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निकाह में फिजूलखर्ची से बर्बाद हो रहे हम
Ghazipur
Updated Tue, 01 Apr 2014 05:30 AM IST
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बारा। क्षेत्र के ग्राम ताजपुर कुर्रा स्थित मदरसा तेगिया बख्शिया बदरूल उलूम के तत्वावधान में आयोजित इस्लाह ए मोआशरा कांफ्रें स व दस्तार बंदी का कार्यक्रम रविवार की रात खानकाह ए बख्शिया आस्ताना ए बदरिया के प्रांगण में हुआ। इसकी अध्यक्षता अलहाज सूफ ी मो. बदरूद्दीन खां ने किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फतवा जामे अरबिया अरबी युनिवर्सिटी मुबारकपुर के उप विभागाध्यक्ष मौलाना मुफ्ती बद्रेआलम ने कहा कि निकाह में फिजूलखर्ची से हम बर्बाद हो रहे हैं।
इस मौके पर बद्रेआलम ने कहा कि आज मुसलमानों की बदहाली का मुख्य कारण दीन से किनारा करना है। हमने इस्लाम के बताए हुए रास्ते को छोड़ दिया है। हमारे दीनी रहनुमा व आलिम धर्म का काम कम पाखंड ज्यादा कर रहे हैं। आंखों के सामने ही सुन्नत ए रसूल के खिलाफ निकाह हो रहा है लेकिन बोलने की हिम्मत नहीं जबकि दावा ये करते हैं कि हम अल्लाह के रसूल के चाहने वाले हैं। ऐ लोगों सुन लो कि हमारे रसूल ने निकाह को आसान बनाने और बेजा रश्म व रिवाज तथा फिजूलखर्ची से दूर रहने का हुक्म दिया है। निकाह जितना आसान और कम खर्च में होगी, उतना ही अधिक हमारे ऊपर अल्लाह की रहमत होगी। सिर्फ निकाह मंहगी होने के कारण आज हम तबाह और बर्बाद हो रहे हैं। अलीगढ़ विश्वविद्यालय के उर्दू प्रवक्ता डॉ. सेराजुद्दीन अजमली ने कहा कि कुरान हुक्म के मुताबिक हमें बच्चियों दुख्तरी हक देना चाहिए, क्योंकि अल्लाह ने माता-पिता के जायदाद में बच्चियों को दिया है। उनका हक न देने वाला अजाब ए एलाही में गिरफ्तार होगा। मौ. रईसुल खैरी ने कहा कि जितना मदरसा मजबूत होगा। जलसे की शुरूआत कारी शहाबुद्दीन के तिलावत ए कलाम पाक हुआ। एकराम खान बरावी, अखतर गाजीपुरी ने नातपाक पेश किया। इस मौके पर मर्कजी इस्लाही कमेटी के सदर डा. सलाहुद्दीन खां, अनवारूल कादरी , दुआ अलहाज मु. रियाज हुसैन शम्सी, इस्तकबाल सूफ ी हाफि ज गुलाम मोहीउद्दीन कादरी, उपस्थित रहे।
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इस मौके पर बद्रेआलम ने कहा कि आज मुसलमानों की बदहाली का मुख्य कारण दीन से किनारा करना है। हमने इस्लाम के बताए हुए रास्ते को छोड़ दिया है। हमारे दीनी रहनुमा व आलिम धर्म का काम कम पाखंड ज्यादा कर रहे हैं। आंखों के सामने ही सुन्नत ए रसूल के खिलाफ निकाह हो रहा है लेकिन बोलने की हिम्मत नहीं जबकि दावा ये करते हैं कि हम अल्लाह के रसूल के चाहने वाले हैं। ऐ लोगों सुन लो कि हमारे रसूल ने निकाह को आसान बनाने और बेजा रश्म व रिवाज तथा फिजूलखर्ची से दूर रहने का हुक्म दिया है। निकाह जितना आसान और कम खर्च में होगी, उतना ही अधिक हमारे ऊपर अल्लाह की रहमत होगी। सिर्फ निकाह मंहगी होने के कारण आज हम तबाह और बर्बाद हो रहे हैं। अलीगढ़ विश्वविद्यालय के उर्दू प्रवक्ता डॉ. सेराजुद्दीन अजमली ने कहा कि कुरान हुक्म के मुताबिक हमें बच्चियों दुख्तरी हक देना चाहिए, क्योंकि अल्लाह ने माता-पिता के जायदाद में बच्चियों को दिया है। उनका हक न देने वाला अजाब ए एलाही में गिरफ्तार होगा। मौ. रईसुल खैरी ने कहा कि जितना मदरसा मजबूत होगा। जलसे की शुरूआत कारी शहाबुद्दीन के तिलावत ए कलाम पाक हुआ। एकराम खान बरावी, अखतर गाजीपुरी ने नातपाक पेश किया। इस मौके पर मर्कजी इस्लाही कमेटी के सदर डा. सलाहुद्दीन खां, अनवारूल कादरी , दुआ अलहाज मु. रियाज हुसैन शम्सी, इस्तकबाल सूफ ी हाफि ज गुलाम मोहीउद्दीन कादरी, उपस्थित रहे।
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