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Ghazipur News: मात्र एक कूलर लगाकर कोल्डरूम तैयार किया, कोल्ड कंप्रेस व आइस पैक नदारद
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मरदह सीएचसी स्थित कोल्ड रूम।संवाद
गाजीपुर। जिले का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को 45 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा, लेकिन गर्मी से पीड़ित लोगों के उपचार के लिए सीएचसी पर स्थापित कोल्ड रूम में इंतजाम नाकाफी हैं। मात्र एक कूलर लगाकर कोरमपूर्ति कर ली गई है, जबकि कोल्ड कंप्रेस व आइस पैक की व्यवस्था नहीं है। यहीं नहीं जिले के 16 सीएचसी में 10 जगहों पर पंखे ही लगे हुए हैं। ओआरएस कॉर्नर भी स्थापित नहीं हो सका है।
मरदह निवासी अनुप कन्नौजिया ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कहने को कोल्डरूम बनाया गया है। स्थिति यह है कि एक वार्ड में मात्र तीन बेड लगाए गए हैं। एक छोटा कूलर है। ऐसे में मरीजों के बढ़ने की स्थिति में कैसे उपचार होगा, यह भगवान भरोसे ही है। नोनरा की सविता सिंह और ढोड़सर पूनम सिंह ने बताया कि कोल्ड रूम का कोई मतलब नहीं है, जब मरीजों को देखकर तत्काल रेफर ही कर दिया जाता है। नेवादा दुर्गविजय राय निवासी संतोष यादव ने बताया कि जखनिया सीएचसी पर कोल्ड रूम स्थापित नहीं है। यहां वार्डों में अक्सर ही ताला बंद रहता है। स्थिति तो यह है कि मरीजों को यहां लाने के बाद आपातकक्ष से ही रेफर कर दिया जाता है। सरायगोकुल निवास धीरेंद्र गौतम ने बताया कि जखनिया सीएचसी पर कोल्ड रूम नहीं है। सिर्फ कागजों में ही कोल्डरूम को स्थापित दिखा दिया गया है, लेकिन हकीकत कुछ अलग है। तिलकपुर निवासी संतलाल कुमार ने बताया कि बाराचवर सीएचसी पर कोल्डरूम के नाम पर सिर्फ चार बेड लगा दिए गए हैं। एक कूलर लगाकर मरीजों के उपचार का दावा किया जा रहा है, जबकि मरीजों की संख्या बढ़ने पर उन्हें अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है। यहीं हाल खानपुर, सैदपुर, मुहम्मदाबाद, भदौरा, बिरनो, करंडा, मनिहारी सहित अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बना हुआ है।
कोल्डरूम स्थापित कराने के साथ जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध करा दी गई हैं, जिससे गर्मी पीड़ित मरीजों का तत्काल उपचार हो सके। मरीजों के बढ़ने पर कूलर और बेड भी बढ़ाए जाएंगे। - डाॅ. एसके पांडेय, सीएमओ।
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कोल्डरूम के नाम पर सिर्फ एक वार्ड में कूलर लगा दिया गया है, तीन-चार बेड लगाकर वार्ड बनाकर इतिश्री कर ली गई है।- शशिकांत पाठक, पठखौली
जब मरीजों को रेफर ही कर देना है तो कोल्डरूम का क्या मतलब है। मरीजों को दवा भी बाहर से ही खरीदनी पड़ती है।- ममता देवी, क्यामपुर
सीएचसी पर कहने को सुविधा है, स्थितियां जस की तस बनी हुई है। गर्मी से पीड़ित मरीजों के उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है।- मुहम्मद इकबाल सलमानी, धरवा
बाराचवर सीएचसी पर एक वार्ड में लंबे समय से कूलर रखा हुआ है। वह ठीक से चलता भी नहीं है। ऐसे में कोल्ड रूम और तैयारियों को क्या कहा जाए। - सूरज, रजौली
कोल्ड रूम में होनी चाहिए ये सुविधाएं
गाजीपुर। कमरे में पर्याप्त संख्या में एयर कंडीशनर, कूलर और पंखे लगे होने चाहिए जिससे कमरा ठंडा हो। लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए सभी जीवन रक्षक दवाएं, इंजेक्शन और मॉनिटरिंग मशीनें उपलब्ध रहनी चाहिए। शरीर में पानी की कमी को रोकने के लिए ओआरएस घोल, ग्लूकोज और सादा ठंडा पानी हमेशा तैयार रखा जाता है। शरीर के तापमान को सामान्य करने के लिए कोल्ड कंप्रेस, आइस पैक और ठंडे स्पंज की व्यवस्था होती है।
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मरदह निवासी अनुप कन्नौजिया ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कहने को कोल्डरूम बनाया गया है। स्थिति यह है कि एक वार्ड में मात्र तीन बेड लगाए गए हैं। एक छोटा कूलर है। ऐसे में मरीजों के बढ़ने की स्थिति में कैसे उपचार होगा, यह भगवान भरोसे ही है। नोनरा की सविता सिंह और ढोड़सर पूनम सिंह ने बताया कि कोल्ड रूम का कोई मतलब नहीं है, जब मरीजों को देखकर तत्काल रेफर ही कर दिया जाता है। नेवादा दुर्गविजय राय निवासी संतोष यादव ने बताया कि जखनिया सीएचसी पर कोल्ड रूम स्थापित नहीं है। यहां वार्डों में अक्सर ही ताला बंद रहता है। स्थिति तो यह है कि मरीजों को यहां लाने के बाद आपातकक्ष से ही रेफर कर दिया जाता है। सरायगोकुल निवास धीरेंद्र गौतम ने बताया कि जखनिया सीएचसी पर कोल्ड रूम नहीं है। सिर्फ कागजों में ही कोल्डरूम को स्थापित दिखा दिया गया है, लेकिन हकीकत कुछ अलग है। तिलकपुर निवासी संतलाल कुमार ने बताया कि बाराचवर सीएचसी पर कोल्डरूम के नाम पर सिर्फ चार बेड लगा दिए गए हैं। एक कूलर लगाकर मरीजों के उपचार का दावा किया जा रहा है, जबकि मरीजों की संख्या बढ़ने पर उन्हें अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है। यहीं हाल खानपुर, सैदपुर, मुहम्मदाबाद, भदौरा, बिरनो, करंडा, मनिहारी सहित अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बना हुआ है।
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कोल्डरूम स्थापित कराने के साथ जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध करा दी गई हैं, जिससे गर्मी पीड़ित मरीजों का तत्काल उपचार हो सके। मरीजों के बढ़ने पर कूलर और बेड भी बढ़ाए जाएंगे। - डाॅ. एसके पांडेय, सीएमओ।
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कोल्डरूम के नाम पर सिर्फ एक वार्ड में कूलर लगा दिया गया है, तीन-चार बेड लगाकर वार्ड बनाकर इतिश्री कर ली गई है।- शशिकांत पाठक, पठखौली
जब मरीजों को रेफर ही कर देना है तो कोल्डरूम का क्या मतलब है। मरीजों को दवा भी बाहर से ही खरीदनी पड़ती है।- ममता देवी, क्यामपुर
सीएचसी पर कहने को सुविधा है, स्थितियां जस की तस बनी हुई है। गर्मी से पीड़ित मरीजों के उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है।- मुहम्मद इकबाल सलमानी, धरवा
बाराचवर सीएचसी पर एक वार्ड में लंबे समय से कूलर रखा हुआ है। वह ठीक से चलता भी नहीं है। ऐसे में कोल्ड रूम और तैयारियों को क्या कहा जाए। - सूरज, रजौली
कोल्ड रूम में होनी चाहिए ये सुविधाएं
गाजीपुर। कमरे में पर्याप्त संख्या में एयर कंडीशनर, कूलर और पंखे लगे होने चाहिए जिससे कमरा ठंडा हो। लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए सभी जीवन रक्षक दवाएं, इंजेक्शन और मॉनिटरिंग मशीनें उपलब्ध रहनी चाहिए। शरीर में पानी की कमी को रोकने के लिए ओआरएस घोल, ग्लूकोज और सादा ठंडा पानी हमेशा तैयार रखा जाता है। शरीर के तापमान को सामान्य करने के लिए कोल्ड कंप्रेस, आइस पैक और ठंडे स्पंज की व्यवस्था होती है।