{"_id":"6aa307d91b7fafa66f0dba82","slug":"abdul-hamids-indomitable-courage-will-continue-to-inspire-future-generations-nityanand-rai-ghazipur-news-c-313-1-gzp1001-159943-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब्दुल हमीद का अदम्य साहस, आने वाली पीढि़यों को देता रहेगा प्रेरणा : नित्यानंद राय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब्दुल हमीद का अदम्य साहस, आने वाली पीढि़यों को देता रहेगा प्रेरणा : नित्यानंद राय
विज्ञापन
धामुपुुर के शहीद पार्क में बोलते रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ। संवाद
दुल्लहपुर-भड़सर। मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि 1965 में वीर अब्दुल हमीद ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने दुश्मन के शक्तिशाली टैंकों के सामने जिस बहादुरी का परिचय दिया, वह भारतीय सैनिक के अदम्य साहस का उदाहरण है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला सैनिक यह संदेश देता है कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज देश के पास हौसला भी है और अत्याधुनिक हथियार भी। आज भारतीय सेना के जवानों में वही जज्बा और आत्मविश्वास दिखाई देता है। भारत की सेना केवल हथियारों के बल पर नहीं, बल्कि हौसले, साहस और संकल्प के साथ लड़ती है। आज देश के पास हौसला भी है और अत्याधुनिक हथियार भी। 1965 में वीर अब्दुल हमीद ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने दुश्मन के शक्तिशाली टैंकों के सामने जिस बहादुरी का परिचय दिया, वह भारतीय सैनिक के अदम्य साहस का उदाहरण है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला सैनिक यह संदेश देता है कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज भारतीय सेना के जवानों में वही जज्बा और आत्मविश्वास दिखाई देता है। उन्होंने शहीद के पौत्र जमील आलम की ओर से कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने पर खुशी जताई और कहा कि उनके द्वारा रखी गई मांगों को संबंधित विभागों के स्तर पर वार्ता कर पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने वीर अब्दुल हमीद के त्याग और शौर्य से युवाओं को प्रेरणा लेने की अपील की।
17 गोलियां लगने के बाद भी नहीं मानी हार : कैप्टन योगेंद्र सिंह
परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव ने कारगिल युद्ध की अपनी वीरगाथा सुनाई। उन्होंने बताया कि युद्ध के दौरान उन्हें 17 गोलियां लगीं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद करीब 300 शहीद जवानों के परिवारों से मिलकर उनकी समस्याओं को जाना और मदद का प्रयास किया।
अब्दुल हमीद के नाम पर जिले में भर्ती निकालने की मांग
आयोजक वीर अब्दुल हमीद के पौत्र जमील आलम ने उनके नाम पर जिले में अलग भर्ती निकालने की मांग की। साथ ही गाजीपुर से दिल्ली के लिए ट्रेन चलाने की मांग की गई। वहीं गाजीपुर में प्रस्तावित सैनिक स्कूल को जल्द शुरू कराने की मांग रखी गई।
विज्ञापन
गर्व से चौड़ा हो गया सीना
कार्यक्रम में परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद पर बनी पांच मिनट की बनी फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। फिल्म के माध्यम से रणभूमि में परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की वीरता, अदम्य साहस व शौर्य का सजीव चित्रण किया गया। इसे देखकर हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। इसके साथ ही उनके पूरे जीवनकाल की झलकियों को प्रमुख दृश्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
भारत माता की जय व वंदे मातरम का उद्घोष
कार्यक्रम स्थल पर समय-समय पर भारत माता की जय और वंदे मातरम का उद्घोष होता रहा। इससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। हर किसी ने गर्व के साथ भारत माता की जय व वंदे मातरम का उद्घोष किया। इस दौरान युवा वर्ग विशेष रूप से उत्साहित नजर आया।
इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में ब्रिगेडियर स्टेशन कमांडिंग वाराणसी जयदीप चंदा, मेजर जनरल अभिजीत शोभा, पूर्व सांसद अतुल राय, डीएम अनुपम शुक्ला, एसपी डॉ. ईरज राजा, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, प्रवीण सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन सुभाषचंद प्रजापति ने किया।
पूर्व सैनिकों ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से सैकड़ों की संख्या में सेवानिवृत्त सैनिक पहुंचे थे। उन्होंने परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों के खुद के कार्यकाल के दौरान फौज से जुड़े अनुभवों को साझा किया।
रसूलन बीबी को नमन करके कार्यक्रम की हुई शुरुआत
मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय व विशिष्ट अतिथि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव ने शहीद वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी को नमन करके कार्यक्रम की शुरुआत किया।
विज्ञापन
17 गोलियां लगने के बाद भी नहीं मानी हार : कैप्टन योगेंद्र सिंह
परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव ने कारगिल युद्ध की अपनी वीरगाथा सुनाई। उन्होंने बताया कि युद्ध के दौरान उन्हें 17 गोलियां लगीं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद करीब 300 शहीद जवानों के परिवारों से मिलकर उनकी समस्याओं को जाना और मदद का प्रयास किया।
विज्ञापन
अब्दुल हमीद के नाम पर जिले में भर्ती निकालने की मांग
आयोजक वीर अब्दुल हमीद के पौत्र जमील आलम ने उनके नाम पर जिले में अलग भर्ती निकालने की मांग की। साथ ही गाजीपुर से दिल्ली के लिए ट्रेन चलाने की मांग की गई। वहीं गाजीपुर में प्रस्तावित सैनिक स्कूल को जल्द शुरू कराने की मांग रखी गई।
विज्ञापन
गर्व से चौड़ा हो गया सीना
कार्यक्रम में परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद पर बनी पांच मिनट की बनी फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। फिल्म के माध्यम से रणभूमि में परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की वीरता, अदम्य साहस व शौर्य का सजीव चित्रण किया गया। इसे देखकर हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। इसके साथ ही उनके पूरे जीवनकाल की झलकियों को प्रमुख दृश्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
भारत माता की जय व वंदे मातरम का उद्घोष
कार्यक्रम स्थल पर समय-समय पर भारत माता की जय और वंदे मातरम का उद्घोष होता रहा। इससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। हर किसी ने गर्व के साथ भारत माता की जय व वंदे मातरम का उद्घोष किया। इस दौरान युवा वर्ग विशेष रूप से उत्साहित नजर आया।
इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में ब्रिगेडियर स्टेशन कमांडिंग वाराणसी जयदीप चंदा, मेजर जनरल अभिजीत शोभा, पूर्व सांसद अतुल राय, डीएम अनुपम शुक्ला, एसपी डॉ. ईरज राजा, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, प्रवीण सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन सुभाषचंद प्रजापति ने किया।
पूर्व सैनिकों ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से सैकड़ों की संख्या में सेवानिवृत्त सैनिक पहुंचे थे। उन्होंने परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों के खुद के कार्यकाल के दौरान फौज से जुड़े अनुभवों को साझा किया।
रसूलन बीबी को नमन करके कार्यक्रम की हुई शुरुआत
मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय व विशिष्ट अतिथि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव ने शहीद वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी को नमन करके कार्यक्रम की शुरुआत किया।

धामुपुुर के शहीद पार्क में बोलते रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ। संवाद