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तीस केंद्रों से धान खरीद की बोहनी तक नहीं हुई
Ghazipur
Updated Mon, 23 Dec 2013 05:44 AM IST
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गाजीपुर। जिले में धान खरीद का काम जोर पकड़ने लगा है। अब तक 2484 मीट्रिक टन से अधिक की खरीद की गई है। खरीद शुरू हुए ढाई महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अभी भी 30 क्रय केंद्रों की बोहनी नहीं हो सकी है। ऐसा केंद्रों की उदासीनता को माना जा रहा है। ऐसे में शेष बची अवधि में धान खरीद का लक्ष्य प्राप्त कर पाना आसान नहीं होगा।
शासन की ओर से इस वर्ष जिले को 60 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खरीद के लिए विभिन्न संस्थाओं के 49 क्रयकेन्द्र खोले गए। इसमें विपणन के 8, पीसीएफ के सबसे ज्यादा 30, कर्मचारी कल्याण निगम 4, यूपी एग्रो एक, यूपीएसएस दो, एनसीपीएफ दो तथा एफसीआई के दो क्रय केंद्रों को धान खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई। दूसरी ओर खरीद करने वाली संस्थाओं में विपणन को 20 हजार मीट्रिक टन, पीसीएफ को 19 हजार, कर्मचारी कल्याण निगम छह हजार, एफसीआई छह हजार तथा यूपीएसएस, एनसीसीएफ और एग्रो को तीन-तीन हजार मीटि्रक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष खरीद भी देर से शुरू हुई। पिछले वर्ष 17 नवंबर से खरीद शुरू हो गई थी।
मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष अब तक जिले में 2484.02 मीट्रिक टन धान की खरीद गई है। इसमें मार्केटिंग 2334 मीट्रिक टन, कर्मचारी कल्याण निगम 75 मीट्रिक टन, पीसीएफ 72 मीट्रिक टन तथा एनसीसीएफ ने 2.4 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। धान की खरीद 388 किसानों से की गई है।
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हैरानी की बात यह है कि क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू हुए ढाई महीने से अधिक का समय बीत गया है लेकिन अभी भी कई संस्थाओं के क्रयकेंद्रों की बोहनी नहीं हो सकी है। जिले में खोले गए 49 केन्द्रों में से 30 केन्द्रों से छटांक भर भी धान की खरीद नहीं हुई है। इस वर्ष धान खरीद के लिए पंद्रह आढ़तियों का भी चयन किया गया है।
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शासन की ओर से इस वर्ष जिले को 60 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खरीद के लिए विभिन्न संस्थाओं के 49 क्रयकेन्द्र खोले गए। इसमें विपणन के 8, पीसीएफ के सबसे ज्यादा 30, कर्मचारी कल्याण निगम 4, यूपी एग्रो एक, यूपीएसएस दो, एनसीपीएफ दो तथा एफसीआई के दो क्रय केंद्रों को धान खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई। दूसरी ओर खरीद करने वाली संस्थाओं में विपणन को 20 हजार मीट्रिक टन, पीसीएफ को 19 हजार, कर्मचारी कल्याण निगम छह हजार, एफसीआई छह हजार तथा यूपीएसएस, एनसीसीएफ और एग्रो को तीन-तीन हजार मीटि्रक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष खरीद भी देर से शुरू हुई। पिछले वर्ष 17 नवंबर से खरीद शुरू हो गई थी।
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मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष अब तक जिले में 2484.02 मीट्रिक टन धान की खरीद गई है। इसमें मार्केटिंग 2334 मीट्रिक टन, कर्मचारी कल्याण निगम 75 मीट्रिक टन, पीसीएफ 72 मीट्रिक टन तथा एनसीसीएफ ने 2.4 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। धान की खरीद 388 किसानों से की गई है।
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हैरानी की बात यह है कि क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू हुए ढाई महीने से अधिक का समय बीत गया है लेकिन अभी भी कई संस्थाओं के क्रयकेंद्रों की बोहनी नहीं हो सकी है। जिले में खोले गए 49 केन्द्रों में से 30 केन्द्रों से छटांक भर भी धान की खरीद नहीं हुई है। इस वर्ष धान खरीद के लिए पंद्रह आढ़तियों का भी चयन किया गया है।