फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Agricultural defense units dying, farmers wandering

दम तोड़ रहीं कृषि रक्षा इकाईयां, किसान शोषण के शिकार

Sat, 23 Oct 2021 12:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Oct 2021 12:18 AM IST
विज्ञापन
Agricultural defense units dying, farmers wandering
गाजीपुर। जिले में कृषि रक्षा इकाइयां दम तोड़ चुकी हैं। जिले के 16 कृषि रक्षा केंद्रों पर दो वर्ष से कीट रक्षक दवाएं नहीं हैं। किसानों को बाजार से महंगे दाम पर दवाएं खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। ऐसे में रबी की फसल की सुरक्षा को लेकर अन्नदाता चिंतित हैं।
विज्ञापन

करीब दो लाख 53 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर चार लाख आठ हजार किसान खेती करते हैं। उन्हें खाद-बीज और गुणवत्तापूर्ण दवाओं के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए जिले के 16 विकास खंडों पर कृषि रक्षा इकाई स्थापित कराई गईं। जहां से किसान अनुदान पर खरपतवार नाशक, कीटनाशक और फंगस संबंधित दवाएं आसानी से सस्ती कीमत पर उपलब्ध हो सके। साथ ही इन दवाओं को कृषि रक्षा केंद्रों से खरीदने के बदले किसानों को 40 से 60 फीसदी तक अनुदान मिल सके। ऐसे में खरीफ एवं रबी का सीजन आने के बाद इन केंद्रों पर किसानों की भीड़ जुटने लगती थी। इन केंद्रों पर फफूंदी नाशक और फसल के पीला पड़ने से भी सुरक्षा होती थी, जबकि दो वर्ष से यह केंद्र निष्क्रिय बने हुए हैं। दवाओं का टोटा होने से किसान परेशान हैं। स्थिति यह है कि अब इन केंद्रों पर दवाएं आनी बंद हो चुकी है। ऐसे में दवाओं पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ भी उन तक नहीं पहुंच रहा है। अधिसंख्य केंद्रों पर ताला लटक चुका है। किसानों को बाध्य होकर बाजार से अधिक दामों पर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। कमोवेश यही हाल किसानों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं और अनुदान का भी है। सिर्फ मौखिक और कागजी खानापूर्ति करके विभाग के अधिकारी पल्ला झाड़ने में लगे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed