में लोग आंदोलित थे।
शराब कारोबारियों की कंपनी के मैनेजर मनोज सिंह हत्याकांड के मामले में अभी तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर 15 अप्रैल को जिला बंद का आह्वान किया गया था।
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बुधवार की सुबह समिति के कैंप कार्यालय सुभाषनगर पर लोग एकत्र हुए। इसके बाद सर्वदलीय संघर्ष में शामिल विभिन्न संगठनों, व्यापारियों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों के साथ जुलूस निकालकर बंदी के लिए समर्थन मांगा जाने लगा।
उधर नवाब साहब टेढ़ीबाजार से संघर्ष समिति व्यापार मंडल, सराफा व्यवसायी सहित अन्य संगठन के लोग बाइक जुलूस लेकर निकले। पूरे शहर का भ्रमण कर लोगों को दूकानें बंद रखने की अपील करते रहे।
हालांकि पहले ही लोगों ने स्वेच्छा से अपनी दूकानें बंद रखी थीं। इक्का-दुक्का जो दूकानें खुली थी, वे जुलूस में शामिल लोगों द्वारा बंदी के लिए की गई अपील पर बंद हो गईं।
शहर के महुआबाग, मिश्रबाजार, कचहरी, विशेश्वरगंज, लंका बस स्टैंड, गोराबाजार, रौजा, नवाबसाहब, झुन्नू लाल चौराहा, ददरी घाट सहित अन्य इलाकों में चाय-पान से लगायत हर छोटे-बड़े प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे।
बाजार मेें निकले लोगोें को चाय-पान तक नसीब नहीं हो सका। दूकानों को बंद करने वाले दूकानदारों में भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा नजर आ रहा था।
जुलूस में शामिल लोग पुतला भी साथ लेकर चल रहे थे। पूरे शहर का चक्रमण करता हुआ जुलूस कचहरी स्थित पुलिस कार्यालय पर पहुंचा।
यहां पर नारेबाजी के बीच सर्वदीय संघर्ष समिति के लोगों ने पुलिस प्रशासन का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर रोष जाहिर किया। सैदपुर, नंदगंज, करंडा, शादियाबाद, जखनियां, मुहम्मदाबाद, जमानिया, कासिमाबाद, मरदह, सुहवल,
दिलदारनगर में भी दूकानें बंद रहीं। तहसील मुख्यालयों पर भी पुलिस प्रशासन का पुतला फूंक कर नारेबाजी की गई। इस मौके पर जवाहर वर्मा, राजेंद्र वर्मा, श्रीप्रकाश केशरी, अधिवक्ता रणजीत सिंह, अधिवक्ता गौतम मिश्र, अधिवक्ता सुरेश सिंह, रामानुज सिंह, विनोद सिंह, जनार्दन राम आसिफ खां, शकील अहमद आदि थे।
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सर्वदलीय संघर्ष समिति के आह्वान पर जिले भर में ऐतिहासिक बंदी रही। सुबह से दोपहर करीब डेढ़ बजे तक गुमटी से लगायत सभी छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों में ताले लटके रहे।
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आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका गया। सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
पुलिस की नाकामी को लेकर पिछले कई दिनों से सर्वदलीय संघर्ष समिति संयोजक अरुण कुमार सिंह की अगुवाई में लोग आंदोलित थे।
शराब कारोबारियों की कंपनी के मैनेजर मनोज सिंह हत्याकांड के मामले में अभी तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर 15 अप्रैल को जिला बंद का आह्वान किया गया था।
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बुधवार की सुबह समिति के कैंप कार्यालय सुभाषनगर पर लोग एकत्र हुए। इसके बाद सर्वदलीय संघर्ष में शामिल विभिन्न संगठनों, व्यापारियों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों के साथ जुलूस निकालकर बंदी के लिए समर्थन मांगा जाने लगा।
उधर नवाब साहब टेढ़ीबाजार से संघर्ष समिति व्यापार मंडल, सराफा व्यवसायी सहित अन्य संगठन के लोग बाइक जुलूस लेकर निकले। पूरे शहर का भ्रमण कर लोगों को दूकानें बंद रखने की अपील करते रहे।
हालांकि पहले ही लोगों ने स्वेच्छा से अपनी दूकानें बंद रखी थीं। इक्का-दुक्का जो दूकानें खुली थी, वे जुलूस में शामिल लोगों द्वारा बंदी के लिए की गई अपील पर बंद हो गईं।
शहर के महुआबाग, मिश्रबाजार, कचहरी, विशेश्वरगंज, लंका बस स्टैंड, गोराबाजार, रौजा, नवाबसाहब, झुन्नू लाल चौराहा, ददरी घाट सहित अन्य इलाकों में चाय-पान से लगायत हर छोटे-बड़े प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे।
बाजार मेें निकले लोगोें को चाय-पान तक नसीब नहीं हो सका। दूकानों को बंद करने वाले दूकानदारों में भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा नजर आ रहा था।
जुलूस में शामिल लोग पुतला भी साथ लेकर चल रहे थे। पूरे शहर का चक्रमण करता हुआ जुलूस कचहरी स्थित पुलिस कार्यालय पर पहुंचा।
यहां पर नारेबाजी के बीच सर्वदीय संघर्ष समिति के लोगों ने पुलिस प्रशासन का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर रोष जाहिर किया। सैदपुर, नंदगंज, करंडा, शादियाबाद, जखनियां, मुहम्मदाबाद, जमानिया, कासिमाबाद, मरदह, सुहवल,
दिलदारनगर में भी दूकानें बंद रहीं। तहसील मुख्यालयों पर भी पुलिस प्रशासन का पुतला फूंक कर नारेबाजी की गई। इस मौके पर जवाहर वर्मा, राजेंद्र वर्मा, श्रीप्रकाश केशरी, अधिवक्ता रणजीत सिंह, अधिवक्ता गौतम मिश्र, अधिवक्ता सुरेश सिंह, रामानुज सिंह, विनोद सिंह, जनार्दन राम आसिफ खां, शकील अहमद आदि थे।