{"_id":"59-80608","slug":"Ghazipur-80608-59","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपावली पर लाखों का होगा धूम-धड़ाका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपावली पर लाखों का होगा धूम-धड़ाका
Ghazipur
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। दीपावली पर लाखों के पटाखे से धूम-धड़ाका होगा। इसके लिए सोमवार को नगर के सिटी स्कूल परिसर में लगाए गए पटाखों की दुकानों पर देर रात तक तक भीड़ बनी रही। लोगों ने बम, एटम-बम, 18 और सात अवाजा समेत छोटी-बड़ी लडि़यों वाले पटाखों की खरीद की तो बच्चों ने भी बीड़ी बम, फुलझड़ी, राकेट, अनार समेत लाइटिंग आदि के पटाखों को पसंद किया। मैदान में करीब 23 दुकानें लगाई गई हैं जिसमें छोटे बड़े हर प्रकार की पटाखों की बिक्री की जा रही है। इस बार पटाखों की कीमत में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। कलर, चरखी, घिरनी, चटाई आदि की कीमत में दो गुनी तेजी थी। चटाई 12 रुपये तो चरखी चार से छह रुपये में बिक रही थी। अनार सात रुपये से चौदह रुपये में तो राकेट भी सात रुपये से सोलह रुपये तक पहुंच गया था। लाइटिंग के पटाखों में फुलझड़ी दस रुपये से चालीस रुपये पैकेट तो कलर चालीस से साठ रुपये प्रति पैकेट तक बिक रहा है। बम, एटम बम, सात अवाजा, 18 अवाजा, आकाश अवाजा आदि की कीमत भी अलग अलग है। चिटपुटिया भी इस बार तेज हो गई है। इसकी पैकेट 35 रुपये से बढ़ कर 50 रुपये तक हो गई है। व्यवसायी मुकेश कुमार ने बताया कि इस बार पटाखों के दाम में बहुत तेजी आई है लेकिन ग्राहकों के उत्साह दिखाने से धंधे में कुछ दम दिख रहा है। अगर यही हाल रहा तो दो तीन दिन की मेहनत में अच्छी कमाई हो सकती है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगाए गए पटाखों की दुकानों पर भीड़-भाड़ देखी गई। मुहम्मदाबाद, सैदपुर, नंदगंज, बाराचवर, जमानिया, जखनिया आदि बाजारों में भी पटाखों की दुकानों पर चहल पहल रही।
इनसेट
फूल मालाओं की भी रही मांग
गाजीपुर। पूजा-पाठ के आयोजनों में बढ़ती मांग के चलते बाजारों में फूल मालाओं की भी जबरदस्त बिक्री हो रही थी। नगर के मिश्रबाजार चौराहे, टाउनहाल, ददरीघाट समेत कई स्थानों पर फूल तथा मालाओं की दुकानें सजाई गई थी। गेंदा के फूल की माला, गुलाब की माला के साथ ही कई फूलों की आकर्षक तथा छोटी-बड़ी मालाएं बिक रही थी। इसके अलावा बनावटी फूलों की भी मालाएं तथा सजावटी समान बिक रहे थे। दीवाली पर्व पर घर के मंदिरों को सजाने आदि के लिए लोगों ने इनकी खूब खरीददारी की।
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मिठाई की दुकानों पर लगा रहा तांता
गाजीपुर। दीपावली पर्व के मद्देनजर शहर तथा कसबों में मिठाई की दुकानें सज गई हैं। इन पर खोवा, छेना, बेसन के लड्डू आदि परंपरागत मिठाईयों के अलावा मेवा, फल तथा सब्जियों की मिठाईयां भी बिक्री के लिए उतार दी गईं। दोपहर बाद से दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ने लगी। छेने के मिठाइयों की कीमत जहां 180 से लेकर 300 प्रति किलो तक रही तो खोवे से बनी मिठाइयाें के भाव भी इसी के आस पास रहे। इसी प्रकार काजू की बरफी तथा मेवों से बनी मिठाइयों की कीमत तीन सौ से लेकर छह सौ रुपये तक है। महाराजा लड्डू साढ़े छह सौ रुपये तक बिक रहा है। परवल से बनी वेराइटी हो या लौकी, कद्दू आदि सब्जियों की मिठाइयां, इनकी भी कीमत दो सौ के ऊपर ही है। देशी घी वाली परंपरागत बूंदी की लड्डू 220 से लेकर 250 रुपये तक बाजार में उपलब्ध है। बेसन का मगदल, सोनपापड़ी तथा अन्य मिठाईयां भी सौ रुपये से लेकर तीन सौ तक में बिक रही है। शहर में इस पर्व के मद्देनजर कई स्वीट्स की दुकानों को टेंट तथा लाइटिंग से सजा कर आकर्षक बनाया गया है। इसी प्रकार की स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में भी है।
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मोमबत्ती का बाजार भी रहा गरम
गाजीपुर। रोशनी के पर्व पर खास बिकने वाले मोमबत्ती की धूम बनी रही। शहर में लगाई गई दुकानों पर सादा तथा रंगीन कई प्रकार की मोमबत्तियां बिक रही थीं। छोटी, मीडियम तथा बड़ा साइज की तमाम मोमबत्तियों पर महंगाई का असर दिख रहा है। प्लास्टिक तथा कागज के पैकेटों में उपलब्ध इनकी कीमत दस रुपये से लेकर साठ रुपये तक है। छोटे पैकेटों में 9 तो बड़ी में 20 मोमबत्तियां हैं। सोमवार को बाजार में इनकी जबरदस्त मांग बनी रही। शाम तक दुकानों पर भीड़-भाड़ बनी रही।
इनसेट
लक्ष्मी गणेश की बिकी फोटो
गाजीपुर। दीपावली पर्व पर घर में शुभ, सुख, समृद्धि तथा शांति के लिए प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी तथा धन, धान्य और समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। घर-घर में दोनों देवताओं की मूर्तियां रख कर विधिवत पूजा पाठ किया जाता है। इसकी तैयारी के क्रम में सोमवार को बाजारों में मूर्तियों की जम कर खरीद हुई। बाजारों में सजाई गई दुकानों पर कई प्रकार की वेराइटियां अलग अलग कीमतों में मिल रही थी। इनकी कीमत 25 रुपये से लेकर तीन सौ तक थी। मिट्टी के अलावा चीनी मिट्टी तथा अन्य प्रकार की मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की खूब मांग हुई। शहर तथा ग्रामीण इलाकों की दुकानों पर देर शाम तक चहल पहल बनी रही।
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दीवाली की तैयारी में लोग जुटे
गाजीपुर। शुभ और लाभ के पर्व दीपावली की तैयारी को लेकर लोग घरों की साफ सफाई में जुट गए हैं। जहां घरों के रंग रोगन का काम भी चल रहा है, वहीं कमरों की भी सफाई में महिलाएं जुट गई हैं। इस पर्व की पूर्व संध्या पर खास सूरन की सब्जी खाने की परंपरा है। सोमवार को बाजार में इसकी भी मांग बनी रही। इसके मद्देनजर बाजार में सूरन का भाव भी आसमान छू रहा था। इसकी कीमत 30 रुपये से बढ़ कर साठ रुपये तक पहुंच गई थी।
फोटो
भंडारे के साथ श्रीराम महायज्ञ का समापन
दुबिहां। क्षेत्र के पहराजपुर गांव में सात दिनों से चल रहे श्रीराम महायज्ञ का सोमवार को समापन किया गया। इस मौके पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि महायज्ञ के तहत सुबह में मंत्रोच्चार तथा मंडप परिक्रमा हो रहा था। शाम के समय विद्वान कथा वाचकों की ओर से भगवत्कथा का वाचन किया जा रहा था। इस कार्यक्रम के चलते क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा। समापन के अवसर पर दूर दराज से आए साधू संतों की विदाई भी की गई। इस कार्यक्रम के आयोजक भोला बाबा ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की वजह से इस यज्ञ का पूरी तरह से सफल संचालन हुआ है। उन्होंने लोगों का आभार प्रक ट करते हुए कहा कि धर्म के कार्य में सहयोग करने वालों के यहां हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है। इस कार्यक्रम की सफलता में राजा राम जी, डा. विजेन्द्र सिंह, सुरेश साधू, डा. दिनेश उपाध्याय, सुनील सिंह, ओमप्रकाश कुशवाहा, आशुतोष राय आदि ने सराहनीय भूमिका निभाई।
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फूल मालाओं की भी रही मांग
गाजीपुर। पूजा-पाठ के आयोजनों में बढ़ती मांग के चलते बाजारों में फूल मालाओं की भी जबरदस्त बिक्री हो रही थी। नगर के मिश्रबाजार चौराहे, टाउनहाल, ददरीघाट समेत कई स्थानों पर फूल तथा मालाओं की दुकानें सजाई गई थी। गेंदा के फूल की माला, गुलाब की माला के साथ ही कई फूलों की आकर्षक तथा छोटी-बड़ी मालाएं बिक रही थी। इसके अलावा बनावटी फूलों की भी मालाएं तथा सजावटी समान बिक रहे थे। दीवाली पर्व पर घर के मंदिरों को सजाने आदि के लिए लोगों ने इनकी खूब खरीददारी की।
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मिठाई की दुकानों पर लगा रहा तांता
गाजीपुर। दीपावली पर्व के मद्देनजर शहर तथा कसबों में मिठाई की दुकानें सज गई हैं। इन पर खोवा, छेना, बेसन के लड्डू आदि परंपरागत मिठाईयों के अलावा मेवा, फल तथा सब्जियों की मिठाईयां भी बिक्री के लिए उतार दी गईं। दोपहर बाद से दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ने लगी। छेने के मिठाइयों की कीमत जहां 180 से लेकर 300 प्रति किलो तक रही तो खोवे से बनी मिठाइयाें के भाव भी इसी के आस पास रहे। इसी प्रकार काजू की बरफी तथा मेवों से बनी मिठाइयों की कीमत तीन सौ से लेकर छह सौ रुपये तक है। महाराजा लड्डू साढ़े छह सौ रुपये तक बिक रहा है। परवल से बनी वेराइटी हो या लौकी, कद्दू आदि सब्जियों की मिठाइयां, इनकी भी कीमत दो सौ के ऊपर ही है। देशी घी वाली परंपरागत बूंदी की लड्डू 220 से लेकर 250 रुपये तक बाजार में उपलब्ध है। बेसन का मगदल, सोनपापड़ी तथा अन्य मिठाईयां भी सौ रुपये से लेकर तीन सौ तक में बिक रही है। शहर में इस पर्व के मद्देनजर कई स्वीट्स की दुकानों को टेंट तथा लाइटिंग से सजा कर आकर्षक बनाया गया है। इसी प्रकार की स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में भी है।
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मोमबत्ती का बाजार भी रहा गरम
गाजीपुर। रोशनी के पर्व पर खास बिकने वाले मोमबत्ती की धूम बनी रही। शहर में लगाई गई दुकानों पर सादा तथा रंगीन कई प्रकार की मोमबत्तियां बिक रही थीं। छोटी, मीडियम तथा बड़ा साइज की तमाम मोमबत्तियों पर महंगाई का असर दिख रहा है। प्लास्टिक तथा कागज के पैकेटों में उपलब्ध इनकी कीमत दस रुपये से लेकर साठ रुपये तक है। छोटे पैकेटों में 9 तो बड़ी में 20 मोमबत्तियां हैं। सोमवार को बाजार में इनकी जबरदस्त मांग बनी रही। शाम तक दुकानों पर भीड़-भाड़ बनी रही।
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लक्ष्मी गणेश की बिकी फोटो
गाजीपुर। दीपावली पर्व पर घर में शुभ, सुख, समृद्धि तथा शांति के लिए प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी तथा धन, धान्य और समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। घर-घर में दोनों देवताओं की मूर्तियां रख कर विधिवत पूजा पाठ किया जाता है। इसकी तैयारी के क्रम में सोमवार को बाजारों में मूर्तियों की जम कर खरीद हुई। बाजारों में सजाई गई दुकानों पर कई प्रकार की वेराइटियां अलग अलग कीमतों में मिल रही थी। इनकी कीमत 25 रुपये से लेकर तीन सौ तक थी। मिट्टी के अलावा चीनी मिट्टी तथा अन्य प्रकार की मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की खूब मांग हुई। शहर तथा ग्रामीण इलाकों की दुकानों पर देर शाम तक चहल पहल बनी रही।
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दीवाली की तैयारी में लोग जुटे
गाजीपुर। शुभ और लाभ के पर्व दीपावली की तैयारी को लेकर लोग घरों की साफ सफाई में जुट गए हैं। जहां घरों के रंग रोगन का काम भी चल रहा है, वहीं कमरों की भी सफाई में महिलाएं जुट गई हैं। इस पर्व की पूर्व संध्या पर खास सूरन की सब्जी खाने की परंपरा है। सोमवार को बाजार में इसकी भी मांग बनी रही। इसके मद्देनजर बाजार में सूरन का भाव भी आसमान छू रहा था। इसकी कीमत 30 रुपये से बढ़ कर साठ रुपये तक पहुंच गई थी।
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भंडारे के साथ श्रीराम महायज्ञ का समापन
दुबिहां। क्षेत्र के पहराजपुर गांव में सात दिनों से चल रहे श्रीराम महायज्ञ का सोमवार को समापन किया गया। इस मौके पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि महायज्ञ के तहत सुबह में मंत्रोच्चार तथा मंडप परिक्रमा हो रहा था। शाम के समय विद्वान कथा वाचकों की ओर से भगवत्कथा का वाचन किया जा रहा था। इस कार्यक्रम के चलते क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा। समापन के अवसर पर दूर दराज से आए साधू संतों की विदाई भी की गई। इस कार्यक्रम के आयोजक भोला बाबा ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की वजह से इस यज्ञ का पूरी तरह से सफल संचालन हुआ है। उन्होंने लोगों का आभार प्रक ट करते हुए कहा कि धर्म के कार्य में सहयोग करने वालों के यहां हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है। इस कार्यक्रम की सफलता में राजा राम जी, डा. विजेन्द्र सिंह, सुरेश साधू, डा. दिनेश उपाध्याय, सुनील सिंह, ओमप्रकाश कुशवाहा, आशुतोष राय आदि ने सराहनीय भूमिका निभाई।