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Ghazipur News: जिले में दूसरा वन स्टॉप सेंटर बनेगा, मिली मंजूरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिले में दूसरे वन स्टाॅप सेंटर को मंजूरी मिल गई है। पहला वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) मॉर्च्युरी हाउस पीजी काॅलेज के पास है। वन स्टाॅप सेंटर को शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। इसके संचालन से महिलाओं व बालिकाओं को सहूलियत मिलेगी। वन स्टॉप सेंटर को सखी सेंटर भी कहा जाता है।
यह केंद्र सरकार की योजना है। जो हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को एक ही छत के नीचे अस्थायी आश्रय, चिकित्सा, कानूनी, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पुलिस सहायता जैसी एकीकृत सेवाएं प्रदान करती है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित और सशक्त बनाना है।
यह योजना हर तरह की हिंसा (शारीरिक, भावनात्मक, आर्थिक) का सामना करने वाली महिलाओं को सहायता देती है। 181 हेल्पलाइन के जरिए 24 घंटे सेवा उपलब्ध कराई जाती है। शासन से जनपद में दूसरे वन स्टॉप सेंटर को मंजूरी मिलने के बाद प्रोबेशन विभाग हरकत में आ गया है।
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इसके लिए जरूरी औपचारिकताओं को पूरी की जा रही हैं। औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद जमीन की तलाश की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर वन स्टॉप सेंटर के निर्माण पर खर्च होने वाले इस्टीमेट को तैयार किया जाएगा। जनपद में जिस जगह पहला वन स्टॉप सेंटर है, उससे 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पर दूसरे सेंटर का निर्माण कराया जाएगा।
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गाजीपुर। जिले में दूसरे वन स्टाॅप सेंटर को मंजूरी मिल गई है। पहला वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) मॉर्च्युरी हाउस पीजी काॅलेज के पास है। वन स्टाॅप सेंटर को शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। इसके संचालन से महिलाओं व बालिकाओं को सहूलियत मिलेगी। वन स्टॉप सेंटर को सखी सेंटर भी कहा जाता है।
यह केंद्र सरकार की योजना है। जो हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को एक ही छत के नीचे अस्थायी आश्रय, चिकित्सा, कानूनी, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पुलिस सहायता जैसी एकीकृत सेवाएं प्रदान करती है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित और सशक्त बनाना है।
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यह योजना हर तरह की हिंसा (शारीरिक, भावनात्मक, आर्थिक) का सामना करने वाली महिलाओं को सहायता देती है। 181 हेल्पलाइन के जरिए 24 घंटे सेवा उपलब्ध कराई जाती है। शासन से जनपद में दूसरे वन स्टॉप सेंटर को मंजूरी मिलने के बाद प्रोबेशन विभाग हरकत में आ गया है।
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इसके लिए जरूरी औपचारिकताओं को पूरी की जा रही हैं। औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद जमीन की तलाश की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर वन स्टॉप सेंटर के निर्माण पर खर्च होने वाले इस्टीमेट को तैयार किया जाएगा। जनपद में जिस जगह पहला वन स्टॉप सेंटर है, उससे 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पर दूसरे सेंटर का निर्माण कराया जाएगा।