फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   corridor will be built along banks of Ganges in Lahuri Kashi modeled after Kashi corridor

सुविधा: काशी की तर्ज पर लहुरी काशी में गंगा किनारे बनेगा कॉरिडोर, कच्चे घाट होंगे पक्के; सभी आपस में जुड़ेंगे

Sat, 03 Oct 2026 03:36 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 03 Oct 2026 03:36 PM IST
सार

गाजीपुर जिले में 16 से अधिक गंगा घाट हैं। लेकिन, काशी की तरह यह आपस में जुड़े नहीं है। इसके कारण लोग एक घाट से दूसरे गंगा घाट तक नहीं जा पाते हैं।

विज्ञापन
corridor will be built along banks of Ganges in Lahuri Kashi modeled after Kashi corridor
ganga ghat varanasi - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी की तर्ज पर शहर के गंगा घाटों को आपस में जोड़ा जाएगा। इसके तहत कच्चे घाटों को पक्का किया जाएगा। कलक्टर घाट से चीतनाथ तक कॉरिडोर निर्माण को शासन से मंजूरी मिल गई है। इसके निर्माण कार्य पर 5.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
विज्ञापन


क्या है पूरा मामला
गंगा किनारे कॉरिडोर का निर्माण जनपद की बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से पर्यटन को बढ़ावा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। शहर में 16 से अधिक गंगा घाट हैं। लेकिन, काशी की तरह यह आपस में जुड़े नहीं है। इसके कारण लोग एक घाट से दूसरे गंगा घाट तक नहीं जा पाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए जनपद के दो महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक गंगा घाटों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। 
विज्ञापन

चीतनाथ व कलक्टर घाट दोनों गंगा घाटों का अपना ऐतिहासिक महत्व है। इसीलिए इन दोनों गंगा घाटों के मध्य ही कॉरिडोर निर्माण करने का निर्णय लिया गया है। एक किलोमीटर के दायरे में स्थित इन दोनों गंगा घाटों के मध्य का बड़ा हिस्सा कच्चा है। इससे गंगा किनारे का यह क्षेत्र पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया है। साथ ही पर्यटन की संभवनाएं भी दम तोड़ देती हैं। इससे श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

कॉरिडोर निर्माण के तहत चीतनाथ व कलक्टरघाट के कच्चे हिस्से को पक्का करके विकसित किया जाएगा। सुंदरीकरण करते हुए शौचालय, पेयजल, प्रकाश आदि की बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
विज्ञापन

शहर कोतवाल हैं बाबा चीतनाथ
शहर कोतवाल बाबा चीतनाथ को माना जाता है। शहर कोतवाल बाबा चीतनाथ को लेकर लोगों में काफी आस्था है। चीतनाथ गंगा घाट के पास ही शहर कोतवाल चीतनाथ बाबा का मंदिर है, जहां लोग दर्शन-पूजन करते हैं। इसी कारण इस गंगा घाट का नाम चीतनाथ हुआ है। यह जनपद का काफी प्राचीन व ऐतिहासिक गंगा घाट है। चीतनाथ गंगा घाट पर प्रतिदिन गंगा स्नान के साथ ही सहालग में महिलाएं कढ़ाई चढ़ाने भी आती हैं। इस दौरान मां गंगा का विधि-विधान से पूजन होता है। मां गंगा को कढ़ाई चढ़ाने केवल शहर की महिलाएं नहीं बल्कि दूर-दूराज के श्रद्धालु भी आते हैं।
विज्ञापन

जनपद में प्रसिद्ध है कलक्टरघाट की देव दीपावली
शहर के कलक्टरघाट पर आयोजित होने वाली देव दीपावली पूरे जनपद में प्रसिद्ध है। देव दीपावली पर गंगा घाट को दीपों से रोशन करने के साथ ही इस दौरान शानदार रंगोली व कलाकुति बनाने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाता है। इस गंगा घाट पर आयोजित होने वाली देव दीपावली की आभा मंडल ऐसी है कि पूरा मेला जैसा नजारा देखने को मिलता है। यहां के देव दीपावली को देखने के लिए काफी दूर-दराज से लोग आते हैं।

क्या बोले अधिकारी

शहर के कलक्टर घाट से चीतनाथ तक गंगा घाटों को पक्का करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसका प्रस्ताव बनाकर पूर्व में शासन को भेजा गया था। गंगा घाटों के पक्का होने से जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। -आरके मौर्या, जिला पर्यटन अधिकारी 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed