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आरोप : सरकारी स्टाफ नर्स ने अपने आवास पर कराया प्रसव, प्रसूता की मौत
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मृतका गरिमा की फाइल फोटो
मऊ। जिले में अवैध रूप से संचालित फर्जी अस्पतालों और स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामले में, रानीपुर थाना क्षेत्र के बेलसुरी निवासी गरिमा सिंह (36) की सामान्य प्रसव के तीन दिन बाद महिला जिला अस्पताल में मौत हो गई। मृतका के पति हरिओम सिंह ने दोहरीघाट ब्लॉक में तैनात एक सरकारी स्टाफ नर्स पर अपने निजी आवास पर प्रसव कराने और गुमराह कर इलाज करने का गंभीर आरोप लगाया है। उधर, संबंधित अधिकारी इस मामले की जांच की बात कह रहे हैं।
हरिओम सिंह ने बताया कि उसकी गर्भवती पत्नी गरिमा सिंह (36) का इलाज जिला मुख्यालय के एक बड़े निजी अस्पताल में चल रहा था। 13 सितंबर को तबीयत खराब होने पर उसने अपनी मां सोना देवी और पत्नी को उसी अस्पताल में भेजा था। रास्ते में किसी ने उसकी मां को बहला-फुसलाकर एक स्टाफ नर्स के निजी आवास पर बेहतर उपचार का झांसा दिया। गरिमा को लेकर मां स्टाफ नर्स के यहां पहुंचीं। वहां सामान्य प्रसव कराया गया। दो घंटे बाद जच्चा-बच्चा सकुशल घर लौट आए थे। हरिओम ने बताया कि अगले दिन गरिमा की तबीयत बिगड़ने पर दोबारा उसी नर्स के पास लेकर पहुंचे। रातभर महिला को अपने यहां रखकर नर्स ने इलाज किया। वहां उसे रातभर रोककर रखा गया।
वह निजी अस्पताल जाना चाह रहे थे जहां पत्नी का पहले से इलाज करा रहा था, लेकिन उसे अगले दिन शाम को छोड़ दिया। 16 सितंबर की सुबह हालत गंभीर होने पर उसे रानीपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने महिला जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हरिओम ने घटना की सूचना रानीपुर पुलिस को दी। महिला जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीलेश श्रीवास्तव ने बताया कि महिला को उसके परिजन लेकर जब अस्पताल पहुंचे तक तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। रानीपुर एसओ प्रमोद कुमार का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हरिओम सिंह ने बताया कि उसकी गर्भवती पत्नी गरिमा सिंह (36) का इलाज जिला मुख्यालय के एक बड़े निजी अस्पताल में चल रहा था। 13 सितंबर को तबीयत खराब होने पर उसने अपनी मां सोना देवी और पत्नी को उसी अस्पताल में भेजा था। रास्ते में किसी ने उसकी मां को बहला-फुसलाकर एक स्टाफ नर्स के निजी आवास पर बेहतर उपचार का झांसा दिया। गरिमा को लेकर मां स्टाफ नर्स के यहां पहुंचीं। वहां सामान्य प्रसव कराया गया। दो घंटे बाद जच्चा-बच्चा सकुशल घर लौट आए थे। हरिओम ने बताया कि अगले दिन गरिमा की तबीयत बिगड़ने पर दोबारा उसी नर्स के पास लेकर पहुंचे। रातभर महिला को अपने यहां रखकर नर्स ने इलाज किया। वहां उसे रातभर रोककर रखा गया।
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वह निजी अस्पताल जाना चाह रहे थे जहां पत्नी का पहले से इलाज करा रहा था, लेकिन उसे अगले दिन शाम को छोड़ दिया। 16 सितंबर की सुबह हालत गंभीर होने पर उसे रानीपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने महिला जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हरिओम ने घटना की सूचना रानीपुर पुलिस को दी। महिला जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीलेश श्रीवास्तव ने बताया कि महिला को उसके परिजन लेकर जब अस्पताल पहुंचे तक तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। रानीपुर एसओ प्रमोद कुमार का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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