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पंचायतों के खाते पर लगेगी रोक
Ghazipur
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। जिला पंचायत राज अधिकारी एमपी दूबे ने सरकारी धन का हिसाब नहीं देने वाली ग्राम पंचायतों की अगली किश्त रोकने के संकेत दिए हैं। उन्होंने ऐसी ग्राम पंचायतों की सूची ब्लाक से मांगी है। यदि ब्लाक से सूची उपलब्ध हो गई तो सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में सरकारी धन के आहरण पर रोक लग सकती है। इसको लेकर ग्राम पंचायतों में हड़कंप मचा हुआ है।
मौजूदा समय में पूरे जिले में 1050 ग्राम पंचायतें हैं। हर वर्ष ग्राम पंचायतों के विकास के लिए करोड़ों रुपये स्थानांतरित होते हैं। इस धनराशि को गांव के विकास पर खर्च करने के आदेश राज्य सरकार की तरफ से दिए गए हैं। इस धनराशिको खर्च कर राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई विशेष बेवसाइट प्रिया साफ्ट पर फीड करने के आदेश दिए गए हैं। शासन का निर्देश है कि हर वर्ष खर्च का ब्योरा दर्ज किया जाए। यदि संभव हो तो तीन माह पर भी फीडिंग कराई जा सकती है। शासन का आदेश आने के बाद डीपीआरओ ने सभी ग्राम पंचायतों को फीडिंग का निर्देश दिया। देखा जाए तो अब तक की समीक्षा बैठक में दर्जनों गांव ऐसे पाए गए हैं जहां पर खर्च का विवरण उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इन ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी की आशंका जताई जारी है। इसको गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ की तरफ से सचिवों को नोटिस भी दी जा चुकी है। इसके बाद भी जब कोई प्रगति नहीं हुई तो डीपीआरओ ने कई दर्जन ग्राम पंचायतों के खातों के संचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने समस्त एडीओ पंचायतों से ऐसी ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट देने प्रस्तुत करने को कहा है जिस ग्राम पंचायत में प्रिया साफ्ट की फीडिंग नहीं हो पाई है। उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। डीपीआरओ एमपी दूबे ने बताया कि ग्राम पंचायतों में खर्च की जा रही धनराशि पर शासन की नजर है। प्रिया साफ्ट की फीडिंग आनलाइन की जाती है। इसमें गड़बड़ी करने वाली ग्राम पंचायतों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
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मौजूदा समय में पूरे जिले में 1050 ग्राम पंचायतें हैं। हर वर्ष ग्राम पंचायतों के विकास के लिए करोड़ों रुपये स्थानांतरित होते हैं। इस धनराशि को गांव के विकास पर खर्च करने के आदेश राज्य सरकार की तरफ से दिए गए हैं। इस धनराशिको खर्च कर राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई विशेष बेवसाइट प्रिया साफ्ट पर फीड करने के आदेश दिए गए हैं। शासन का निर्देश है कि हर वर्ष खर्च का ब्योरा दर्ज किया जाए। यदि संभव हो तो तीन माह पर भी फीडिंग कराई जा सकती है। शासन का आदेश आने के बाद डीपीआरओ ने सभी ग्राम पंचायतों को फीडिंग का निर्देश दिया। देखा जाए तो अब तक की समीक्षा बैठक में दर्जनों गांव ऐसे पाए गए हैं जहां पर खर्च का विवरण उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इन ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी की आशंका जताई जारी है। इसको गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ की तरफ से सचिवों को नोटिस भी दी जा चुकी है। इसके बाद भी जब कोई प्रगति नहीं हुई तो डीपीआरओ ने कई दर्जन ग्राम पंचायतों के खातों के संचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने समस्त एडीओ पंचायतों से ऐसी ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट देने प्रस्तुत करने को कहा है जिस ग्राम पंचायत में प्रिया साफ्ट की फीडिंग नहीं हो पाई है। उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। डीपीआरओ एमपी दूबे ने बताया कि ग्राम पंचायतों में खर्च की जा रही धनराशि पर शासन की नजर है। प्रिया साफ्ट की फीडिंग आनलाइन की जाती है। इसमें गड़बड़ी करने वाली ग्राम पंचायतों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
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