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पेंशन के लिए सुहागिनें भी बनीं विधवा
Ghazipur
Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। पेंशन पाने के लिए जिले में तरह-तरह के फरेब आजमाएं जा रहे हैं। सुहागिन महिलाएं विधवा बनने से भी नहीं चूक रही हैं। यही नहीं विभाग की कृपा से मुर्दों को भी पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है। इसका खुलासा खंड विकास अधिकारियों की जांच में हुआ है। अभी भी 20 हजार से अधिक पेंशनरों की जांच जारी है।
जिला प्रोवेशन कार्यालय की ओर से पति की मृत्यु के बाद महिला सहायक अनुदान योजना के तहत विधवाओं को सहायता मिलती है। विधवा महिलाओं को हर माह तीन सौ रुपये पेंशन के रूप में छह माह पर भेजे जाते हैं। जनपद के 1050 ग्राम पंचायतों में कुल 34246 विधवा महिलाओं को पेंशन की राशि जारी की जा रही है। शासन को शिकायत मिली थी कि विधवा पेेंशन योजना में गाजीपुर जनपद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से सधवा महिलाएं भी विधवा बनकर पेंशन योजना का लाभ उठा रही हैं। यही नहीं मृतकों के खाते में भी धनराशि भेजी जा रही है। इसकी जानकारी विभाग से जुड़े कर्मचारियों को भी है। सबसे अधिक गड़बड़ी कासिमाबाद, बाराचंवर, मुहम्मदाबाद, जमानियां सहित आधा दर्जन ब्लाकों में की गई है। शासन के निर्देश पर हुई जांच में अब तक कुल 186 पेंशनर अपात्र पाए गए हैं। इसमें अधिकांश सुहागिन महिलाएं शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक मुहम्मदाबाद में 2792 में 19 अपात्र पेंशनर पाई गई हैं। इसी तरह भांवरकोल में 2069 में 10, बाराचंवर 2180 में 22, कासिमाबाद 1772 में 18, बिरनो 1678 में 20,करंडा 1500 में 20, सदर 2899 52, जमानियां 2319 में 15, सादात 2417 में 6 और जखनियां 1705 पेंशनरों के सापेक्ष 4 पेंशनर अपात्र पाए गए हैं। सभी अपात्र पेंशनरों की पेंशन की अगली किश्त पर ब्रेक लगा दिया गया है। इसके साथ अभी मरदह, सैदपुर, देवकली, भदौरा, रेवतीपुर और मनिहारी ब्लाक के पेंशनरों की जांच जारी है। इस संबंध में जिला प्रोवेशन अधिकारी लालमणि मौर्या ने बताया कि विधवा पेंशनरों की जांच अभी जारी है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद अपात्र पेंशनरों की पेंशन निरस्त कर दिया जाएगा।
इनसेट
पेंशनरों की पात्रता की जांच के आदेश
गाजीपुर। जिले में पेंशनरों की पात्रता की जांच के आदेश दिए गए हैं। वृद्धा और विधवा पेंशनरों के साथ ही मुख्यमंत्री आर्थिक मदद योजना की भी जांच चल रही है। जांच में तेजी लाने के लिए सभी बीडीओ को कड़ा पत्र भी लिखा गया है। फर्जी पेंशन जारी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।- प्रभु एन सिंह जिलाधिकारी
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जिला प्रोवेशन कार्यालय की ओर से पति की मृत्यु के बाद महिला सहायक अनुदान योजना के तहत विधवाओं को सहायता मिलती है। विधवा महिलाओं को हर माह तीन सौ रुपये पेंशन के रूप में छह माह पर भेजे जाते हैं। जनपद के 1050 ग्राम पंचायतों में कुल 34246 विधवा महिलाओं को पेंशन की राशि जारी की जा रही है। शासन को शिकायत मिली थी कि विधवा पेेंशन योजना में गाजीपुर जनपद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से सधवा महिलाएं भी विधवा बनकर पेंशन योजना का लाभ उठा रही हैं। यही नहीं मृतकों के खाते में भी धनराशि भेजी जा रही है। इसकी जानकारी विभाग से जुड़े कर्मचारियों को भी है। सबसे अधिक गड़बड़ी कासिमाबाद, बाराचंवर, मुहम्मदाबाद, जमानियां सहित आधा दर्जन ब्लाकों में की गई है। शासन के निर्देश पर हुई जांच में अब तक कुल 186 पेंशनर अपात्र पाए गए हैं। इसमें अधिकांश सुहागिन महिलाएं शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक मुहम्मदाबाद में 2792 में 19 अपात्र पेंशनर पाई गई हैं। इसी तरह भांवरकोल में 2069 में 10, बाराचंवर 2180 में 22, कासिमाबाद 1772 में 18, बिरनो 1678 में 20,करंडा 1500 में 20, सदर 2899 52, जमानियां 2319 में 15, सादात 2417 में 6 और जखनियां 1705 पेंशनरों के सापेक्ष 4 पेंशनर अपात्र पाए गए हैं। सभी अपात्र पेंशनरों की पेंशन की अगली किश्त पर ब्रेक लगा दिया गया है। इसके साथ अभी मरदह, सैदपुर, देवकली, भदौरा, रेवतीपुर और मनिहारी ब्लाक के पेंशनरों की जांच जारी है। इस संबंध में जिला प्रोवेशन अधिकारी लालमणि मौर्या ने बताया कि विधवा पेंशनरों की जांच अभी जारी है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद अपात्र पेंशनरों की पेंशन निरस्त कर दिया जाएगा।
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पेंशनरों की पात्रता की जांच के आदेश
गाजीपुर। जिले में पेंशनरों की पात्रता की जांच के आदेश दिए गए हैं। वृद्धा और विधवा पेंशनरों के साथ ही मुख्यमंत्री आर्थिक मदद योजना की भी जांच चल रही है। जांच में तेजी लाने के लिए सभी बीडीओ को कड़ा पत्र भी लिखा गया है। फर्जी पेंशन जारी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।- प्रभु एन सिंह जिलाधिकारी
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