पूर्व प्रधान,वीडीओ सहित छह पर केस का आदेश

Ghazipur Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शनिवार को सदर कोतवाली के कुर्था गांव निवासी विंध्याचल सिंह ऊर्फ लोहा सिंह की अर्जी को स्वीकार करते हुए गांव के दो पूर्व प्रधान, दो वीडीओ सहित छह लोगों पर मुकदमा कायम करने का आदेश दिया है।
आवेदक लोहा सिंह के 156 (3) सीआरपीसी के तहत दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार कुर्था गांव में 2001 से 2005 तक शशिकला पत्नी नंदे सिंह 2005 से 2010 तक नंदे पुत्र हरिशंकर सिंह प्रधान रहे। दो दिसंबर 2008 को आवेदक लोहा सिंह द्वारा जिलाधिकारी के यहां ग्रामसभा के धन की लूट खसोट के संबंध में आवेदन शपथ पत्र के साथ दिया गया था। जिलाधिकारी ने जांच के लिए जिलापूर्ति अधिकारी को नियुक्त किया। जांच अधिकारी ने ग्रामसभा में विकास कार्यो एवं विपक्षी द्वारा किए गए धन के दुरुपयोग और लूट खसोट की जांच किया। जांच से पहले खंड विकास अधिकारी सदर, ग्राम पंचायत अधिकारी ग्राम सभा हुसैनपुर, वरिष्ठ सहायक लेखाकार से ग्रांसभा में शशिकला सिंह और उनके पति नंदे सिंह और ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार राय द्वारा कराए गए कार्यो से संबंधित प्रलेख लेकर जांच के समय उपस्थित रहने का आदेश दिया गया। इसके बावजूद भी जिलापूर्ति अधिकारी के आदेश का अवहेलना करते रहे एवं कोई प्रलेख उपलब्ध नहीं कराए। आवेदक ने उपरोक्त अधिकारी कर्मचारियों द्वारा जांच अधिकारी के जांच में सहयोग न करने एवं जांच को जानबूझ कर विलंबित करने के संबंध में जिलाधिकारी को आवेदन पत्र दिया गया। जिसमें जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी त्रिवेणी प्रसाद उपाध्याय को निलंबित करने एवं खंड विकास अधिकारी को कड़े निर्देश के साथ अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए आदेश दिया। तब आधा अधूरा अप्रमाणित अभिलेख जांच अधिकारी को उपलब्ध कराया गया। जांच अधिकारी ने अपनी आख्या जिलाधिकारी को दी तथा ग्राम सभा के ग्राम प्रधान, विकास अधिकारी तथा संबंधित अधिकारियों को दोषी पाते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की संस्तुति की गई। उपरोक्त नंदे सिंह अपने ग्राम प्रधानी कार्यकाल में ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार राय एवं त्रिवेणी प्रसाद उपाध्याय को साजिश में करके ग्रामसभा की विकास के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग, लूट-खसोट किया एवं अपात्र व्यक्तियों को वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, फर्जी जाब कार्ड आदि बनाया गया। इस संबंध में भी प्रार्थना पत्र दिया। इसके अलावा भी कई मामले में आवेदन पत्र उच्चाधिकारियों को दिया था। जिससे नाराज होकर नंदे सिंह आवेदक के घर पर चढ़कर उसे और उसके परिवार को भद्दी भद्दी गालियां दिया और विरोध करने पर जान माल की धमकी भी दी। अदालत ने अपने निष्कर्ष में यह दर्शित करते हुए कि प्रार्थना पत्र में वर्णित तथ्यों को देखने से स्पष्ट होता है कि आवेदक ने ग्रामसभा विकास के लिए आवंटित धन के दुरुपयोग एवं उसके लूट खसोट का आरोप विपक्षीगण पर लगाया है। तथ्यों से प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध कारित किया जाना पाते हुए उपरोक्त आदेश अदालत ने सदर कोतवाली प्रभारी को दिया है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी में नौकरियों का रास्ता खुला, अधीनस्‍थ सेवा चयन आयोग का हुआ गठन

सीएम योगी की मंजूरी के बाद सोमवार को मुख्यसचिव राजीव कुमार ने अधीनस्‍थ सेवा चयन बोर्ड का गठन कर दिया।

22 जनवरी 2018

Related Videos

कोहरे ने लगाया ऐसा ब्रेक, एक के बाद एक भिड़ीं कई गाड़ियां

वाराणसी-इलाहाबाद राजमार्ग पर गुरुवार को घने कोहरे के बीच दो एक सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम होने पर एक के बाद एक चार गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा गईं। इस हादसे में चार लोगों के घायल होने की भी खबर है।

21 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper