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Ghazipur News: स्कूली वाहन मिले अनफिट तो होगी कार्रवाई
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गाजीपुर। जिले में धड़ल्ले से मानकों के विपरीत बिना फिटनेस या स्कूल के नाम बिना पंजीकृत/अनुबंधित स्कूल वाहनों का संचालन किया जा रहा है। मारुति वैन, मैजिक, ऑटो, ई-रिक्शा में बच्चों को स्कूल भेजा जा रहा है। ये उत्तर प्रदेश मोटर यान (26वां संशोधन) नियमावली, 2019 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस तरह की लापरवाही देखते हुए जनपद में आठ जुलाई से स्कूली वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग विशेष अभियान चलाया जाएगा। परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी सभी विद्यालयों को अपने वाहनों के फिटनेस सही कराने के लिए कहा है।
परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह ने भी स्कूली वाहनों की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने पत्र जारी कर विशेष अभियान चलाकर उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली का खुला उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों की जांच करने का आदेश दिया है। इसके लिए 8 से लेकर 23 जुलाई तक विशेष अभियान चलाने को कहा है। स्कूली बच्चों को लाने ले जाने वाले सभी वाहनों को चेक कर उसकी फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण आदि की वैधता की जांच की जाए। मानक के विपरीत स्कूल के वाहन मिले तो कड़ी कार्रवाई होगी।
1193 स्कूली वाहनों में 500 से अधिक अनफिट
गाजीपुर। परिवहन विभाग के ही आंकड़ों पर नजर करें तो जनपद में 1193 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें 500 से अधिक वाहन अनफिट हैं। जबकि हकीकत में ये आंकड़ा और अधिक हैं। जनपद के हर दो से तीन किमी में कई विद्यालय हैं, स्कूल प्रशासन वाहन की सुविधा का दावा भी करता है। लेकिन, अधिकांश वाहन अनफिट हैं। बच्चे स्कूली वाहनों में खड़े होकर जाते हैं। जबकि नियम यह है कि बसों में अग्निशमन यंत्र, दो आपात द्वार, फर्स्ट एड बाक्स, स्पीड कंट्रोल यंत्र, सेफ्टीबेल्ट, बैग रखने की जगह, फुट बोर्ड, फुट स्टेप, सायरन, खिड़की पर जाली लगी होनी चाहिए। इसके अलावा यदि छात्राएं बस में आती-जाती हैं तो महिला परिचालक भी जरूरी है। लेकिन, इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती हैं। किसी भी बस में महिला परिचालक नहीं हैं। इसके बावजूद अधिकारियों को ज्यादा खामियां नजर नहीं आती हैं।
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आठ से लेकर 23 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विपरीत दिशा में गाड़ी चलाने वाले स्कूल वाहनों और अनफिट वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह मारुति वैन, ई-रिक्शा, ऑटो, मैजिक में यदि स्कूली बच्चे बैठे मिले तो संबंधित गाड़ी को सीज कर दिया जाएगा। - सौम्या पांडेय, एआरटीओ
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परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह ने भी स्कूली वाहनों की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने पत्र जारी कर विशेष अभियान चलाकर उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली का खुला उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों की जांच करने का आदेश दिया है। इसके लिए 8 से लेकर 23 जुलाई तक विशेष अभियान चलाने को कहा है। स्कूली बच्चों को लाने ले जाने वाले सभी वाहनों को चेक कर उसकी फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण आदि की वैधता की जांच की जाए। मानक के विपरीत स्कूल के वाहन मिले तो कड़ी कार्रवाई होगी।
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1193 स्कूली वाहनों में 500 से अधिक अनफिट
गाजीपुर। परिवहन विभाग के ही आंकड़ों पर नजर करें तो जनपद में 1193 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें 500 से अधिक वाहन अनफिट हैं। जबकि हकीकत में ये आंकड़ा और अधिक हैं। जनपद के हर दो से तीन किमी में कई विद्यालय हैं, स्कूल प्रशासन वाहन की सुविधा का दावा भी करता है। लेकिन, अधिकांश वाहन अनफिट हैं। बच्चे स्कूली वाहनों में खड़े होकर जाते हैं। जबकि नियम यह है कि बसों में अग्निशमन यंत्र, दो आपात द्वार, फर्स्ट एड बाक्स, स्पीड कंट्रोल यंत्र, सेफ्टीबेल्ट, बैग रखने की जगह, फुट बोर्ड, फुट स्टेप, सायरन, खिड़की पर जाली लगी होनी चाहिए। इसके अलावा यदि छात्राएं बस में आती-जाती हैं तो महिला परिचालक भी जरूरी है। लेकिन, इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती हैं। किसी भी बस में महिला परिचालक नहीं हैं। इसके बावजूद अधिकारियों को ज्यादा खामियां नजर नहीं आती हैं।
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आठ से लेकर 23 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विपरीत दिशा में गाड़ी चलाने वाले स्कूल वाहनों और अनफिट वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह मारुति वैन, ई-रिक्शा, ऑटो, मैजिक में यदि स्कूली बच्चे बैठे मिले तो संबंधित गाड़ी को सीज कर दिया जाएगा। - सौम्या पांडेय, एआरटीओ