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जिले में बनेंगे दस माडल आंगनबाड़ी केंद्र
Ghazipur
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। जिले के सभी ब्लाकों में अब दस-दस माडल आंगनबाड़ी केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों को शत प्रतिशत सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। इसके लिए 15 मई तक चयनित केंद्रों की सूची शासन को भेजी जाएगी।
पूरे जनपद में 4218 आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से पंजीकृत तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को पुष्टाहार के अलावा अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। इन बच्चों को हाटकुक्ड योजना का लाभ भी दिया जाता है। यही नहीं इनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाता है। इसके अलावा धात्री महिलाएं भी योजना का लाभ लेती हैं। शासन को शिकायत मिली थी कि पंजीरी वितरण में बड़े पैमाने पर घालमेल किया जा रहा है। जिससे योजना का लाभ पात्र लोगों को नहीं मिल पा रहा है। दो दिन पहले महिला बाल विकास पुष्टाहार मंत्री रामगोविंद चौधरी की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों की हुई बैठक में सभी ब्लाकों में दस-दस आंगनबाड़ी केंद्रों को माडल के रूप में विकसित करने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। माडल केंद्रों पर शत प्रतिशत आवंटन होना चाहिए। इसके लिए ब्लाक स्तरीय अधिकारी सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर माडल केंद्रों का चयन कर सूची उपलब्ध कराएंगे। इस विभाग की कमियों को दूर करने के सार्थक प्रयास किए जाएंगे। पंजीरी बेचने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सीधे बर्खास्त किया जाएगा। बैठक से लौट कर आईं जिला कार्यक्रम अधिकारी इंदूबाला श्रीवास्तव ने बताया कि माडल केंद्रों का चयन करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 14 मई तक विभाग को इन केंद्रों की सूची प्राप्त हो जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना में पारदर्शिता लाने के लिए सभी को गंभीरता से कार्य करना पड़ेगा।
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पूरे जनपद में 4218 आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से पंजीकृत तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को पुष्टाहार के अलावा अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। इन बच्चों को हाटकुक्ड योजना का लाभ भी दिया जाता है। यही नहीं इनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाता है। इसके अलावा धात्री महिलाएं भी योजना का लाभ लेती हैं। शासन को शिकायत मिली थी कि पंजीरी वितरण में बड़े पैमाने पर घालमेल किया जा रहा है। जिससे योजना का लाभ पात्र लोगों को नहीं मिल पा रहा है। दो दिन पहले महिला बाल विकास पुष्टाहार मंत्री रामगोविंद चौधरी की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों की हुई बैठक में सभी ब्लाकों में दस-दस आंगनबाड़ी केंद्रों को माडल के रूप में विकसित करने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। माडल केंद्रों पर शत प्रतिशत आवंटन होना चाहिए। इसके लिए ब्लाक स्तरीय अधिकारी सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर माडल केंद्रों का चयन कर सूची उपलब्ध कराएंगे। इस विभाग की कमियों को दूर करने के सार्थक प्रयास किए जाएंगे। पंजीरी बेचने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सीधे बर्खास्त किया जाएगा। बैठक से लौट कर आईं जिला कार्यक्रम अधिकारी इंदूबाला श्रीवास्तव ने बताया कि माडल केंद्रों का चयन करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 14 मई तक विभाग को इन केंद्रों की सूची प्राप्त हो जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना में पारदर्शिता लाने के लिए सभी को गंभीरता से कार्य करना पड़ेगा।
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