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मान्यता देने के नाम पर बेसिक में बड़ा खेल

Ghazipur Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में नए विद्यालयों को मान्यता देने के नाम पर बड़े पैमाने पर खेल चल रहा है। आरटीई का नियम का हवाला देकर सैकड़ों फाइलों को डंप कर दिया गया है जबकि अंदर-अंदर चहेतों को मान्यता देने के लिए फाइलें आगे बढ़ा दी जा रही हैं। विद्यालयों की मान्यता की संख्या बताने में विभाग जिस तरह विभागीय कर्मचारी उदासीन बने हुए हैं। उससे पूर ी प्रक्रिया पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
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जिले में 3900 से अधिक विद्यालय हैं। इसमें 1752 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय हैं। इसी तरह 725 विद्यालय जूनियर हैं। इसके साथ ही 1500 प्राइवेट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में पांच लाख से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। जिले में प्राथमिक और जूनियर स्कूल स्थापित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता मिलती है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट आवश्यक होती है। जहां तक मान्यता का सवाल है जिले में कितने प्राइवेट विद्यालयों को मान्यता दी गई है। इसका रिकार्ड बेसिक शिक्षा विभाग के पास नहीं हैं। इसको लेकर विभागीय अधिकारी एक दूसरे पर दोष मड़ रहे हैं। जबकि परियोजना कार्यालय लखनऊ की ओर से लगातार प्राइवेट विद्यालयों की संख्या मांगी जा रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी लाचार हैं। उन्हें खुद पता नहीं है कि कितने विद्यालयों को विभाग की तरफ से मान्यता दी गई है। उधर आरटीई का नियम लागू होने के बाद से विभाग के पटल सहायक के पास लगभग साढ़े सात सौ नई मान्यता के लिए फाइल डंप पड़ी हुई हैं। विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि नई फाइलों के प्रबंधक मानक को पूरा नहीं कर रहे हैं। जो विद्यालय मानक को पूरा नहीं करेंगे उनके विद्यालयों को मान्यता नहीं दी जाएगी। जबकि अंदरखाने से उन विद्यालयों के प्रबंधकों को मान्यता दी जा रही है जो अधिकारियों को खुश कर रहे हैं। यह बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों को दी गई मान्यता की जांच जिलाधिकारी करा दें तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ सकती है। हालांकि बीएसए वीपी सिंह का कहना है कि मानक पूरा नहीं करने के कारण पत्रावलियों का निस्तारण नहीं हो रहा है। मान्यता संबंधी कार्य आरटीई के निर्देशों के मुताबिक किया जाएगा।

फैक्ट फाइल
प्राथमिक विद्यालय 1752 में दो लाख 90 हजार छात्र
जूनियर हाईस्कूल 725 में 91 हजार छात्र

इनसेट
प्राथमिक की मान्यता के लिए मानक
प्राथमिक के लिए पांच कमरें 20 बाई 20 फीट का कक्ष
विद्यालय के नाम आधा एकड़ भूमि
शौचालय, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग
विद्यालय में पुस्तकालय का निर्माण
आग से बचाव के लिए अगिभन शमन यंत्र की स्थापना
हेडमास्टर एवं शिक्षकों के लिए कार्यालय
भवन का निर्माण भूकंपरोधी होना चाहिए।

इनसेट
जूनियर की मान्यता के लिए मानक
जूनियर के लिए तीन कक्षा कक्ष
खेलकूद का मैदान होना चाहिए
आधा एकड़ भूमि होनी चाहिए
जूनियर के कमरों की साइज 25 बाई 25 फीट की होनी चाहिए
हेडमास्टर और शिक्षकों के लिए कार्यालय

इनसेट
नर्सरी की मान्यता के नियम
गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग से नर्सरी की मान्यता लेने के लिए प्राइमरी स्कूलों की ही शर्तें लागू की जाएंगी। लेकिन प्राइमरी के कक्षों से दो कमरें अधिक होने चाहिए। यही नहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम से पांच हजार का एनएससी बंधक करना पड़ेगा।
इनसेट
मान्यता समिति का गठन
गाजीपुर। शासन ने आरटीई का नियम लागू करने के बाद परिषदीय विद्यालयों की मान्यता जारी करने के लिए जिले एवं मंडल स्तर के अधिकारियों की मान्यता समिति बनाई है। प्राथमिक विद्यालयों की मान्यता समिति में बीएसए, डिप्टी बीएसए और नगर शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है। इसी तरह जूनियर की मान्यता देने के लिए मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक और उप बेसिक शिक्षा अधिकारी अधिकृत किए गए हैं।

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