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Ghazipur News: लॉटरी का झांसा देकर कभी वित्त मंत्री तो कभी आरबीआई गवर्नर शिक्षक से 70 लाख की ठगी

Sun, 23 Nov 2025 11:35 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Nov 2025 11:35 PM IST
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A teacher, sometimes the Finance Minister and sometimes the RBI Governor, was duped of Rs 70 lakh by promising a lottery.
गाजीपुर। जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक के साथ फर्जी लॉटरी के नाम पर साइबर ठगों ने करीब 70 लाख रुपये हड़प लिए। हैरान करने वाली बात यह है कि ठगों ने कभी खुद को वोडाफोन का मालिक, कभी कंपनी का जनरल मैनेजर, तो कभी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास बताकर पीड़ित पर पैसे भेजने का दबाव बनाया। छह साल तक चली इस ठगी में पीड़ित ने अपनी जमा-पूंजी, गहने, जमीन खरीदने के लिए रखे पैसे और यहां तक कि लोन लेकर भी रकम भेजी।साइबर थाना के प्रभारी रहमतुल्ला खान ने बताया कि पीड़ित प्रमोद कुमार कौल, निवासी खुजहा थाना कासिमाबाद ने साइबर थाने में दी तहरीर देकर बताया कि 1 अक्टूबर 2019 को उन्हें पहला फोन आया, जिसमें कॉलर ने कहा कि आपके वोडाफोन नंबर पर करोड़ों की लॉटरी लगी है। एक लिंक भेजकर 250 रुपये भेजने को कहा गया। शुरुआत में राशि दिखाई भी दी, जिससे उनका विश्वास बढ़ गया।इसके बाद अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। किसी ने खुद को वोडाफोन का जनरल मैनेजर बताया, तो किसी ने वोडाफोन का मालिक बनकर धमकाया कि पैसा नहीं भेजोगे तो नुकसान हो जाएगा। कुछ समय बाद ठगों में शामिल एक महिला ने फोन कर खुद को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण और एक व्यक्ति ने आरबीआई गवर्नर शशिकांत दास बताना शुरू कर दिया और कहा कि आपकी लॉटरी की रकम 7 करोड़ कर दी गई है, बस औपचारिकताओं के लिए पैसे भेजते रहें। डर और लालच के बीच फंसे शिक्षक ने 2019 से 2024 तक पीएबी, एसबीआई, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई सहित कई खातों में 70 लाख रुपये से अधिक भेज दिए। प्रमोद कौल के अनुसार,पैसा भेजने के लिए उसने रिश्तेदारों से कर्ज लिया, पत्नी के गहने बेच दिए, एलआईसी से लोन लिया और जमीन खरीदने के लिए जमा रकम भी वापस मंगाकर भेज दी। जब उन्होंने पैसे लौटाने का दबाव बनाया तो ठगों ने धमकी दी कि अगर पैसा नहीं भेजोगे तो तुम्हारी बीवी-बच्चों को उठा लेंगे। डरकर उन्होंने कुछ और रकम भेज दी। बाद में जब फोन उठना बंद हो गया तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने साइबर थाना में मुकदमे की मांग करते हुए कहा कि वे पूरी तरह टूट चुके हैं और अपराधियों को सजा दिलाकर उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए। साइबर थाना प्रभारी रहमतुल्ला खान ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
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होम–वर्क इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर युवक से 33.31 लाख की ठगी-गाजीपुर। होम-वर्क इन्वेस्टमेंट योजना का झांसा देकर ठगों ने कासिमाबाद क्षेत्र के एक युवक से 33 लाख 31 हजार 750 रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने साइबर थाना में तहरीर देकर मामले की जांच और ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।साइबर थाना प्रभारी रहमतुल्ला खान ने बताया कि बहादुरगंज निवासी बृजेन्द्र वर्मा ने तहरीर देकर बताया कि 7 नवंबर को उनके टेलीग्राम अकाउंट पर एक व्यक्ति ने होम फॉर्म के नाम से इन्वेस्टमेंट ऑफर भेजा। पहले 30 हजार रुपये जमा कर उन्हें 42 हजार रुपये का पोर्टफोलियो दिखाया गया। इससे भरोसा होने पर पीड़ित ने और पैसा लगाने पर सहमति दे दी। इसके बाद पीड़ित ने आरटीजीएस, आईएमपीएस और क्रेडिट कार्ड के जरिए कई किस्तों में रकम भेजी और कुल निवेश बढ़कर 33.31 लाख रुपये हो गया। पोर्टफोलियो पर रकम बढ़ती दिखाई देती रही, लेकिन जब उन्होंने पैसा निकालना चाहा तो ठगों ने फिर से अधिक निवेश करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़ित को तब ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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