{"_id":"59-78625","slug":"Ghazipur-78625-59","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ने जब्त कराए चौबीस स्कूलों के हाजिरी रजिस्टर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ने जब्त कराए चौबीस स्कूलों के हाजिरी रजिस्टर
Ghazipur
Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। जिले में नकल माफियाओं की जड़ें कितनी मजबूत है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि अधिकांश स्कू ल छात्रों की हाजिरी तक नहीं लगाते हैं। सिर्फ हाजिरी रजिस्टर पर 150 से 200 छात्रों के नाम लिखे होते हैं। इससे साफ हो गया है कि अधिकांश विद्यालयों में बाहर से छात्र आकर परीक्षा देते हैं। इसका खुलासा डीएम की जांच टीम ने किया है। दो दर्जन से अधिक विद्यालयों के हाजिरी रजिस्टर डीएम ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसको लेकर स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
बीते 20 सितंबर से स्कूलों की जांच जिले में चल रही है। कुछ दिनों तक जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों की जांच किए और कई खुलासे भी हुए। इन विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी किसी भी व्यक्ति को नहीं है। कुछ दिनों बाद डीएम ने गोपनीय टीम के माध्यम से विद्यालयों की जांच शुरू करा दी। जांच टीम ने जब जांच शुरू की तो जिले में हड़कंप मच गया। विद्यालय संचालकों को लगा कि अब उनकी गर्दन कभी भी फंस सकती है। डीएम की टीम ने जांच रिपोर्ट सौंपी तो कई खुलासे हुए। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश विद्यालयों में छात्रों की हाजिरी नहीं लगाई गई थी। रजिस्टर में सिर्फ छात्रों के नाम दर्ज किए जाते हैं। छात्राें का पूरा विवरण भी दर्ज नहीं किया गया था। इन छात्रों के संबंध में जब जांच टीम ने विद्यालय संचालकों से जानकारी मांगी तो वे इधर उधर की बातें करने लगे। अब तक डीएम की टीम ने दो दर्जन से अधिक स्कूलों की जांच पड़ताल की है।
एक भी विद्यालय में छात्रों ने हाजिरी नहीं लगाई है। इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भी लिखकर दिया है कि हम लोगों से गलती हो गई है। प्रधानाचार्यों ने भरोसा दिया कि दोबारा गलती नहीं करेंगे।
विज्ञापन
प्रधानाचार्यों ने माफीनामा पत्र डीएम को भेजा है। जांच टीम ने इनका रजिस्टर भी उठा लिया है। जांच टीम में शामिल एक अधिकारी की माने तो यह जिला नकल के मामले में काफी आगे है। यहां के विद्यालय नकल कराने के लिए हर हथकंडा अपनाते हैं। जब तक इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी तब तक इनका यह गोरखधंधा जारी रहेगा। इस संबंध में डीएम प्रभुएन सिंह ने बताया कि दो दर्जन से अधिक स्कूलों की हाजिरी रजिस्टर कब्जे में लेकर नाम पते की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि जांच में गड़बड़ी मिलने वाले सभी विद्यालयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
बीते 20 सितंबर से स्कूलों की जांच जिले में चल रही है। कुछ दिनों तक जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों की जांच किए और कई खुलासे भी हुए। इन विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी किसी भी व्यक्ति को नहीं है। कुछ दिनों बाद डीएम ने गोपनीय टीम के माध्यम से विद्यालयों की जांच शुरू करा दी। जांच टीम ने जब जांच शुरू की तो जिले में हड़कंप मच गया। विद्यालय संचालकों को लगा कि अब उनकी गर्दन कभी भी फंस सकती है। डीएम की टीम ने जांच रिपोर्ट सौंपी तो कई खुलासे हुए। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश विद्यालयों में छात्रों की हाजिरी नहीं लगाई गई थी। रजिस्टर में सिर्फ छात्रों के नाम दर्ज किए जाते हैं। छात्राें का पूरा विवरण भी दर्ज नहीं किया गया था। इन छात्रों के संबंध में जब जांच टीम ने विद्यालय संचालकों से जानकारी मांगी तो वे इधर उधर की बातें करने लगे। अब तक डीएम की टीम ने दो दर्जन से अधिक स्कूलों की जांच पड़ताल की है।
विज्ञापन
एक भी विद्यालय में छात्रों ने हाजिरी नहीं लगाई है। इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भी लिखकर दिया है कि हम लोगों से गलती हो गई है। प्रधानाचार्यों ने भरोसा दिया कि दोबारा गलती नहीं करेंगे।
विज्ञापन
प्रधानाचार्यों ने माफीनामा पत्र डीएम को भेजा है। जांच टीम ने इनका रजिस्टर भी उठा लिया है। जांच टीम में शामिल एक अधिकारी की माने तो यह जिला नकल के मामले में काफी आगे है। यहां के विद्यालय नकल कराने के लिए हर हथकंडा अपनाते हैं। जब तक इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी तब तक इनका यह गोरखधंधा जारी रहेगा। इस संबंध में डीएम प्रभुएन सिंह ने बताया कि दो दर्जन से अधिक स्कूलों की हाजिरी रजिस्टर कब्जे में लेकर नाम पते की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि जांच में गड़बड़ी मिलने वाले सभी विद्यालयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।