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कामधेनु मिनी डेयरी में दिखा जबर्दस्त उत्साह
Ghazipur
Updated Thu, 19 Dec 2013 05:44 AM IST
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गाजीपुर। प्रदेश में दूध धारा बहाने की सरकार की मंशा रंग लाती दिख रही है। इसका प्रमाण कामधेनु योजना में मिले 58 आवेदन पत्र हैं। मिनी डेयरी लगाने की इस योजना के तहत जिले के लोगों ने जोरदार उत्साह दिखाया है। 21 दिसंबर को लाभार्थियों का साक्षात्कार आयोजित है।
प्रदेश सरकार की ओर से डेयरी विकास के लिए सार्थक पहल की गई है। प्रदेश में उच्च गुणवत्ता के पशुओं की संख्या बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी करने तथा रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने के लिए मिनी कामधेनु डेयरी इकाइयों के ब्याजमुक्त ऋण योजना संचालित की जा रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत इस योजना में प्रदेश में प्रथम चरण में 50 दुधारू गाय-भैसों की 150 यूनिट स्थापित की जाएगी। एक यूनिट को स्थापित होने में कुल 52 लाख 35 हजार की लागत आएगी। इसमें 25 प्रतिशत पशुपालक को निवेश करना होगा, जबकि 75 फीसदी राशि बैंक से बतौर ऋण मिलेगी। इस योजना के लिए गाजीपुर का भी चयन किया गया है। योजना के तहत मिनी कामधेनु डेयरी इकाइयों की स्थापना को लेकर जिले के लोगों ने गजब का उत्साह दिखाया है। पशुपालन विभाग को योजना के तहत 58 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। लाभार्थियों के चयन के लिए समिति गठित की गई है। इसमें मुख्य विकास अधिकारी अध्यक्ष, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी संयोजक-सचिव तथा लीड बैंक आफिसर और दुग्ध विकास अधिकारी सदस्य होंगे। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसपी यादव ने बताया कि सीडीओ की अध्यक्षता में समिति गठित है। 21 दिसंबर को दिन में 10 बजे से विकास भवन में लाभार्थियों का साक्षात्कार आयोजित है।
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प्रदेश सरकार की ओर से डेयरी विकास के लिए सार्थक पहल की गई है। प्रदेश में उच्च गुणवत्ता के पशुओं की संख्या बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी करने तथा रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने के लिए मिनी कामधेनु डेयरी इकाइयों के ब्याजमुक्त ऋण योजना संचालित की जा रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत इस योजना में प्रदेश में प्रथम चरण में 50 दुधारू गाय-भैसों की 150 यूनिट स्थापित की जाएगी। एक यूनिट को स्थापित होने में कुल 52 लाख 35 हजार की लागत आएगी। इसमें 25 प्रतिशत पशुपालक को निवेश करना होगा, जबकि 75 फीसदी राशि बैंक से बतौर ऋण मिलेगी। इस योजना के लिए गाजीपुर का भी चयन किया गया है। योजना के तहत मिनी कामधेनु डेयरी इकाइयों की स्थापना को लेकर जिले के लोगों ने गजब का उत्साह दिखाया है। पशुपालन विभाग को योजना के तहत 58 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। लाभार्थियों के चयन के लिए समिति गठित की गई है। इसमें मुख्य विकास अधिकारी अध्यक्ष, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी संयोजक-सचिव तथा लीड बैंक आफिसर और दुग्ध विकास अधिकारी सदस्य होंगे। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसपी यादव ने बताया कि सीडीओ की अध्यक्षता में समिति गठित है। 21 दिसंबर को दिन में 10 बजे से विकास भवन में लाभार्थियों का साक्षात्कार आयोजित है।
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