फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Afzal Ansari said, I did not get relief, I got justice, the truth came in front of the public.

Ghazipur News: अफजाल अंसारी बोले, मुझे राहत नहीं, इंसाफ मिला, सच्चाई जनता के सामने आ गई

Tue, 30 Jul 2024 01:26 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2024 01:26 AM IST
विज्ञापन
Afzal Ansari said, I did not get relief, I got justice, the truth came in front of the public.
गाजीपुर। सांसद अफजाल अंसारी गैंगस्टर मामले में फैसला अपने पक्ष में आने पर काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि मुझे राहत नहीं, इंसाफ मिला है। सच्चाई जनता के सामने आ गई। साजिश के तहत जो काला टीका लगाया गया था वो धुल गया।
विज्ञापन


जिन लोगों ने न्याय के पक्ष में मेरा साथ दिया है मैं उनका जीवन भर ऋणी रहूंगा। मेरी कोशिश होगी की मंगलवार को सदन की कार्यवाही में शामिल हो जाऊं। हालांकि मुझे सदन की कार्यवाही में शामिल होने से रोका नहीं गया था। लेकिन, फैसला सुरक्षित हो गया था तो मैंने सोचा की फैसला कराकर चलूं। पहले मीडिया के सवालों के कारण नजरें झुका लेता था।
विज्ञापन


घर पर शुभचिंतकों के साथ समय गुजारने और मीडिया से बातचीत के बाद सांसद दिल्ली सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। वहीं सांसद के पक्ष में आने पर समर्थकों और शुभचिंतकों में जहां खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सवा तीन बजे फैसला आते ही मुहम्मदाबाद स्थित फाटक पर जश्न का माहौल देखने को मिला। लोग एक-दूसरे को मिठाई खिला रहे थे। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स तैनात कर दी गई थी। सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि सत्य पर विश्वास करता हूं। ये जीत गाजीपुर की जनता की है।

दुआ, आशीर्वाद और साथ देने वालों का आज का दिन है। अफजाल अंसारी ने कहा कि मैंने जीवन भर डर का सामना करने का संकल्प लिया है। मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मुझे और सबको पहले से पता है कि दबाव देकर सजा कराई गई थी।

29 तारीखों के घाव को भरने वाला रहा आज का दिन

गाजीपुर। सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि लोग यह कहते हैं कि 29 तारीख मेले लिए काला दिन होता रहा है, जो अब झूठा साबित हो गया। बताया कि 29 नवंबर 2005 को पहली बार मैं किसी मामले में आरोपित किया गया। 29 दिसंबर 2006 को मेरे पिता सुभानुल्लाह अंसारी का निधन हुआ। 12 साल बाद 29 दिसंबर के ही दिन मां रजिया बेगम का निधन हो गया। इसी तरह मेरे जीवन में कठिन समय 29 अप्रैल 2003 को भी आया, जब गाजीपुर की कोर्ट से मुझे चार वर्ष की सजा और एक लाख जुर्माना की सजा सुनाई गई। इसके चलते चर्चा थी कि 29 जुलाई को फिर फैसला आ रहा है और ये काला दिन साबित हो सकता है, लेकिन सृष्टि के रचयिता ने मेरे पिछले सभी घाव भर दिए। आज सावन का महीना, सावन का दूसरा सोमवार, भोले बाबा का दिन...यह सब मेरे लिए शुभ साबित हुआ। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed